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बारिश-ओलों ने तबाह की खेती: खेत जलमग्न, मंडियों में भी भीगा अनाज; मौसम विभाग के अलर्ट से फिर चिंता में किसान
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 06 Apr 2026 11:12 AM IST
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सार
मूसलाधार बारिश और ओलों से मथुरा में सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई और खेतों में भारी नुकसान हुआ। मंडियों में रखा अनाज भी भीग गया, जबकि मौसम विभाग के अलर्ट से किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
बारिश-ओलों ने तबाह की खेती
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा में मूसलाधार बारिश और ओलों ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। करीब ढाई घंटे तक बरसे पानी ने जिले के कई इलाकों में तबाही मचाई है। किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। ओले गिरने से खेतों में फसल को नुकसान पहुंचा है।
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शनिवार शाम को आंधी के साथ करीब डेढ़ घंटे तक रिमझिम बारिश होती रही। रात करीब दो बजे से तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो गई। रविवार तड़के मूसलाधार बारिश के साथ ओले भी गिरे। इससे शहर समेत जिलेभर में कई जगह ओलों ने जमीन पर सफेद चादर बिछा दी। इससे खेतों में खड़ी फसल में गेहूं की बालियां टूटकर जमीन पर गिर गईं और सरसों की फसल को भी नुकसान हुआ।
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करीब ढाई घंटे हुई बारिश और ओलबों से सैकड़ों बीघा खेत जलमग्न हो गए। इनमें फसल के सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। वहीं मंडियों में रखा अनाज और अन्य फसलें भी बारिश से भीग गईं। इससे उनकी गुणवत्ता पर असर पड़ेगा। लगातार हो रही बारिश और ओलाें ने किसानों की जीविका पर गहरा संकट खड़ा कर दिया है। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने एक बार फिर आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। पहले से ही नुकसान झेल चुके किसानों को डर है कि यदि बारिश का यह सिलसिला जारी रहा तो उनकी बची उम्मीदें भी खत्म हो जाएंगी।
मौसम विभाग ने एक बार फिर आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। पहले से ही नुकसान झेल चुके किसानों को डर है कि यदि बारिश का यह सिलसिला जारी रहा तो उनकी बची उम्मीदें भी खत्म हो जाएंगी।
40 से 60 फीसदी नुकसान : डीएम
किसानों की व्यथा सुनने और नुकसान की स्थिति को देखने के लिए जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों के दौरे पर रहे। किसान संगठन भी सक्रिय हो गए हैं। किसान नेताओं ने बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल में 80 फीसदी नुकसान की आशंका जताई है। वहीं डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने शनिवार और रविवार को हुई बारिश और ओले गिरने से अलग-अलग क्षेत्रों में 40 से 60 फीसदी गेहूं की फसल में नुकसान के आसार जताए हैं।
किसानों की व्यथा सुनने और नुकसान की स्थिति को देखने के लिए जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों के दौरे पर रहे। किसान संगठन भी सक्रिय हो गए हैं। किसान नेताओं ने बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल में 80 फीसदी नुकसान की आशंका जताई है। वहीं डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने शनिवार और रविवार को हुई बारिश और ओले गिरने से अलग-अलग क्षेत्रों में 40 से 60 फीसदी गेहूं की फसल में नुकसान के आसार जताए हैं।
ओलावृष्टि से बर्बाद फसल का जायजा लेने पहुंचे लेखपाल
सदर तहसील क्षेत्र के गांव कोयला अलीपुर में हाल ही में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। बर्बाद फसल की स्थिति का जायजा लेने के लिए लेखपाल हरि प्रकाश रविवार को खेतों में पहुंचे। लेखपाल ने प्रभावित किसानों के साथ खेतों का निरीक्षण किया और नुकसान का आकलन किया। इस दौरान किसानों ने बताया कि अचानक हुई बारिश और ओलों ने गेहूं, सरसों समेत अन्य फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है। लेखपाल हरि प्रकाश ने किसानों को आश्वासन दिया कि नुकसान का सही आंकलन कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि शासन स्तर से मुआवजा दिलाया जा सके। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है, जिससे उन्हें राहत मिल सके।
सदर तहसील क्षेत्र के गांव कोयला अलीपुर में हाल ही में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। बर्बाद फसल की स्थिति का जायजा लेने के लिए लेखपाल हरि प्रकाश रविवार को खेतों में पहुंचे। लेखपाल ने प्रभावित किसानों के साथ खेतों का निरीक्षण किया और नुकसान का आकलन किया। इस दौरान किसानों ने बताया कि अचानक हुई बारिश और ओलों ने गेहूं, सरसों समेत अन्य फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है। लेखपाल हरि प्रकाश ने किसानों को आश्वासन दिया कि नुकसान का सही आंकलन कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि शासन स्तर से मुआवजा दिलाया जा सके। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है, जिससे उन्हें राहत मिल सके।