पीलीभीत: 3.35 करोड़ रुपये की लागत से बनेंगे आठ नए स्वास्थ्य केंद्र, इलाज के लिए नहीं लगानी पड़ेगी दौड़
पीलीभीत जिले के दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों में आठ नए स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाएंगे। इन पर करीब 3.35 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
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पीलीभीत जिले के दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। करीब 3.35 करोड़ रुपये की लागत से आठ नए स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कराया जाएगा। स्वास्थ्य केंद्रों के अस्तित्व में आने के बाद ग्रामीणों को सामान्य उपचार और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कई किलोमीटर दूर सीएचसी या पीएचसी की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
वर्तमान में जिले में 160 से अधिक स्वास्थ्य केंद्र (आरोग्य मंदिर) संचालित हैं। अमरिया में 18, बरखेड़ा में 20, बिलसंडा में 22, बीसलपुर में 23, ललौरीखेड़ा में 18, न्यूरिया में 17 और पूरनपुर में 42 केंद्र संचालित हैं। इसके अलावा नगरीय क्षेत्रों में अर्बन आरोग्य मंदिर भी चल रहे हैं। इसके बावजूद कई दूरस्थ गांव ऐसे हैं, जहां आसपास प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसी समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नए स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण का प्रस्ताव जिला पंचायत को भेजा था। प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए आठ केंद्रों के निर्माण के लिए करीब 3.35 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई है। प्रत्येक केंद्र के भवन निर्माण पर करीब 40 लाख रुपये खर्च होंगे।
एएमए धमेंद्र कुमार ने बताया कि नियमानुसार निर्माण प्रक्रिया पर अमल कराया जाएगा। सीएमओ डॉ. बीसी पंत ने बताया कि जिला पंचायत की ओर से आठ स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाएंगे। भविष्य में स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसका संचालन किया जाएगा। इससे स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी।
इन आठ गांवों में बनेंगे स्वास्थ्य केंद्र
चयनित गांवों में दियूरनियां, नरायन तालुका घुंघचाई, सिमरा तालुका महाराजपुर, सिद्धनगर, पचपेड़ा तालुका शाहपुर, बरातबोझ, गोपालपुर और भमौरा शामिल हैं। इन स्थानों के आसपास अर्बन आरोग्य मंदिर या पीएचसी संचालित नहीं है।
दो से तीन कमरों और प्रसव कक्ष की सुविधा भी होगी
भूमि आवंटन के बाद स्वास्थ्य केंद्रों के भवन का निर्माण कराया जाएगा। भवन में दो से तीन कमरे, शौचालय, दवा भंडार कक्ष, प्रसव कक्ष और स्वास्थ्य अधिकारी का कक्ष बनाया जाएगा। इसके लिए जिला पंचायत ने अनुमानित लागत के आधार पर टेंडर प्रक्रिया शुरू की है।
योग वेलनेस सेंटर भी होंगे संचालित
नए स्वास्थ्य केंद्रों में योग वेलनेस सेंटर भी संचालित किए जाएंगे। ग्रामीणों को योग के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशिक्षक की व्यवस्था होगी। सुबह के समय ग्रामीण प्रशिक्षक की देखरेख में योग कर सकेंगे। केंद्र शुरू होने के बाद योग से संबंधित आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
जर्जर पुराने केंद्रों की भी सुधरेगी हालत
जिले में संचालित पुराने स्वास्थ्य केंद्रों में कई भवन जर्जर स्थिति में हैं, जबकि कुछ केंद्रों पर नियमित संचालन नहीं होने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ऐसे केंद्रों को चिह्नित कर उनके भवनों के पुनर्निर्माण और जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता पर भी काम करेगा, ताकि पहले से संचालित केंद्रों का बेहतर संचालन सुनिश्चित हो सके।