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UP: संत प्रेमानंद महाराज से मिले 'महाभारत के युधिष्ठिर', आशीर्वाद लिया; सुनाया ये मशहूर डायलॉग
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 03 Feb 2026 09:53 AM IST
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सार
मशहूर धारावाहिक 'महाभारत' में युधिष्ठिर का किरदार निभाने वाले अभिनेता गजेंद्र चौहान हाल ही में प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे। उन्होंने संत प्रेमानंद के वृंदावन स्थित केली कुंज आश्रम में पहुंचकर उनके दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया।
प्रेमानंद महाराज से मिले एक्टर गजेंद्र चौहान
- फोटो : इंस्टाग्राम
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विस्तार
धारावाहिक महाभारत में युधिष्ठिर का किरदार निभाने वाले अभिनेता गजेंद्र चौहान संत प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद लेने उनके रमणरेती क्षेत्र स्थित श्रीराधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे। उन्होंने संत से महाभारत को लेकर अध्यात्म चर्चा की। संत ने कहा कि युधिष्ठिर साक्षात धर्म के अंश से प्रकट हुए।
वर्ष 1988 में रामानंद सागर के धारावाहिक महाभारत में युधिष्ठिर की भूमिका निभाने वाले अभिनेता गजेंद्र चौहान ने संत प्रेमानंद के समक्ष कहा कि महाभारत का एक संवाद देश के प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी को बहुत अच्छा लगता था। जब भी मिलते थे तो कहते थे कि वह संवाद सुनाओ।
कोई भी पुत्र, कोई भी पिता, कोई भी परिवार, कोई भी प्रतिज्ञा, कोई भी परंपरा राष्ट्र से ऊपर नहीं हो सकती। क्योंकि भीष्म ने प्रतिज्ञा ली थी, कि यदि राष्ट्र पर बात आएगी तो कोई भी प्रतिज्ञा तोड़नी होगी। इस पर संत प्रेमानंद ने प्रसन्न होते हुए कहा कि कहा कि उन्होंने धर्मग्रंथ पर आधारित धारावाहिक में जो अभिनय किया वह बेहतर है। युधिष्ठिर साक्षात धर्म के अंश से प्रकट हुए थे।
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वर्ष 1988 में रामानंद सागर के धारावाहिक महाभारत में युधिष्ठिर की भूमिका निभाने वाले अभिनेता गजेंद्र चौहान ने संत प्रेमानंद के समक्ष कहा कि महाभारत का एक संवाद देश के प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी को बहुत अच्छा लगता था। जब भी मिलते थे तो कहते थे कि वह संवाद सुनाओ।
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कोई भी पुत्र, कोई भी पिता, कोई भी परिवार, कोई भी प्रतिज्ञा, कोई भी परंपरा राष्ट्र से ऊपर नहीं हो सकती। क्योंकि भीष्म ने प्रतिज्ञा ली थी, कि यदि राष्ट्र पर बात आएगी तो कोई भी प्रतिज्ञा तोड़नी होगी। इस पर संत प्रेमानंद ने प्रसन्न होते हुए कहा कि कहा कि उन्होंने धर्मग्रंथ पर आधारित धारावाहिक में जो अभिनय किया वह बेहतर है। युधिष्ठिर साक्षात धर्म के अंश से प्रकट हुए थे।
