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Muzaffarnagar News: एक जनपद एक व्यंजन कार्यक्रम में भी दिलाया जाएगा जीआई टैग
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। एक जनपद एक व्यंजन कार्यक्रम के तहत चाट, पेड़े और गुड़ से बने उत्पाद का गुणवत्ता संवर्धन किया जाएगा। योजना में शामिल उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए जीआई टैग दिलाया जाएगा। जिस पर आए खर्च का 75 प्रतिशत सरकार वहन करेगी।
एक जनपद एक उत्पाद योजना के बाद शासन की ओर से एक जनपद एक व्यंजन कार्यक्रम शुरू किया गया है। योजना के अंतर्गत चिन्हित व्यंजनों के समग्र विकास के लिए क्रमश: वित्त पोषण और विपणन प्रोत्साहन किया जाएगा। उत्पादकों की प्रभावी मार्केटिंग, ब्रांडिंग एवं निर्यातोन्मुखी बनाने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सहायक आयुक्त उद्योग आशीष कुमार ने बताया कि राज्य स्तरीय मेला, प्रदर्शनियों में प्रतिभाग के लिए स्टॉल शुल्क का 75 प्रतिशत या अधिकतम धनराशि 60 हजार रुपये उपलब्ध कराई जाएगी। जीआई टैग दिलाने, गुणवत्ता में सुधार, अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पाद विकास एवं लाइसेंस तथा प्रमाणन प्रक्रिया पर आने वाले खर्च का 75 प्रतिशत आर्थिक सहायता के रूप में दिलाया जाएगा।
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मुजफ्फरनगर। एक जनपद एक व्यंजन कार्यक्रम के तहत चाट, पेड़े और गुड़ से बने उत्पाद का गुणवत्ता संवर्धन किया जाएगा। योजना में शामिल उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए जीआई टैग दिलाया जाएगा। जिस पर आए खर्च का 75 प्रतिशत सरकार वहन करेगी।
एक जनपद एक उत्पाद योजना के बाद शासन की ओर से एक जनपद एक व्यंजन कार्यक्रम शुरू किया गया है। योजना के अंतर्गत चिन्हित व्यंजनों के समग्र विकास के लिए क्रमश: वित्त पोषण और विपणन प्रोत्साहन किया जाएगा। उत्पादकों की प्रभावी मार्केटिंग, ब्रांडिंग एवं निर्यातोन्मुखी बनाने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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सहायक आयुक्त उद्योग आशीष कुमार ने बताया कि राज्य स्तरीय मेला, प्रदर्शनियों में प्रतिभाग के लिए स्टॉल शुल्क का 75 प्रतिशत या अधिकतम धनराशि 60 हजार रुपये उपलब्ध कराई जाएगी। जीआई टैग दिलाने, गुणवत्ता में सुधार, अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पाद विकास एवं लाइसेंस तथा प्रमाणन प्रक्रिया पर आने वाले खर्च का 75 प्रतिशत आर्थिक सहायता के रूप में दिलाया जाएगा।