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फरसा वाले बाबा की मौत: आखिर क्या थी बवाल के पीछे की असली वजह, SIT तलाशेगी सच; फिर होंगी धड़ाधड़ गिरफ्तारियां
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 24 Mar 2026 02:12 PM IST
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सार
मथुरा के छाता बवाल और फरसा वाले बाबा की मौत की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। अब पुख्ता सबूत मिलने पर ही गिरफ्तारी होगी और पूरे मामले की दोबारा गहन जांच की जाएगी।
फरसा वाले बाबा की मौत पर बवाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा में फरसा वाले बाबा की मौत के बाद उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हिंदू संगठनों के साथ-साथ प्रदेशभर के साधु-संत पुलिस की कार्रवाई से मुखर हो गए हैं। हालांकि सोमवार को हुई गोपनीय बैठक के बाद छाता बवाल की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी पूरे प्रकरण की गहनता से जांच करेगी और यह भी देखेगी कि बाबा की सड़क हादसे में मौत हुई या साजिश के तहत हत्या की गई है। साथ ही जिले के बाहर से आए प्रदर्शनकारियों के पीछे किसकी साजिश रही, इन सभी तथ्यों की जांच की जाएगी।
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वृंदावन रोड पर तपोभूमि के सामने विद्या भारती के कार्यालय में सोमवार सुबह संघ, भाजपा, हिंदूवासी नेता और आला अधिकारियों की बैठक में प्रांत प्रचारक धर्मेंद्र, गोवर्धन विधायक मेघश्याम सिंह, मांट विधायक राजेश चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी, विहिप ब्रज प्रांत अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रवाल, समाजसेवी गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी, डीएम चंद्रप्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार शामिल रहे। इस दौरा छाता में बवाल के बाद गिरफ्तार किए गए गोसेवकों पर चर्चा हुई और बाबा की साजिश के तहत हत्या या सड़क हादसे में मौत पर चर्चा हुई।
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अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था का हवाला दिया, जबकि संगठन के नेताओं ने गोसेवकों पर हो रही कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। कहा गया कि गोसेवकों पर की गई कार्रवाई से प्रदेशभर के साधु-संत मुखर हैं। वह फरसा वाले बाबा की हत्या का आरोप लगा रहे हैं, जबकि पुलिस सड़क हादसे में मौत बता रही है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारियों ने अब विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का निर्णय लिया है। एसआईटी न केवल वैज्ञानिक साक्ष्यों का पुनरीक्षण करेगी, बल्कि घटना के समय मौजूद संदिग्धों और चश्मदीदों से नए सिरे से पूछताछ करेगी। विहिप ब्रज प्रांत अध्यक्ष की मांग के बाद अधिकारियों ने एसआईटी गठन का निर्णय लिया है।
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि बैठक में बाबा की मृत्यु और छाता बवाल से जुड़े सभी मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा हुई। पुलिस किसी भी निर्दोष को जेल नहीं भेजेगी। कार्रवाई उन्हीं लोगों के खिलाफ की जाएगी, जिनके खिलाफ साक्ष्य मिलेंगे। साथ ही बाबा की मौत की जांच के लिए एसपी क्राइम अवनीश मिश्र की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। इससे मामले में पारदर्शिता आएगी और दोषियों को सजा मिलेगी।