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Muzaffarnagar News: रास्ते बंद होते ही औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन प्रभावित
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मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा के चलते शहर और हाईवे पर रास्ते बंद होने का असर उद्योगों पर दिखना शुरू हो गया है। हाईवे के दोनों ओर अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों की करीब 300 छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों में कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होना शुरू हो गई है। कच्चे माल की आपूर्ति न होने से इन सभी इकाइयों में उत्पादन भी प्रभावित होने की आशंका है। मांग की जा रही है कि औद्योगिक इकाइयों में आने वाले वाहनों के लिए रास्ते बंद न किए जाएं।
शहर से कांवड़ यात्रियों का आवागमन प्रारंभ हो चुका है। यातायात पुलिस की ओर से रूट डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। इसके तहत 29 और 30 जुलाई की रात्रि से 12 अगस्त तक कांवड़ यात्रा नहर पटरी मार्ग और एनएच-58 पर भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबंधित किए गए हैं।
चार अगस्त तक केवल हल्के और मध्यम वाहनों को हाईवे की बाईं साइड में चलने की इजाजत है। जबकि दाईं लेन हरिद्वार से आने वाले कांवड़ियों के लिए आरक्षित की गई है। वाहन पास बनने से उद्यमी और लेबर तो फैक्टरी पहुंच रही है। लेकिन डायवर्जन के कारण भारी वाहन औद्योगिक इकाइयों तक नहीं जा पा रहे।
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वाहनों को वैकल्पिक मार्ग देकर समय निर्धारित करें
आईआईए के डिविजनल चेयरमैन पवन कुमार गोयल का कहना है कि जिला प्रशासन से मांग की गई है कि ऐसी व्यवस्था की जाए कि कच्चा माल लेकर आने वाले वाहनों को रास्ता दिया जाए। वाहनों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराते हुए आवागमन का समय निर्धारित कर दिया जाए।
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आवश्यक वस्तुओं के लिए रास्ते प्रतिबंधित नहीं
फेडरेशन ऑफ मुजफ्फरनगर कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पूर्व अध्यक्ष अंकित संगल का कहना है कि वह ऑक्सीजन फिलिंग प्लांट संचालित करते हैं। जो आवश्यक वस्तुओं में आती है। बैरिकेडिंग के कारण वह अपनी कार सड़क पर खड़ा कर फैक्टरी पहुंच रहे हैं, लेकिन ऑक्सीजन सिलिंडर की गाड़ी आने-जाने पर रोक नहीं है। लेकिन बाकी उद्यमियों को दिक्कत हो रही है।
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हर साल मैनेज करनी पड़ती है कांवड़ यात्रा
रोलिंग मिल्स एवं फर्नेस एसोसिएशन अध्यक्ष सतीश गोयल का कहना है कि यह हर साल का सिस्टम है। इन दिनों मेंटेनेंस हो जाती है। तैयार माल को तौल भी लेते हैं। कांवड़ यात्रा एक तरह का पर्व है। कभी कोरोना आ जाता है, या कभी दूसरी परेशानी। उनका भी तो सामना करना पड़ता है। इसलिए अब कांवड़ यात्रा को भी मैनेज किया जा रहा है।
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उत्पादन चालू है, लेकिन बंद हो जाएगी सप्लाई
आईआईए सदस्य एवं मोरवेल ट्यूब्स के निदेशक एफसी मोघा का कहना है कि उनकी फैक्टरी में उत्पादन हो रहा है। लेकिन हाईवे पर हेवी वाहनों पर प्रतिबंध के कारण माल की सप्लाई नहीं हो रही। चार अगस्त से तो हाईवे पूरी तरह बंद हो जाएगा। उस स्थिति में और भी समस्या होगी।
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शहर से कांवड़ यात्रियों का आवागमन प्रारंभ हो चुका है। यातायात पुलिस की ओर से रूट डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। इसके तहत 29 और 30 जुलाई की रात्रि से 12 अगस्त तक कांवड़ यात्रा नहर पटरी मार्ग और एनएच-58 पर भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबंधित किए गए हैं।
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चार अगस्त तक केवल हल्के और मध्यम वाहनों को हाईवे की बाईं साइड में चलने की इजाजत है। जबकि दाईं लेन हरिद्वार से आने वाले कांवड़ियों के लिए आरक्षित की गई है। वाहन पास बनने से उद्यमी और लेबर तो फैक्टरी पहुंच रही है। लेकिन डायवर्जन के कारण भारी वाहन औद्योगिक इकाइयों तक नहीं जा पा रहे।
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वाहनों को वैकल्पिक मार्ग देकर समय निर्धारित करें
आईआईए के डिविजनल चेयरमैन पवन कुमार गोयल का कहना है कि जिला प्रशासन से मांग की गई है कि ऐसी व्यवस्था की जाए कि कच्चा माल लेकर आने वाले वाहनों को रास्ता दिया जाए। वाहनों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराते हुए आवागमन का समय निर्धारित कर दिया जाए।
आवश्यक वस्तुओं के लिए रास्ते प्रतिबंधित नहीं
फेडरेशन ऑफ मुजफ्फरनगर कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पूर्व अध्यक्ष अंकित संगल का कहना है कि वह ऑक्सीजन फिलिंग प्लांट संचालित करते हैं। जो आवश्यक वस्तुओं में आती है। बैरिकेडिंग के कारण वह अपनी कार सड़क पर खड़ा कर फैक्टरी पहुंच रहे हैं, लेकिन ऑक्सीजन सिलिंडर की गाड़ी आने-जाने पर रोक नहीं है। लेकिन बाकी उद्यमियों को दिक्कत हो रही है।
हर साल मैनेज करनी पड़ती है कांवड़ यात्रा
रोलिंग मिल्स एवं फर्नेस एसोसिएशन अध्यक्ष सतीश गोयल का कहना है कि यह हर साल का सिस्टम है। इन दिनों मेंटेनेंस हो जाती है। तैयार माल को तौल भी लेते हैं। कांवड़ यात्रा एक तरह का पर्व है। कभी कोरोना आ जाता है, या कभी दूसरी परेशानी। उनका भी तो सामना करना पड़ता है। इसलिए अब कांवड़ यात्रा को भी मैनेज किया जा रहा है।
उत्पादन चालू है, लेकिन बंद हो जाएगी सप्लाई
आईआईए सदस्य एवं मोरवेल ट्यूब्स के निदेशक एफसी मोघा का कहना है कि उनकी फैक्टरी में उत्पादन हो रहा है। लेकिन हाईवे पर हेवी वाहनों पर प्रतिबंध के कारण माल की सप्लाई नहीं हो रही। चार अगस्त से तो हाईवे पूरी तरह बंद हो जाएगा। उस स्थिति में और भी समस्या होगी।