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Lakhimpur Kheri News: अभिलेखों में नाम गलत, योजनाओं से दूर नेत्रहीन
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 13 Mar 2026 11:38 PM IST
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भीरा। ग्राम पंचायत सोनपीपर के मजरा रजवापुर निवासी 60 वर्षीय नेत्रहीन दिव्यांग रामकुमार सरकारी अभिलेखों में नाम गलत दर्ज होने के कारण कई योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। जमीन के कागजों में उनका नाम छोटेलाल दर्ज है, जबकि आधार कार्ड में रामकुमार लिखा है।
इसी गड़बड़ी के चलते उन्हें राशन कार्ड, आवास और शौचालय जैसी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। रामकुमार ने बताया कि करीब आठ वर्ष पहले बीमारी के कारण उनकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई थी। कई डॉक्टरों को दिखाने के बावजूद फायदा नहीं हुआ और तब से वह दूसरों पर निर्भर हैं। उनके पास न राशन कार्ड है और न ही किसी सरकारी योजना का लाभ मिल सका है।
रामकुमार के अनुसार उनके पास करीब दो बीघा जमीन है, लेकिन उसके अभिलेखों में छोटेलाल नाम दर्ज है। आधार कार्ड में रामकुमार नाम होने से कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।
इस गड़बड़ी को ठीक कराने के लिए उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगाने होंगे, लेकिन नेत्रहीनता के कारण वह लाचार हैं। उन्होंने बताया कि उनकी शादी बिहार की माला से हुई थी, जिनका करीब 15 साल पहले निधन हो गया।
उनकी कोई संतान भी नहीं है। गांव के एक युवक ने उनकी स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिसमें उन्होंने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। संवाद
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रामकुमार को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जरूरी कागजात और बैंक खाता उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था, लेकिन दस्तावेज पूरे न होने से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
-तेजपाल, प्रधान, सोनपीपर
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मामले की जांच कराई जाएगी। यदि पीड़ित योजनाओं से वंचित पाया गया तो उसे लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
-महाबीर सिंह, बीडीओ, बिजुआ
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इसी गड़बड़ी के चलते उन्हें राशन कार्ड, आवास और शौचालय जैसी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। रामकुमार ने बताया कि करीब आठ वर्ष पहले बीमारी के कारण उनकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई थी। कई डॉक्टरों को दिखाने के बावजूद फायदा नहीं हुआ और तब से वह दूसरों पर निर्भर हैं। उनके पास न राशन कार्ड है और न ही किसी सरकारी योजना का लाभ मिल सका है।
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रामकुमार के अनुसार उनके पास करीब दो बीघा जमीन है, लेकिन उसके अभिलेखों में छोटेलाल नाम दर्ज है। आधार कार्ड में रामकुमार नाम होने से कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।
इस गड़बड़ी को ठीक कराने के लिए उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगाने होंगे, लेकिन नेत्रहीनता के कारण वह लाचार हैं। उन्होंने बताया कि उनकी शादी बिहार की माला से हुई थी, जिनका करीब 15 साल पहले निधन हो गया।
उनकी कोई संतान भी नहीं है। गांव के एक युवक ने उनकी स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिसमें उन्होंने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। संवाद
रामकुमार को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जरूरी कागजात और बैंक खाता उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था, लेकिन दस्तावेज पूरे न होने से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
-तेजपाल, प्रधान, सोनपीपर
मामले की जांच कराई जाएगी। यदि पीड़ित योजनाओं से वंचित पाया गया तो उसे लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
-महाबीर सिंह, बीडीओ, बिजुआ