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Muzaffarnagar News: परिवार न्यायालय के पीठासीन अधिकारी बनाए गए जज रवि दिवाकर

Sat, 24 Oct 2026 12:38 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2026 12:38 AM IST
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Judge Ravi Diwakar has been appointed as the presiding officer of the Family Court.
मुजफ्फरनगर। छह अप्रैल से सात सितंबर तक 10 मामलों में 23 दोषियों को फांसी की सजा सुनाकर देशभर में सुर्खियों में आए जज रवि कुमार दिवाकर का फास्ट ट्रैक कोर्ट से तबादला कर दिया गया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल मंजीत सिंह श्योराण के आदेश के बाद अब वह परिवार न्यायालय के अपर प्रधान न्यायाधीश होंगे। उनकी जगह फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-2 की पीठासीन अधिकारी/अपर सत्र न्यायाधीश शिव कुमारी को नियुक्त किया गया।
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जज रवि कुमार दिवाकर पिछले साल 29 नवंबर को बरेली से स्थानांतरित होकर आए थे। फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रहते हुए उन्होंने मुजफ्फरनगर और शामली जिले के चर्चित मामलों की सुनवाई की। जज दिवाकर की अदालत से 18 अगस्त को तत्कालीन जिला जज बीरेंद्र कुमार सिंह ने हत्या की 97 पत्रावलियां रिकॉल कर ली थी। इसके बाद जिला जज सेवानिवृत्त हो गए।
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पत्रावलियां रिकॉल करने के बाद जज ने सवाल उठाते हुए एक फैसले के दौरान लिखा था कि सवाल केवल प्रकरणों को प्रशासनिक आधार पर रिकॉल करने की शक्ति का नहीं है, बल्कि उस शक्ति के प्रयोग के आधार का है।
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न्याय विभाग में यह भी किया फेरबदल
परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश खलीकुज्जमां अब औरैया जिले में एमएसीटी के पीठासीन अधिकारी बनाए गए हैं। इनके स्थान पर औरैया से एमएसीटी के पीठासीन अधिकारी रजनीश कुमार जिले में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के पद पर आसीन होंगे। अपर जिला सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट) कोर्ट संख्या-1 की पीठासीन अधिकारी मंजुला भालोटिया को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रांसफर किया गया है।

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अपनी सुरक्षा में कटौती पर उठा चुके सवाल
जज रवि कुमार दिवाकर ने अपने एक आदेश में खुलकर नाराजगी जताई कि लगातार खतरों के बावजूद स्थानीय पुलिस ने उनकी सुरक्षा में कटौती कर दी है। उन्होंने अपनी सुरक्षा की तुलना बरेली और वाराणसी की पोस्टिंग के दौरान मिली सुरक्षा से की और इसे अपर्याप्त बता चुके हैं।
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