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मुजफ्फरनगर: पेट्रोल पंप के क्यूआर कोड में मंगाते थे साइबर ठगी की रकम, गुरुग्राम के बैंक मैनेजर सहित दो पकड़े
Fri, 11 Sep 2026 06:10 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: Mohd Mustakim
Updated Fri, 11 Sep 2026 06:10 PM IST
सार
मुजफ्फरनगर की साइबर क्राइम पुलिस ने गुरुग्राम के इंडसइंड बैंक के मैनेजर आकाश और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। ये लोग साइबर ठगी की रकम को किसी पेट्रोल पंप के क्यूआर से जुड़े खाते में मंगाते थे और फिर कमीशन देकर कैश ले लेते थे।
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गिरफ्तारी। सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पेट्रोल पंपों के क्यूआर कोड का उपयोग कर साइबर ठगी की धनराशि को विभिन्न खातों में स्थानांतरित करने वाले बागपत निवासी अर्पित कुमार व उसके साथी महोबा निवासी गुरुग्राम के इंडसइंड बैंक के मैनेजर आकाश को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी साइबर अपराध से प्राप्त रकम को छिपाने के लिए पेट्रोल पंप के क्यूआर कोड का इस्तेमाल करते थे। इस गिरोह के खिलाफ बुढ़ाना थाना सहित सात शिकायत साइबर पोर्टल पर दर्ज हैं।
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एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि गिरफ्तार आरोपी अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इस धोखाधड़ी के काम को अंजाम दे रहे थे। वे पेट्रोल पंपों पर जाते थे और उन्हें अपनी कोई न कोई मजबूरी बताते थे। इसके बाद वे पेट्रोल पंप का क्यूआर कोड प्राप्त कर लेते थे। इस क्यूआर कोड को वे अपने अन्य साथियों को भेजते थे।
साथी इस क्यूआर कोड के माध्यम से विभिन्न पेट्रोल पंपों के खातों में ठगी की धनराशि जमा कराते थे। यह जानकारी मिलने के बाद आरोपी पेट्रोल पंप कर्मियों को दो प्रतिशत कमीशन देकर नकद धनराशि निकलवाते थे।
साथी इस क्यूआर कोड के माध्यम से विभिन्न पेट्रोल पंपों के खातों में ठगी की धनराशि जमा कराते थे। यह जानकारी मिलने के बाद आरोपी पेट्रोल पंप कर्मियों को दो प्रतिशत कमीशन देकर नकद धनराशि निकलवाते थे।
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इसमें अपना कमीशन काटने के बाद वे शेष रकम को एटीएम के माध्यम से अलग-अलग बैंक खातों में जमा या स्थानांतरित करते थे। इस तरह वे धनराशि को कई खातों में घुमाकर उसके वास्तविक स्रोत को छिपाने का प्रयास करते थे। यह पूरा रैकेट सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। इसका मुख्य उद्देश्य साइबर अपराध से अर्जित धन को वैध दिखाना था।
इस कार्य के लिए बैंक खातों की व्यवस्था करने के लिए फर्जी और कूटरचित आधार कार्ड का प्रयोग करते थे। यह जानकारी भी जांच में सामने आई है। इन फर्जी दस्तावेज का उपयोग पहचान छिपाने के लिए किया जाता था। इससे पुलिस के लिए उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था।
एसपी क्राइम ने बताया कि साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम ने निरीक्षक कर्मवीर सिंह के नेतृत्व में जांच की। इस धोखाधड़ी की घटना में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अर्पित कुमार किरठल रमाला, बागपत का निवासी है। दूसरा आरोपी आकाश है, जो रेवारा, कवरई, महोबा का रहने वाला है। ये दोनों बुढ़ाना क्षेत्र में ठगी करने के लिए आए थे। उनके साथियों के बारे में जानकारी की जा रही है। आरोपियों का चालान कर दिया है।
बुढ़ाना में की ठगी
जांच अधिकारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी आकाश गुरुग्राम के इंडसइंड बैंक का मैनेजर है। अर्पित कक्षा 12 तक पढ़ने के बाद लालचवश इस धंधे में जुड़ गया। साइबर पोर्टल प्रतिबिंब पर अन्य प्रांतों से सात शिकायत दर्ज हैं। आरोपियों ने बुढ़ाना के एक पेट्रोल पंप के क्यूआर से 45 हजार रुपये निकलवाए थे। शामली में 25 हजार व बड़ौत में 77 हजार रुपये निकलवाए थे। चार शिकायतें दूर-दराज की हैं। इस गिरोह का एक साथी भी प्रकाश में आया है, उसकी तलाश की जा रही है।
जांच अधिकारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी आकाश गुरुग्राम के इंडसइंड बैंक का मैनेजर है। अर्पित कक्षा 12 तक पढ़ने के बाद लालचवश इस धंधे में जुड़ गया। साइबर पोर्टल प्रतिबिंब पर अन्य प्रांतों से सात शिकायत दर्ज हैं। आरोपियों ने बुढ़ाना के एक पेट्रोल पंप के क्यूआर से 45 हजार रुपये निकलवाए थे। शामली में 25 हजार व बड़ौत में 77 हजार रुपये निकलवाए थे। चार शिकायतें दूर-दराज की हैं। इस गिरोह का एक साथी भी प्रकाश में आया है, उसकी तलाश की जा रही है।