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Meera Thakur: असलाह तस्करी, मैकेनिक और फिर चलाने लगी ई-रिक्शा; मीरा कैसे बनी जासूस? मायके वालों ने ये बताया
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 24 Mar 2026 12:51 PM IST
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सार
जिस मीरा ठाकुर को उसके घरवाले 10 दिन से लापता होने की आशंका के चलते तलाश कर रहे थे, उसका राज खुला तो उनके भी होश उड़ गए। कौशांबी पुलिस ने उसे देश विरोध गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
Ghaziabad Spying Case
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
कौशंबी पुलिस ने जासूसी के शक में पकड़ी मीरा ठाकुर उर्फ हरिया की तलाश में 10 दिन तक मायके वालों ने थाने के चक्कर लगाए और तहरीर भी दी, लेकिन कुछ पता नहीं चला। मायके वालों को शक था कि मीरा को उसके पति ने उठवाया है, लेकिन रविवार को कौशंबी पुलिस ने उनकी शंका दूर की और जासूसी का खेल सामने आ गया।
मीरा के भाई निरोतम का कहना कि 13 मार्च की रात को सादा कपड़ों में चार से पांच लोग गाड़ी में बैठाकर उसे ले गए थे। उनको आशंका हुई कि विवाद के कारण मीरा को उसके पति ने पुलिस से गिरफ्तार कराया है। हकीकत जानने के लिए वह 14 मार्च को सदर बाजार थाने पहुंचे, उन्होंने मीरा के बारे में पूछा तो पुलिस ने उसके हिरासत में होने से मना कर दिया। इससे वह परेशान होने लगे और उसकी तलाश के लिए कई बार उन्होंने पुलिस व संबंधियों से मदद मांगी, लेकिन उन्हें कुछ पता नहीं चला।
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मीरा के भाई निरोतम का कहना कि 13 मार्च की रात को सादा कपड़ों में चार से पांच लोग गाड़ी में बैठाकर उसे ले गए थे। उनको आशंका हुई कि विवाद के कारण मीरा को उसके पति ने पुलिस से गिरफ्तार कराया है। हकीकत जानने के लिए वह 14 मार्च को सदर बाजार थाने पहुंचे, उन्होंने मीरा के बारे में पूछा तो पुलिस ने उसके हिरासत में होने से मना कर दिया। इससे वह परेशान होने लगे और उसकी तलाश के लिए कई बार उन्होंने पुलिस व संबंधियों से मदद मांगी, लेकिन उन्हें कुछ पता नहीं चला।
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10 दिन बाद रविवार को कौशंबी पुलिस ने जानकारी दी कि मीरा को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। यह जानकारी मिलने के बाद मायके वाले दंग रह गए। मीरा की दोनों बेटियां उन्हीं के पास हैं। उनका कहना कि मीरा का मायके में बहुत कम आना जाना था। विवाद के कारण आठ माह से वह पति से अलग रहती थी।
ई-रिक्शा चलाने से पहले मैकेनिक का काम करती थी मीरा
उन्होंने बताया कि मीरा की शादी 2012 में आगरा के खेरिया मोड़ निवासी मुकेश के साथ हुई थी। शादी के दो साल बाद दोनों वहां से मकान बेचकर औरंगाबाद में रहने लगे। मीरा ने किराये की दुकान लेकर औरंगाबाद में मैकेनिक का काम करने लगी। इसी बीच घरेलू विवाद के कारण पति किराये के मकान में औरंगाबाद के गणेशनगर में रहने लगा। 2025 में दिल्ली पुलिस ने असलहा तस्करी के आरोप में मीरा को जेल भेज दिया था। रिहा होने के बाद उसने ई-रिक्शा खरीदा था। अब कौशंबी पुलिस ने देश विरोध गतिविधियों के आरोप में उसे जेल भेज दिया है।
उन्होंने बताया कि मीरा की शादी 2012 में आगरा के खेरिया मोड़ निवासी मुकेश के साथ हुई थी। शादी के दो साल बाद दोनों वहां से मकान बेचकर औरंगाबाद में रहने लगे। मीरा ने किराये की दुकान लेकर औरंगाबाद में मैकेनिक का काम करने लगी। इसी बीच घरेलू विवाद के कारण पति किराये के मकान में औरंगाबाद के गणेशनगर में रहने लगा। 2025 में दिल्ली पुलिस ने असलहा तस्करी के आरोप में मीरा को जेल भेज दिया था। रिहा होने के बाद उसने ई-रिक्शा खरीदा था। अब कौशंबी पुलिस ने देश विरोध गतिविधियों के आरोप में उसे जेल भेज दिया है।
कमजोर तबके के लोगों को बना रहे निशाना
लोगों का कहना है कि मीरा अकसर कम उम्र के कमजोर तबके के युवाओं को अपने जाल में फंसाती थी। वह खुद को मुंबई के बड़े लोगों के संपर्क में बताया करती थी। माना जा रहा है कि मीरा के संपर्क में मथुरा के कई अन्य ई-रिक्शा व ऑटो चालक भी रहे हैं, जोकि उसकी मदद करते थे।
लोगों का कहना है कि मीरा अकसर कम उम्र के कमजोर तबके के युवाओं को अपने जाल में फंसाती थी। वह खुद को मुंबई के बड़े लोगों के संपर्क में बताया करती थी। माना जा रहा है कि मीरा के संपर्क में मथुरा के कई अन्य ई-रिक्शा व ऑटो चालक भी रहे हैं, जोकि उसकी मदद करते थे।
हरिया नाम से जानते थे उसे सभी
कौशांबी पुलिस ने जासूसी के शक में पकड़ी मीरा ठाकुर उर्फ हरिया मथुरा के औरंगाबाद इलाके की महादेव नगर कॉलोनी में रहकर ई-रिक्शा चलाती थी। इलाके के लोग उसे हरिया के नाम से बखूबी जानते हैं। मीरा की हरकतों के वजह से पति उससे अलग रहता है। माना जा रहा है कि वह ई-रिक्शा चलाने की आड़ में मथुरा के विभिन्न स्थानों पर जाकर रेकी करती थी।
कौशांबी पुलिस ने जासूसी के शक में पकड़ी मीरा ठाकुर उर्फ हरिया मथुरा के औरंगाबाद इलाके की महादेव नगर कॉलोनी में रहकर ई-रिक्शा चलाती थी। इलाके के लोग उसे हरिया के नाम से बखूबी जानते हैं। मीरा की हरकतों के वजह से पति उससे अलग रहता है। माना जा रहा है कि वह ई-रिक्शा चलाने की आड़ में मथुरा के विभिन्न स्थानों पर जाकर रेकी करती थी।
कॉलोनी वालों ने ये बताया
कौशांबी पुलिस ने 13 मार्च को देश की जासूसी करने के आरोप में औरंगाबाद की मीरा ठाकुर को गिरफ्तार किया है। तीन साल पहले मीरा ने कॉलोनी में प्लॉट लेकर मकान बनवाया था। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि दस दिन पहले कार सवार 4-5 लोग उसे उठाकर ले गए थे। तब से उसके घर में ताला लगा हुआ है और हरिया की दो बेटियां सात व दस साल की हैं, जोकि अपनी नानी के घर पर हैं।
कौशांबी पुलिस ने 13 मार्च को देश की जासूसी करने के आरोप में औरंगाबाद की मीरा ठाकुर को गिरफ्तार किया है। तीन साल पहले मीरा ने कॉलोनी में प्लॉट लेकर मकान बनवाया था। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि दस दिन पहले कार सवार 4-5 लोग उसे उठाकर ले गए थे। तब से उसके घर में ताला लगा हुआ है और हरिया की दो बेटियां सात व दस साल की हैं, जोकि अपनी नानी के घर पर हैं।
पति से अलग रह रही थी मीरा
मीरा का करीब आठ माह पहले अपने पति से अलगाव हो गया था। पति से दूर होने के बाद उसने ई-रिक्शा खरीदा और नगर निगम से रूट भी आवंटित कराया था। वह रिफाइनरी से टैंक चौराहे तक ऑटो चलाती थी। टैंक चौराहा संवेदनशील छावनी इलाके में आता है।
मीरा के मोबाइल में मथुरा के कई संवेदनशील इलाकों के फोटो मिले हैं। मीरा के पड़ोसियों ने बताया कि उसका व्यवहार कॉलोनी के लोगों के साथ अच्छा था। वह लोगों को बताती थी कि बेटियों का पालन करने के लिए उसे ई-रिक्शा चलाना पड़ रहा है। जब उसकी गिरफ्तारी जासूसी के मामले में किए जाने की जानकारी हुई तो वह हैरत में पड़ गए।
मीरा का करीब आठ माह पहले अपने पति से अलगाव हो गया था। पति से दूर होने के बाद उसने ई-रिक्शा खरीदा और नगर निगम से रूट भी आवंटित कराया था। वह रिफाइनरी से टैंक चौराहे तक ऑटो चलाती थी। टैंक चौराहा संवेदनशील छावनी इलाके में आता है।
मीरा के मोबाइल में मथुरा के कई संवेदनशील इलाकों के फोटो मिले हैं। मीरा के पड़ोसियों ने बताया कि उसका व्यवहार कॉलोनी के लोगों के साथ अच्छा था। वह लोगों को बताती थी कि बेटियों का पालन करने के लिए उसे ई-रिक्शा चलाना पड़ रहा है। जब उसकी गिरफ्तारी जासूसी के मामले में किए जाने की जानकारी हुई तो वह हैरत में पड़ गए।