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मुजफ्फरनगर: सेवानिवृत्त दमकलकर्मी को किया डिजिटल हाउस अरेस्ट, आतंकवादियों का साथी बताकर ठगे 21 लाख रुपये
Thu, 29 Oct 2026 11:10 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: Mohd Mustakim
Updated Thu, 29 Oct 2026 11:10 PM IST
सार
शाहपुर निवासी अशरफ अली दमकल विभाग से रिटायर्ड हैं। साइबर अपराधियों ने नौ दिन तक उन्हें डिजिटल हाउस अरेस्ट किए गए। इस दौरान धमकाकर अलग-अलग खातों में रुपये डलवाए गए। साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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साइबर क्राइम
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
लखनऊ एटीएस का अफसर बताकर साइबर ठगों ने मुजफ्फरनगर के शाहपुर निवासी सेवानिवृत्त दमकल कर्मचारी को नौ दिन डिजिटल अरेस्ट कर लिया। जांच के नाम पर 21 लाख रुपये ले लिए। ठगी का एहसास होने पर बुजुर्ग ने पहले शाहपुर और फिर साइबर अपराध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। उधर, साइबर थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि पीड़ित के लगभग नौ लाख रुपये होल्ड करा दिए गए हैं।
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सेवानिवृत्त कर्मचारी अशरफ अली ने पुलिस को बताया कि 15 अक्तूबर को वह पंजाब में अपनी रिश्तेदारी में गए हुए थे। सुबह नौ बजे उनके मोबाइल पर कॉल कर अज्ञात व्यक्ति ने कहा कि आपका एक सिमकार्ड कश्मीर में आतंकवादियों के बीच में मिला है। आपका एक अकाउंट एचडीएफसी बैंक में है, जिसमें 70 करोड़ रुपये मिले हैं। इनमें से आप 10 प्रतिशत का हिस्सा प्राप्त करते हैं। यह बात सुनते ही अशरफ अली डर गए।
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कॉल करने वाले व्यक्ति ने अलग कमरे में जाने को कहा और फोन पर ही टाइप करके खुद को एटीएस लखनऊ का अधिकारी बताकर डराया। यह भी कहा कि यदि हमारा साथ दोगे तो आपको इस केस से बचा लेंगे। चेतावनी दी गई कि हमें हर दो घंटे में रिपोर्ट करते रहना और किसी से भी इस बात का जिक्र मत करना। फिर दूसरा नंबर भेजकर बात कराई।
इसके बाद प्रदीप रावत नाम के व्यक्ति ने एटीएस से बताकर एनआईए का फर्जी नोटिस तैयार कर उनके व्हाट्सएप पर भेजा। इसके बाद गोपनीयता समझौता एटीएस और एनआईए विभाग के नाम से लिखवाया गया। 16 अक्तूबर को कुछ हथियार बंद व्यक्तियों के फोटो, कुछ हथियारों के फोटो व कुछ नोटों से भरे बैग व कमरे में फैले नोटों के फोटो, एनआईए व पुलिस अधिकारियों द्वारा पकड़े गए व्यक्तियों, बैंक कर्मचारियों के भी फोटो भेजे और कहा कि यह तुम्हारे साथी से पकड़े गए हैं।
17 अक्तूबर को पीड़ित पंजाब से वापस अपने घर शाहपुर वापस आया। आरोपियों ने 21 अक्तूबर को खाता नंबर भेजकर रुपये डालने के लिए कहा। पीड़ित ने 22 अक्तूबर को 20 लाख रुपये भेज दिए। जेल भेजने की धमकी देकर 23 अक्तूबर को एक बार 49000 और दूसरी बार 45900 रुपये भेजे गए। आरोपियों ने कहा कि जांच के बाद रुपये वापस भेज देंगे। रुपये वापस नहीं आए तो पीड़ित ने आरोपियों को कॉल की। नंबर स्विच ऑफ मिले। इसके बाद ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित ने थाना शाहपुर में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद यह मामला साइबर थाने में दर्ज किया गया है। साइबर थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है।
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