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UP: कृषि विभाग कार्यालय पर जड़ा ताला, फिर धरने पर बैठ गए किसान; मक्का की फसल बर्बाद होने पर फूटा गुस्सा
Fri, 26 Jun 2026 01:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2026 01:28 PM IST
सार
मक्का फसल खराब होने से प्रभावित किसानों की सूची न मिलने पर भाकियू (अराजनैतिक) के पदाधिकारियों और किसानों ने जिला कृषि अधिकारी कार्यालय का घेराव कर मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। जिला कृषि अधिकारी द्वारा 54 किसानों की सूची सौंपने के बाद धरना समाप्त हुआ, लेकिन किसानों ने सूची में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
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शटर में ताला लगाने के बाद धरने पर बैठे किसान।
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विस्तार
मक्का फसल खराब होने से प्रभावित किसान को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारी एवं किसानों ने बृहस्पतिवार को जिला कृषि अधिकारी कार्यालय का घेराव किया। बार-बार मांग के बावजूद प्रभावित किसानों की सूची न मिलने से आक्रोशित किसानों ने कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान कर्मचारी अंदर ही बंद हो गए। आनन-फानन में जिला कृषि अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर 54 प्रभावित किसानों की सूची सौंपी। इसके बाद धरना समाप्त हुआ।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग जानबूझकर कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए प्रभावित किसानों की सूची छिपा रहा था। किसानों ने साफ कहा कि जब तक खराब बीज से हुए नुकसान का समाधान और एक-एक पीड़ितों को उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
विभाग द्वारा सौंपी गई 54 किसानों की सूची को भी किसान नेताओं ने शक के दायरे में खड़ा कर दिया है। इस सूची को तैयार करने में भी बड़ी हेराफेरी की गई है, ताकि कागजों में नुकसान को कम दिखाया जा सके और कई पात्र किसानों के नाम काट दिए गए हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि वह इस सरकारी सूची पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करेंगे। इस दौरान किसान नेता उदयवीर सरपंच, अवधेश रावत, लाल सिंह तोमर, योगेश, सुनील कैप्टन, ओमवीर सिंह, सुमित, सोबरन सिंह, सचिन, अमित सहित बड़ी संख्या में अन्य किसान मौजूद रहे।
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किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग जानबूझकर कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए प्रभावित किसानों की सूची छिपा रहा था। किसानों ने साफ कहा कि जब तक खराब बीज से हुए नुकसान का समाधान और एक-एक पीड़ितों को उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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विभाग द्वारा सौंपी गई 54 किसानों की सूची को भी किसान नेताओं ने शक के दायरे में खड़ा कर दिया है। इस सूची को तैयार करने में भी बड़ी हेराफेरी की गई है, ताकि कागजों में नुकसान को कम दिखाया जा सके और कई पात्र किसानों के नाम काट दिए गए हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि वह इस सरकारी सूची पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करेंगे। इस दौरान किसान नेता उदयवीर सरपंच, अवधेश रावत, लाल सिंह तोमर, योगेश, सुनील कैप्टन, ओमवीर सिंह, सुमित, सोबरन सिंह, सचिन, अमित सहित बड़ी संख्या में अन्य किसान मौजूद रहे।
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