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Lalitpur News: खेत पर गए किसान की हालत बिगड़ने से मौत
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ललितपुर। थाना पाली के ग्राम बछलापुर में खेत में गए किसान की अचानक हालत बिगड़ गई, वह किसी प्रकार घर पहुंचा और परिजनों को हालत बिगड़ने की बात बताई। इस पर परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले गए, जहां से उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई, जिस पर परिजन उसके शव को वापस मेडिकल कॉलेज ले आए। जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ग्राम बछलापुर निवासी राकेश कुशवाहा ने बताया कि उसका छोटा भाई कुंदनलाल (49) पुत्र उमराव कुशवाहा सोमवार को सुबह सात बजे रोज की तरह खेत पर फसलें देखने के लिए गया था। लगभग दो घंटे बाद सुबह नौ बजे घर पहुंचा तो उसकी हालत बिगड़ गई थी और उसे पसीना आ रहा था व उसे घबराहट हो रही थी। यह देख परिजन उसे तत्काल बिरधा अस्पताल ले गए, जहां उसकी हालत अधिक बिगड़ने पर चिकित्सक ने उसे मेडिकल कॉलेज ललितपुर रेफर कर दिया। यहां भी उसकी हालत और बिगड़ती देख चिकित्सकों ने उसे झांसी रेफर कर दिया। झांसी ले जाते समय रास्ते में ही कुंदनलाल की मौत हो गई। इस पर परिजन उसे वापस मेडिकल कॉलेज ले आए। मेडिकल कॉलेज से मेमो मिलने पर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बड़े भाई ने बताया कि मृतक के दो बेटे हैं और वह तीन बहनों व दो भाइयों में चौथे नंबर का था। बताया कि कुंदनलाल के पास पौने एकड़ जमीन थी और उसने इस बार उड़द, मूंग, मूंगफली की फसल बोई थी, जिसमें उड़द व मूंग की फसलें भारी बारिश के चलते खराब हो गई थी।
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ग्राम बछलापुर निवासी राकेश कुशवाहा ने बताया कि उसका छोटा भाई कुंदनलाल (49) पुत्र उमराव कुशवाहा सोमवार को सुबह सात बजे रोज की तरह खेत पर फसलें देखने के लिए गया था। लगभग दो घंटे बाद सुबह नौ बजे घर पहुंचा तो उसकी हालत बिगड़ गई थी और उसे पसीना आ रहा था व उसे घबराहट हो रही थी। यह देख परिजन उसे तत्काल बिरधा अस्पताल ले गए, जहां उसकी हालत अधिक बिगड़ने पर चिकित्सक ने उसे मेडिकल कॉलेज ललितपुर रेफर कर दिया। यहां भी उसकी हालत और बिगड़ती देख चिकित्सकों ने उसे झांसी रेफर कर दिया। झांसी ले जाते समय रास्ते में ही कुंदनलाल की मौत हो गई। इस पर परिजन उसे वापस मेडिकल कॉलेज ले आए। मेडिकल कॉलेज से मेमो मिलने पर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बड़े भाई ने बताया कि मृतक के दो बेटे हैं और वह तीन बहनों व दो भाइयों में चौथे नंबर का था। बताया कि कुंदनलाल के पास पौने एकड़ जमीन थी और उसने इस बार उड़द, मूंग, मूंगफली की फसल बोई थी, जिसमें उड़द व मूंग की फसलें भारी बारिश के चलते खराब हो गई थी।
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