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UP: ब्रज 84 कोस परिक्रमा में बांटी एक्सपायरी दवाएं, अब जला दिए रिकॉर्ड; वायरल वीडियो के बाद गहराया रहस्य
Fri, 26 Jun 2026 01:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2026 01:18 PM IST
सार
84 कोस परिक्रमा में श्रद्धालुओं को एक्सपायरी दवाएं बांटने के मामले में अब सीएचसी परिसर में दवाओं और दस्तावेजों को जलाए जाने का वीडियो सामने आया है। वायरल वीडियो के बाद साक्ष्य मिटाने की आशंका जताई जा रही है और इसे जांच का हिस्सा बना लिया गया है।
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जला दी दवाएं
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान परिक्रमार्थियों के लिए लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में एक्सपायर दवाओं का वितरण करने के मामले में नई जानकारियां सामने आ रही हैं। अब इस मामले में राल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें नजर आ रहा है कि अस्पताल परिसर में बड़ी मात्रा में एक्सपायर दवाओं के साथ महत्वपूर्ण दस्तावेज को भी आग के हवाले कर दिया गया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में चर्चाएं शुरू हो गई हैं। यह वीडियो भी अब जांच का हिस्सा बन गया है और यह देखा जा रहा है कि वीडियो वास्तव में कब का है और इसकी वास्तविकता क्या है।
बृहस्पतिवार के अंक में अमर उजाला ने 84 कोस परिक्रमा में श्रद्धालुओं को बांट दी एक्सपायरी दवाएं शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इससे संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों में बेचैनी बढ़ गई है। मामले की जांच तीन सदस्सीय कमेटी कर रही है। इसे 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं। इसी बीच अस्पताल परिसर में दवाओं और कागजात को जलाए जाने की घटना सामने आई। परिसर के एक हिस्से में आग लगाकर बड़ी मात्रा में सामग्री नष्ट की गई है। इसमें दवाओं के खाली व भरे डिब्बे, रैपर और कई दस्तावेज शामिल हैं। हालांकि वीडियो कब का है इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
वहीं वीडियो में सीएचसी परिसर अवश्य दिखाई दे रहा है। विभागीय कर्मचारी आशंका जता रहे हैं कि आग में ऐसे रिकॉर्ड नष्ट किए गए हो सकते हैं जो दवाओं की खरीद, भंडारण, स्टॉक रजिस्टर और वितरण से संबंधित हों। यदि ऐसा है तो यह मामला केवल लापरवाही का नहीं बल्कि साक्ष्य मिटाने के प्रयास के रूप में भी देखा जा सकता है। अब यह वीडियो भी जांच का हिस्सा बन गया है। सीएमओ मथुरा डॉ. राधावल्लभ ने बताया कि वीडियो संज्ञान में आया है। इसे जांच टीम को उपलब्ध करा दिया है। मामले की जांच तीन सदस्य समिति कर रही है। जांच टीम को 15 दिन में अपनी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
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यह था मामला
स्वास्थ्य विभाग ने राल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के क्षेत्र आने वाले गांव तारसी में स्वास्थ्य शिविर लगाया था। इसमें ब्रज चौरासी कोस परिक्रमार्थियों को कान और आंख के ड्रॉप सहित अन्य एक्सपायरी दवा का वितरण कर दिया। इसकी शिकायत सीएचसी प्रभारी डॉ. राकेश सिंह सिकरवार ने सीएमओ डॉ. राधावल्लभ से की थी। सीएमओ ने इस मामले में जांच समिति का गठन किया है। जांच समिति में डिप्टी सीएमओ डॉ. अनुज चौधरी, एनयूएचएम (राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन) के नोडल अधिकारी डॉ. सत्य प्रकाश राठौर एवं चीफ फार्मासिस्ट शिव कुमार माहौर शामिल हैं।
यह है प्रक्रिया
स्वास्थ्य विभाग के नियमानुसार एक्सपायरी दवाओं के निस्तारण की निर्धारित प्रक्रिया है। दवाओं को संबंधित अधिकारियों की निगरानी में सूचीबद्ध कर सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया जाता है ताकि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। वहीं सरकारी अभिलेखों को भी निर्धारित प्रक्रिया के बिना नष्ट नहीं किया जा सकता।
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बृहस्पतिवार के अंक में अमर उजाला ने 84 कोस परिक्रमा में श्रद्धालुओं को बांट दी एक्सपायरी दवाएं शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इससे संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों में बेचैनी बढ़ गई है। मामले की जांच तीन सदस्सीय कमेटी कर रही है। इसे 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं। इसी बीच अस्पताल परिसर में दवाओं और कागजात को जलाए जाने की घटना सामने आई। परिसर के एक हिस्से में आग लगाकर बड़ी मात्रा में सामग्री नष्ट की गई है। इसमें दवाओं के खाली व भरे डिब्बे, रैपर और कई दस्तावेज शामिल हैं। हालांकि वीडियो कब का है इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
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वहीं वीडियो में सीएचसी परिसर अवश्य दिखाई दे रहा है। विभागीय कर्मचारी आशंका जता रहे हैं कि आग में ऐसे रिकॉर्ड नष्ट किए गए हो सकते हैं जो दवाओं की खरीद, भंडारण, स्टॉक रजिस्टर और वितरण से संबंधित हों। यदि ऐसा है तो यह मामला केवल लापरवाही का नहीं बल्कि साक्ष्य मिटाने के प्रयास के रूप में भी देखा जा सकता है। अब यह वीडियो भी जांच का हिस्सा बन गया है। सीएमओ मथुरा डॉ. राधावल्लभ ने बताया कि वीडियो संज्ञान में आया है। इसे जांच टीम को उपलब्ध करा दिया है। मामले की जांच तीन सदस्य समिति कर रही है। जांच टीम को 15 दिन में अपनी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
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यह था मामला
स्वास्थ्य विभाग ने राल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के क्षेत्र आने वाले गांव तारसी में स्वास्थ्य शिविर लगाया था। इसमें ब्रज चौरासी कोस परिक्रमार्थियों को कान और आंख के ड्रॉप सहित अन्य एक्सपायरी दवा का वितरण कर दिया। इसकी शिकायत सीएचसी प्रभारी डॉ. राकेश सिंह सिकरवार ने सीएमओ डॉ. राधावल्लभ से की थी। सीएमओ ने इस मामले में जांच समिति का गठन किया है। जांच समिति में डिप्टी सीएमओ डॉ. अनुज चौधरी, एनयूएचएम (राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन) के नोडल अधिकारी डॉ. सत्य प्रकाश राठौर एवं चीफ फार्मासिस्ट शिव कुमार माहौर शामिल हैं।
यह है प्रक्रिया
स्वास्थ्य विभाग के नियमानुसार एक्सपायरी दवाओं के निस्तारण की निर्धारित प्रक्रिया है। दवाओं को संबंधित अधिकारियों की निगरानी में सूचीबद्ध कर सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया जाता है ताकि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। वहीं सरकारी अभिलेखों को भी निर्धारित प्रक्रिया के बिना नष्ट नहीं किया जा सकता।