मथुरा। जीएलए विश्वविद्यालय में द्रौपदी ड्रीम ट्रस्ट ने श्रीकृष्ण-द्रौपदी संवाद और अंतर्कथा पर आधारित नृत्य-नाटिका का आयोजन किया। कथक शैली में भगवान श्रीकृष्ण और महारानी द्रौपदी के जीवन, संघर्ष, आत्मसम्मान और धर्म के सिद्धांतों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आरएसएस के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल, सांसद हेमा मालिनी, ट्रस्ट की अध्यक्ष नीरा मिश्रा, कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। नीरा मिश्रा ने कहा कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य पांचाल क्षेत्र में महारानी द्रौपदी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना तथा उनके वास्तविक स्वरूप और योगदान को समाज के समक्ष प्रस्तुत करना है। उन्होंने कहा कि द्रौपदी केवल एक ऐतिहासिक पात्र नहीं बल्कि नारी शक्ति, सम्मान और साहस की प्रतीक हैं। द्रौपदी ड्रीम ट्रस्ट ने अपनी स्थापना के 22 वर्ष पूर्ण होने पर इस विशेष नृत्य-नाटिका का मंचन किया। कवि अकबर महफूज आलम रिजवी द्वारा रचित इस प्रस्तुति में गीता के उपदेशों की पृष्ठभूमि बनने वाली घटनाओं को संवेदनशीलता के साथ शब्दों में पिरोया गया, जिसे कलाकारों ने अपने नृत्य और भाव-भंगिमाओं से जीवंत कर दिया।
इस प्रस्तुति में हम लोग धारावाहिक के कलाकार अभिनव चतुर्वेदी ने श्रीकृष्ण के संवादों को स्वर दिया। रंगमंच निर्देशिका मधुमिता मानवी ने द्रौपदी के संवादों को अभिव्यक्ति प्रदान की। नृत्य-नाटिका में गुरु सदानंद बिस्वास (श्रीकृष्ण) और सुचिता मजुमदार (द्रौपदी) ने प्रस्तुति दी। संवादों को अभिनव चतुर्वेदी और मधुमिता मानवी ने स्वर दिया। कुलपति ने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों के सर्वांगीण विकास में सहायक हैं। इस मौके पर लेफ्टिनेंट जनरल वीके चतुर्वेदी, सीनियर मैनेजर निहारिका सिंह, वसुधा, रंजीत चतुर्वेदी, श्रीचन्द्र वाधवा आदि मौजूद रहे।