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Maharajganj News: साढ़े तीन साल में पिलर भी नहीं बना सके, कैसे मिलेगा शुद्ध जल
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नौतनवा ब्लाक के बरवां खुर्द में जल जीवन मिशन के तहत 4 साल से अधूरा निर्माणाधीन पानी टंकी।
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अड्डा बाजार। सरकारी योजनाओं में लापरवाही और लेटलतीफी का आलम यह है कि तय समय सीमा बीतने के बाद भी विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। तय समय सीमा समाप्त होने के 23 माह बाद भी विकास खंड नौतनवा क्षेत्र के ग्राम पंचायत बरवा खुर्द में पानी की टंकी के पाए तक नहीं बन सके हैं। इस वजह से जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक स्वच्छ पीने का पानी पहुंचने की योजना दम तोड़ रही है।
जानकारी के अनुसार, नौतनवा क्षेत्र के ग्राम पंचायत बरवा खुर्द में 22 नवंबर 2022 से टंकी का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इसका निर्माण कार्य 24 मई 2024 को पूर्ण करना था, लेकिन 23 माह बीतने के बाद भी बाउंड्री, टंकी के पाए, रूम आदि का कार्य तक नहीं हुआ है। टंकी निर्माण के नाम पर केवल बोर किया गया और बोर्ड लगाया गया है। इसके अलावा यहां पर कुछ भी काम नहीं हुआ है।
दो गांवों में पीने के पानी की आपूर्ति के लिए यह पानी की टंकी बनवाई जा रही है। दो बार आईजीआरएस के जरिए शिकायत करने का भी कोई नतीजा नहीं निकला। शासन-प्रशासन के इस रवैये से ग्रामीणों में आक्रोश है।
निर्माण स्थल पर मौजूद लिस्ट बोर्ड के अनुसार, कार्यदायी संस्था रिथनिक कोया 265.75 लाख रुपये की लागत से 12 मीटर ऊंची 265 किलो लीटर क्षमता की टंकी बना रही है।
इससे दो ग्राम पंचायत बरवाखुर्द और गजरही के चार मजरों में बसे कुल 553 घरों तक पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध कराना है, जिससे 3429 लोगों को लाभान्वित होने की उम्मीद है।
10133 मीटर लंबाई में गांवों के भीतर तक के रास्तों को तोड़कर अंडरग्राउंड पाइप बिछाई जा चुकी है। स्थानीय ग्रामीण बनारसी चौधरी ने बताया कि दो बार बोर हुआ है। पानी सही नहीं मिला। सत्रुघ्न सिंह, अरविंद धर दूबे, विजय कुमार गुप्ता, विक्रम सिंह, राजू पांडेय, गजरही के रमेश गुप्ता, चंदन सिंह, कृष्ण नारायण दूबे ने बताया कि अंडरग्राउंड पाइप बिछाने के दौरान रास्ते को तोड़कर सत्यानाश कर दिया गया। जिसे कार्यदायी संस्था ने आज तक ठीक नहीं कराया।
ग्रामीणों को रास्तों पर आने-जाने में दिक्कत होती है। टंकी स्थल पर सिर्फ बोर करके छोड़ दिया गया है। टंकी का निर्माण अधर में पड़ा है। फाउंडेशन पिलर जमीन के बराबर तक बनाकर छोड़ दिया गया है। जबकि 22 नवंबर 2022 से आरंभित निर्माण कार्य 24 मई 2024 को पूर्ण करने की निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी है। हालांकि बॉर्डर पर लिखित कार्य पूर्ण होने की तिथि हाल के दिनों मिटा दिया गया है।
ग्राम प्रधान बबीता सिंह के प्रतिनिधि विनय कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने दो बार आईजीआरएस पर मामले की शिकायत की। इसके अलावा व्हाट्सएप के जरिए भी शिकायत किया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
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जानकारी के अनुसार, नौतनवा क्षेत्र के ग्राम पंचायत बरवा खुर्द में 22 नवंबर 2022 से टंकी का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इसका निर्माण कार्य 24 मई 2024 को पूर्ण करना था, लेकिन 23 माह बीतने के बाद भी बाउंड्री, टंकी के पाए, रूम आदि का कार्य तक नहीं हुआ है। टंकी निर्माण के नाम पर केवल बोर किया गया और बोर्ड लगाया गया है। इसके अलावा यहां पर कुछ भी काम नहीं हुआ है।
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दो गांवों में पीने के पानी की आपूर्ति के लिए यह पानी की टंकी बनवाई जा रही है। दो बार आईजीआरएस के जरिए शिकायत करने का भी कोई नतीजा नहीं निकला। शासन-प्रशासन के इस रवैये से ग्रामीणों में आक्रोश है।
निर्माण स्थल पर मौजूद लिस्ट बोर्ड के अनुसार, कार्यदायी संस्था रिथनिक कोया 265.75 लाख रुपये की लागत से 12 मीटर ऊंची 265 किलो लीटर क्षमता की टंकी बना रही है।
इससे दो ग्राम पंचायत बरवाखुर्द और गजरही के चार मजरों में बसे कुल 553 घरों तक पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध कराना है, जिससे 3429 लोगों को लाभान्वित होने की उम्मीद है।
10133 मीटर लंबाई में गांवों के भीतर तक के रास्तों को तोड़कर अंडरग्राउंड पाइप बिछाई जा चुकी है। स्थानीय ग्रामीण बनारसी चौधरी ने बताया कि दो बार बोर हुआ है। पानी सही नहीं मिला। सत्रुघ्न सिंह, अरविंद धर दूबे, विजय कुमार गुप्ता, विक्रम सिंह, राजू पांडेय, गजरही के रमेश गुप्ता, चंदन सिंह, कृष्ण नारायण दूबे ने बताया कि अंडरग्राउंड पाइप बिछाने के दौरान रास्ते को तोड़कर सत्यानाश कर दिया गया। जिसे कार्यदायी संस्था ने आज तक ठीक नहीं कराया।
ग्रामीणों को रास्तों पर आने-जाने में दिक्कत होती है। टंकी स्थल पर सिर्फ बोर करके छोड़ दिया गया है। टंकी का निर्माण अधर में पड़ा है। फाउंडेशन पिलर जमीन के बराबर तक बनाकर छोड़ दिया गया है। जबकि 22 नवंबर 2022 से आरंभित निर्माण कार्य 24 मई 2024 को पूर्ण करने की निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी है। हालांकि बॉर्डर पर लिखित कार्य पूर्ण होने की तिथि हाल के दिनों मिटा दिया गया है।
ग्राम प्रधान बबीता सिंह के प्रतिनिधि विनय कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने दो बार आईजीआरएस पर मामले की शिकायत की। इसके अलावा व्हाट्सएप के जरिए भी शिकायत किया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
