{"_id":"69f665e809c2d099e10e32b2","slug":"discussion-on-buddhas-thoughts-candle-march-with-message-of-peace-maharajganj-news-c-227-1-sgkp1033-157534-2026-05-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: बुद्ध के विचारों पर चर्चा, शांति के संदेश के साथ कैंडल मार्च निकाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: बुद्ध के विचारों पर चर्चा, शांति के संदेश के साथ कैंडल मार्च निकाला
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 03 May 2026 02:30 AM IST
विज्ञापन
कपिलवस्तु स्थित एक बालगृह में सामग्री वितरित की गई।
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर वैश्विक शांति और महात्मा गौतम बुद्ध का संदेश विषयक कार्यक्रम शुक्रवार की रात में आयोजित किया गया।
विश्वविद्यालय जो महात्मा गौतम बुद्ध के नाम पर तथा उनकी क्रीड़ास्थली कपिलवस्तु में अवस्थित है, इस दृष्टि से यह पर्व विशेष महत्व रखता है। इस विषय पर चर्चा की गई। प्रशासनिक भवन से नवनिर्मित गेट एवं बुद्ध प्रतिमा तक विश्व शांति के लिए कैंडल मार्च निकाला गया।
शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं ने भगवान बुद्ध की करुणा हो, विश्व में शांति हो, के उद्घोष के साथ शांति का संदेश दिया। इसमें धम्मचक्र की आकर्षक रंगोली एवं दीपदान किया गया, जिससे वातावरण आध्यात्मिक एवं आलोकित हो उठा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।
कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि तथागत बुद्ध विश्व की अमूल्य धरोहर हैं, जिनकी शिक्षाएं आज भी अत्यंत प्रासंगिक हैं। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में, जब अनेक देशों में युद्ध और अशांति का वातावरण है। बुद्ध का सम्यक मार्ग ही स्थायी शांति का आधार बन सकता है। अधिष्ठाता छात्र कल्याण व कला संकाय प्रो. नीता यादव ने कहा कि भगवान बुद्ध भारतीय परंपरा के अग्रदूत हैं, जिनकी शिक्षाएं समस्त मानवता के लिए आज भी समान रूप से उपयोगी हैं। अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो. प्रकृति राय ने बुद्ध के दर्शन को वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित बताते हुए उन्हें युगद्रष्टा कहा।
कुलसचिव डॉ. अश्विन कुमार ने बुद्ध की शिक्षाओं को जीवन में आत्मसात करने पर बल दिया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. बाल गंगाधर ने कहा कि तथागत बुद्ध विश्व संस्कृति और मानव सभ्यता के शीर्ष महापुरुष हैं। इस दौरान डॉ. दीपक जायसवाल के नेतृत्व में कैंडल मार्च किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम सचिव डॉ. धर्मेंद्र कुमार, सह-सचिव डॉ. आजाद कुमार, प्रो. सत्येंद्र कुमार दुबे, प्रो. सुनील कुमार श्रीवास्तव, प्रो. जितेंद्र कुमार सिंह, डॉ. लक्ष्मण सिंह, डॉ. मुन्नू खान, डॉ. जयसिंह यादव सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
Trending Videos
विश्वविद्यालय जो महात्मा गौतम बुद्ध के नाम पर तथा उनकी क्रीड़ास्थली कपिलवस्तु में अवस्थित है, इस दृष्टि से यह पर्व विशेष महत्व रखता है। इस विषय पर चर्चा की गई। प्रशासनिक भवन से नवनिर्मित गेट एवं बुद्ध प्रतिमा तक विश्व शांति के लिए कैंडल मार्च निकाला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं ने भगवान बुद्ध की करुणा हो, विश्व में शांति हो, के उद्घोष के साथ शांति का संदेश दिया। इसमें धम्मचक्र की आकर्षक रंगोली एवं दीपदान किया गया, जिससे वातावरण आध्यात्मिक एवं आलोकित हो उठा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।
कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि तथागत बुद्ध विश्व की अमूल्य धरोहर हैं, जिनकी शिक्षाएं आज भी अत्यंत प्रासंगिक हैं। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में, जब अनेक देशों में युद्ध और अशांति का वातावरण है। बुद्ध का सम्यक मार्ग ही स्थायी शांति का आधार बन सकता है। अधिष्ठाता छात्र कल्याण व कला संकाय प्रो. नीता यादव ने कहा कि भगवान बुद्ध भारतीय परंपरा के अग्रदूत हैं, जिनकी शिक्षाएं समस्त मानवता के लिए आज भी समान रूप से उपयोगी हैं। अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो. प्रकृति राय ने बुद्ध के दर्शन को वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित बताते हुए उन्हें युगद्रष्टा कहा।
कुलसचिव डॉ. अश्विन कुमार ने बुद्ध की शिक्षाओं को जीवन में आत्मसात करने पर बल दिया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. बाल गंगाधर ने कहा कि तथागत बुद्ध विश्व संस्कृति और मानव सभ्यता के शीर्ष महापुरुष हैं। इस दौरान डॉ. दीपक जायसवाल के नेतृत्व में कैंडल मार्च किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम सचिव डॉ. धर्मेंद्र कुमार, सह-सचिव डॉ. आजाद कुमार, प्रो. सत्येंद्र कुमार दुबे, प्रो. सुनील कुमार श्रीवास्तव, प्रो. जितेंद्र कुमार सिंह, डॉ. लक्ष्मण सिंह, डॉ. मुन्नू खान, डॉ. जयसिंह यादव सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
