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UP: दो रुपये प्रति पौधा और लाखों की कमाई, किसानों के लिए सुनहरा मौका; इन सात सब्जियों की खेती कर देगी मालामाल

Thu, 23 Jul 2026 01:33 PM IST
Dhirendra Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: Dhirendra Singh Updated Thu, 23 Jul 2026 01:33 PM IST
सार

हाईटेक नर्सरी में इंडो-इस्राइल तकनीक और कोकोपिट माध्यम से तैयार हाईब्रिड सब्जियों की पौध किसानों को कम लागत में अधिक और बेहतर उत्पादन का अवसर दे रही है। उद्यान विभाग किसानों को दो रुपये प्रति पौध की दर से रोगमुक्त और उच्च गुणवत्ता वाली पौध उपलब्ध करा रहा है।
 

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Indo-Israeli Technology-Based Vegetable Seedlings Promise Higher Yield and Better Income
अगरयाला में सरकारी पौधशाला लगी मिर्च की पौध - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

 परंपरागत तरीके से की जा रही खेती के स्थान पर किसानों को उद्यान विभाग की नर्सरी में तैयार की गई सब्जियों की पौध अधिक फायदेमंद साबित हो रही है। कोकोपिट द्वारा तैयार की गई जैविक खाद्य में हाईब्रिड बीजों की मदद से तैयार की गई पौध से किसानों को अगैती फसल का खूब लाभ मिलता है।
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वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं की खोज से कोकोपिट की खाद में तैयार की जा रही हाईब्रिड बीज की मदद से तैयार पौध किसानों के लिए फायदे का सौदा बनती जा रही है। उद्यान विभाग की चौमुंह ब्लॉक के ग्राम पंचायत अगरयाला में उद्यान विभाग की हाईटेक नर्सरी में टमाटर, बैंगन, गोभी, मोटी और लंबी हरी मिर्च की विशेष पौध को तैयार किया गया है। इंडो-इस्राइल पद्धति पर सब्जियों की पौध तैयार करने वाली यह नर्सरी पिछले साल शुरू की गई। इस नर्सरी में एक साथ 1.50 लाख पौध तैयार करने की क्षमता है। जनपद के फरह, नौहझील, राया और बलदेव आदि ब्लॉक के कई गांवों में सब्जियों की खेती की जाती है।
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ये होती है कोकोपिट की खाद्य
नारियल के छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटकर पानी में भिगो दिया जाता है, इसके बाद इन्हें मिक्सर में पीसकर पाउडर बनाया जाता है। इसमें से अतिरिक्त नमक निकालने के लिए पानी से धोते हैं। फिर इसको निचोड़कर धूप में सुखाते हैं। अंत में पौधों की खाद (वर्मीकम्पोस्ट) के साथ मिलाकर पौष्टिक मिक्स तैयार किया जाता है, जिसे पौध तैयार करने के लिए एक प्लास्टिक की पॉलीथिन में भरकर दिया जाता है।

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हाईटेक नर्सरी में तैयार हैं सब्जियों की पौध
नवकिरण बैंगन की 396, इंडस मिर्च की 1584, नामधारी टमाटर की 3168, नूनहेम्स टमाटर की 2970, वीएनआर हरीमिर्च की 1584, सेमिनिस फूलगोभी की 5940 और पूसा केतकी फूलगोभी की 5940 पौध वर्तमान में तैयार हैं। किसानों को इन्हें दो रुपये प्रति पौध की दर से दिया जाएगा।

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पौध की अधिक होती है अंकुरण क्षमता
इंडो-इस्राइल तकनीक के माध्यम से सब्जियों की उन्नत पौध तैयार की जाती है। इस पद्धति से तैयार पौध किसानों को स्वस्थ, रोगमुक्त और अधिक उत्पादन देने वाली रोपण सामग्री उपलब्ध कराएगी, जिससे खेती की लागत कम होने के साथ उत्पादन और गुणवत्ता भी बेहतर होगी। संरक्षित वातावरण में वैज्ञानिक तरीके से तैयार की जाने वाली पौध की अंकुरण क्षमता अधिक होती है और फसल पर रोगों का प्रकोप भी अपेक्षाकृत कम रहता है। इससे किसानों को समय पर तैयार पौध मिलने के साथ बेहतर पैदावार प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

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जिला उद्यान अधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि हाईटेक नर्सरी में उच्च गुणवत्ता वाली हाईब्रिड सब्जियों की तैयार की गई पौध को सब्जी उत्पादक किसानों को राजकीय दर पर दी जाएंगी। हाईब्रिड सब्जियों का उत्पादन अधिक होता है। यहां नर्सरी में तैयार की गई पौध रौपे जाने के बाद खराब नहीं होगीं। किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।

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