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Maharajganj News: पेयजल स्रोत सुरक्षा व संरक्षण के लिए बनाई जाएगी विशेष समिति
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पंचायत से जनपद स्तर तक के जिम्मेदार होंगे शामिल
समय समय पर पेयजल गुणवत्ता की होगी जांच
महराजगंज। ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाओं के जल स्रोतों की दीर्घकालिक सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी अब जिले व ग्राम पंचायत स्तर पर गठित विशेष समितियों की होगी। यह समितियां जल स्रोतों की निगरानी, संरक्षण, गुणवत्ता परीक्षण और जल संकट वाले क्षेत्रों की पहचान कर समय रहते समाधान सुनिश्चित करेंगी। जल निगम को इसके लिए निर्देश मिले हैं।
जल निगम के अधिशासी अभियंता ने बताया कि अपर मुख्य सचिव की तरफ से मिले निर्देश पत्र के मुताबिक जिला स्तर पर सोर्स सस्टेनेबिलिटी कमेटी (संसाधन संरक्षण समिति) गठित करनी है। इसकी अध्यक्षता अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) करेंगे। समिति में जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, सिंचाई विभाग, भूगर्भ जल विभाग और अन्य तकनीकी विभाग के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।
कमेटी का काम पेयजल स्रोतों की मौसमी समीक्षा, जल गुणवत्ता में गिरावट वाले गांव की पहचान, संरक्षण योजनाओं की निगरानी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना रहेगा। ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति (वीडब्ल्यूएससी) भी ग्राम पंचायत सोर्स सस्टेनेबिलिटी कमेटी के रूप में कार्य करेगी।
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वर्जन
शासन स्तर से प्राप्त निर्देश क्रम में शीघ्र जनपद स्तर व ग्राम स्तर के अधिकारियों की संयुक्त कमेटी पेयजल संरक्षण व शुद्धता जांच के लिए गठित की जाएगी।
- आतिफ हुसैन, अधिशासी अभियंता, जल निगम, महराजगंज।
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समय समय पर पेयजल गुणवत्ता की होगी जांच
महराजगंज। ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाओं के जल स्रोतों की दीर्घकालिक सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी अब जिले व ग्राम पंचायत स्तर पर गठित विशेष समितियों की होगी। यह समितियां जल स्रोतों की निगरानी, संरक्षण, गुणवत्ता परीक्षण और जल संकट वाले क्षेत्रों की पहचान कर समय रहते समाधान सुनिश्चित करेंगी। जल निगम को इसके लिए निर्देश मिले हैं।
जल निगम के अधिशासी अभियंता ने बताया कि अपर मुख्य सचिव की तरफ से मिले निर्देश पत्र के मुताबिक जिला स्तर पर सोर्स सस्टेनेबिलिटी कमेटी (संसाधन संरक्षण समिति) गठित करनी है। इसकी अध्यक्षता अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) करेंगे। समिति में जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, सिंचाई विभाग, भूगर्भ जल विभाग और अन्य तकनीकी विभाग के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।
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कमेटी का काम पेयजल स्रोतों की मौसमी समीक्षा, जल गुणवत्ता में गिरावट वाले गांव की पहचान, संरक्षण योजनाओं की निगरानी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना रहेगा। ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति (वीडब्ल्यूएससी) भी ग्राम पंचायत सोर्स सस्टेनेबिलिटी कमेटी के रूप में कार्य करेगी।
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वर्जन
शासन स्तर से प्राप्त निर्देश क्रम में शीघ्र जनपद स्तर व ग्राम स्तर के अधिकारियों की संयुक्त कमेटी पेयजल संरक्षण व शुद्धता जांच के लिए गठित की जाएगी।
- आतिफ हुसैन, अधिशासी अभियंता, जल निगम, महराजगंज।