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Mathura News: मोबाइल में अलर्ट मैसेज देखते ही तेज आवाज ने मचा दी चीख पुकार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jun 2026 01:16 AM IST
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As soon as the alert message appeared on the mobile phone, a loud noise triggered screams and panic.
हादसे में घायल विजय और उनका बेटा रुद्रांश।
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वृंदावन। मंगलवार शाम छह बजे से जैसे ही मोबाइल फोन पर आंधी-बारिश का अलर्ट मैसेज आया तो मनीष गोस्वामी के घर बैठे अलीगढ़ के लक्ष्मीनारायण और उनके परिजन मौसम की बात ही कर रहे थे। तभी तेज आंधी शुरू हो गई और वह बाहर उठकर देखने चले गए। अचानक तेज आवाज आई और चीखपुकार मच गई। परिजन ने बाहर आकर देखा तो वह सड़क पर बेहोश पड़े हुए थे। सिर से खून बह रहा था। परिजन उन्हें देखते ही रोने चिल्लाने लगे। मनीष गोस्वामी और उनके परिजन उन्हें हाथों में उठाकर लेकर दौड़ने लगे। तब तक एंबुलेंस आ चुकी थी, जिसकी सहायता से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। अलीगढ़ के कावेरी विहार के रहने वाले लक्ष्मीनारायण अपना जन्मदिन मनाने के लिए बांकेबिहारी मंदिर में अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ आए थे। मनीष गोस्वामी ने बताया कि वह दर्शन कर उनके घर पर बैठे थे लेकिन हाेनी उन्हें बाहर तक खींच ले गई। किसी को ऐसी उम्मीद भी नहीं थी कि ऐसा हादसा हो सकता है।




पिता संग बेटा भी हुआ घायल, चिपककर रोने लगा
आगरा के रुनकता निवासी विजय और पांच वर्ष का रुद्रांश भी हादसे में घायल हो गए। रुद्रांश के सिर में चोट आई। चोट लगने के बाद पिता ने अपनी चोट न देखकर बच्चे को उठाया और अपनी जेब से रुमाल निकालकर उसके सिर पर लगा दिया। बेटा दर्द के मारे रो रहा था और पिता की आंखों से आंसू निकल रहे थे। उनके साथ आए लोगाें ने दोनों को संभाला। हादसे के बाद बेटा पिता से चिपक गया। अस्पताल पहुंचने पर वह पिता के साथ व्हीलचेयर पर बैठा रहा। पिता ने अधिकारियों और चिकित्सकों से कहा कि मेरे बेेटे को कुछ नहीं होना चाहिए। आप पहले उसका इलाज कीजिए। प्राथमिक उपचार के परिजन दोनों को आगरा ले गए ।
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आठ लोगों के साथ आईं चंचल और उसकी मां
राजस्थान के सवाई माधोपुर से चंचल प्रजापति और उसकी मां जानकी देवी आठ लोगों के साथ दर्शन करने को आईं थी। वृंदावन की परिक्रमा लगाने के बाद वह ठाकुरजी के दर्शन के लिए पहुंचे थे। हादसे में मां-बेटी घायल हो गए हैं। परिजन ने बताया कि दोनों की हालत खतरे से बाहर है।
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संकरी गलियां और पुराने भवन बने चुनौती
वृंदावन की संकरी गलियां, वर्षों पुराने भवन और प्रतिदिन उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ प्रशासन के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है। विशेषकर त्योहार, सप्ताहांत और अवकाश के दिनों में मंदिर क्षेत्र में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी जर्जर भवन का हिस्सा टूटना बड़ी जनहानि का कारण बन सकता है। बरसात का मौसम नजदीक होने से भवनों की मजबूती और सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।
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