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Maharajganj News: बोतल बंद पानी की गुणवत्ता जांचने को दो जगहों से लिए नमूने
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महराजगंज। जिले में बोतल बंद पानी की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। विभाग की टीम ने जिले में दो जगहाें पर बोतलबंद पानी बनाने वाली कंपनियों से पानी के नमूने संग्रहित किए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला में भेजा गया है। अब विभाग को इन नमूनों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है।
इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई घटना के बाद से शासन ने पानी की गुणवत्ता को लेकर सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। इसी के मद्देनजर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को बोतलबंद पानी की गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने इस पर अमल करते हुए बोतलबंद पानी की दो निर्माण इकाइयों से पानी के नमूने संग्रहित किए हैं। टीम ने इन कंपनियों में उपयोग होने वाले पानी के स्रोत, पैकिंग तिथि, बैच नंबर आदि की भी पड़ताल की। जांच के दौरान पानी की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई तो संबंधित फर्मों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिले में बोतल बंद पानी की खपत बढ़ने के साथ ही कई बार लोग इसकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही लोगों की सेहत के लिए खतरा बन सकती है। इसी को देखते हुए विभाग ने सख्ती बढ़ाई है। फिलहाल जिले में बोतल बंद पानी के निर्माण की दो ही इकाइयां हैं। विभाग ने दाेनों ही निर्माण इकाइयों से नमूने लिए हैं। इनमें से एक इकाई जिले के बांसपार क्षेत्र में है जबकि दूसरी इकाई शहर क्षेत्र में है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के प्रभारी सहायक आयुक्त (खाद्य-2) केके उपाध्याय ने बताया कि शासन के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया है। बोतल बंद पानी का निर्माण करने वाली दो इकाइयों से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा की पानी की गुणवत्ता कैसी है।
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इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई घटना के बाद से शासन ने पानी की गुणवत्ता को लेकर सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। इसी के मद्देनजर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को बोतलबंद पानी की गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने इस पर अमल करते हुए बोतलबंद पानी की दो निर्माण इकाइयों से पानी के नमूने संग्रहित किए हैं। टीम ने इन कंपनियों में उपयोग होने वाले पानी के स्रोत, पैकिंग तिथि, बैच नंबर आदि की भी पड़ताल की। जांच के दौरान पानी की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई तो संबंधित फर्मों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में बोतल बंद पानी की खपत बढ़ने के साथ ही कई बार लोग इसकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही लोगों की सेहत के लिए खतरा बन सकती है। इसी को देखते हुए विभाग ने सख्ती बढ़ाई है। फिलहाल जिले में बोतल बंद पानी के निर्माण की दो ही इकाइयां हैं। विभाग ने दाेनों ही निर्माण इकाइयों से नमूने लिए हैं। इनमें से एक इकाई जिले के बांसपार क्षेत्र में है जबकि दूसरी इकाई शहर क्षेत्र में है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के प्रभारी सहायक आयुक्त (खाद्य-2) केके उपाध्याय ने बताया कि शासन के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया है। बोतल बंद पानी का निर्माण करने वाली दो इकाइयों से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा की पानी की गुणवत्ता कैसी है।
