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Kushinagar News: फर्जीवाड़े के मास्टमाइंड भोला का भाई पुलिस के रडार पर
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कुशीनगर। हमीरपुर जिले में फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर वसूली करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। मास्टरमाइंड भोला के सगे भाई सागर यादव व कृष्णा की तलाश में कुशीनगर पुलिस की मदद से हमीरपुर पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत की तहरीर पर 22 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज हुई थी। सीसीटीवी कैमरों, मोबाइल के सीडीआर और अन्य साक्ष्यों की जांच में भोला यादव की भूमिका सामने आई। भोला यादव तमकुहीराज थाना क्षेत्र के चंद्रशेखर आजाद नगर का निवासी है।
पूछताछ में पता चला कि भोला अपने साथी कृष्णा और भाई सागर के साथ मिलकर बिहार सीमा से जीएसटी चोरी वाले ट्रकों को पास कराता था। सीमा पर सख्ती बढ़ने के बाद गिरोह ने ढाबों और होटलों पर रुके ट्रक चालकों से अवैध वसूली शुरू कर दी। वे फर्जी जीएसटी अधिकारी का परिचय पत्र दिखाकर ट्रकों को रोकते थे।
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यह गिरोह पहले बिहार सीमा पर जीएसटी चोरी करने वाले ट्रकों को चोरी-छिपे पास कराता था। सीमा पर निगरानी बढ़ने के कारण उन्होंने अपनी कार्यप्रणाली बदल दी। उन्होंने ढाबों और होटलों पर रुके ट्रक चालकों और मालिकों से सांठगांठ की। फर्जी परिचय पत्र दिखाकर वे ट्रकों को रोकते और अवैध वसूली करते थे। गिरोह के सदस्य खुद को जीएसटी अधिकारी हर्षित कुमार कानपुर मंडल बताते थे।
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पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत की तहरीर पर 22 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज हुई थी। सीसीटीवी कैमरों, मोबाइल के सीडीआर और अन्य साक्ष्यों की जांच में भोला यादव की भूमिका सामने आई। भोला यादव तमकुहीराज थाना क्षेत्र के चंद्रशेखर आजाद नगर का निवासी है।
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पूछताछ में पता चला कि भोला अपने साथी कृष्णा और भाई सागर के साथ मिलकर बिहार सीमा से जीएसटी चोरी वाले ट्रकों को पास कराता था। सीमा पर सख्ती बढ़ने के बाद गिरोह ने ढाबों और होटलों पर रुके ट्रक चालकों से अवैध वसूली शुरू कर दी। वे फर्जी जीएसटी अधिकारी का परिचय पत्र दिखाकर ट्रकों को रोकते थे।
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यह गिरोह पहले बिहार सीमा पर जीएसटी चोरी करने वाले ट्रकों को चोरी-छिपे पास कराता था। सीमा पर निगरानी बढ़ने के कारण उन्होंने अपनी कार्यप्रणाली बदल दी। उन्होंने ढाबों और होटलों पर रुके ट्रक चालकों और मालिकों से सांठगांठ की। फर्जी परिचय पत्र दिखाकर वे ट्रकों को रोकते और अवैध वसूली करते थे। गिरोह के सदस्य खुद को जीएसटी अधिकारी हर्षित कुमार कानपुर मंडल बताते थे।