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Pilibhit News: छात्राओं की उच्च शिक्षा में बढ़ती भागीदारी पर डाला प्रकाश
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उपाधि महाविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में मौजूद स्टाफ और छात्राएं। स्रोत आयोजक
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पीलीभीत। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में छात्राओं की बढ़ती भूमिका और उनके सशक्त योगदान को रेखांकित करने के उद्देश्य से उपाधि महाविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग की ओर से मंगलवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से संपन्न हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप जलाकर किया गया। इसमें समाजशास्त्र विभाग के प्रभारी प्रोफेसर सत्येंद्र नारायण, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर दुष्यंत कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दुर्गेशधर द्विवेदी, डॉ. कविता कनौजिया उपस्थित रहे। इसके बाद कार्यशाला का विधिवत आरंभ हुआ। ऑनलाइन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में लखनऊ विश्वविद्यालय की समाजशास्त्र विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अर्चना वर्मा जुड़ीं।
उन्होंने वैदिक काल से लेकर वर्तमान समय तक महिलाओं की शिक्षा में भूमिका पर प्रकाश डाला और छात्राओं को प्रेरक उदाहरणों के माध्यम से विषय को सरलता से समझाया। स्नातकोत्तर स्तर के अनेक छात्र-छात्राओं ने अपने विचार प्रस्तुत किए। एमए तृतीय सेमेस्टर की छात्रा राखी वर्मा ने चंद्रयान अभियान में महिलाओं के योगदान का उल्लेख किया, जबकि छात्रा ज्योति ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में महिलाओं के नेतृत्व को उच्च शिक्षा से जोड़कर प्रस्तुत किया। प्रियांशी सक्सेना, अंकित, कशिश, नीना सहित अन्य विद्यार्थियों ने भी विचार रखे।
डॉ. दुर्गेश धर द्विवेदी ने कहा कि आधी आबादी की उच्च शिक्षा में बढ़ती भागीदारी समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है। प्रभारी प्रोफेसर सत्येंद्र नारायण ने बताया कि महाविद्यालय में लगभग 80 प्रतिशत छात्राएं अध्ययनरत हैं, जो इस बदलाव का प्रमाण है। इस मौके पर प्राचार्य प्रोफेसर दुष्यंत कुमार, डॉ. गोपाल दीक्षित, डॉ. राखी मिश्रा, डॉ. शेफाली सक्सेना, डॉ. जितेंद्र मिश्रा, डॉ. गजेंद्र कुमार, डॉ. कौशल, डॉ. रूद्र, डॉ. अमित सक्सेना आदि मौजूद रहे। संवाद
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कार्यक्रम का शुभारंभ दीप जलाकर किया गया। इसमें समाजशास्त्र विभाग के प्रभारी प्रोफेसर सत्येंद्र नारायण, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर दुष्यंत कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दुर्गेशधर द्विवेदी, डॉ. कविता कनौजिया उपस्थित रहे। इसके बाद कार्यशाला का विधिवत आरंभ हुआ। ऑनलाइन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में लखनऊ विश्वविद्यालय की समाजशास्त्र विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अर्चना वर्मा जुड़ीं।
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उन्होंने वैदिक काल से लेकर वर्तमान समय तक महिलाओं की शिक्षा में भूमिका पर प्रकाश डाला और छात्राओं को प्रेरक उदाहरणों के माध्यम से विषय को सरलता से समझाया। स्नातकोत्तर स्तर के अनेक छात्र-छात्राओं ने अपने विचार प्रस्तुत किए। एमए तृतीय सेमेस्टर की छात्रा राखी वर्मा ने चंद्रयान अभियान में महिलाओं के योगदान का उल्लेख किया, जबकि छात्रा ज्योति ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में महिलाओं के नेतृत्व को उच्च शिक्षा से जोड़कर प्रस्तुत किया। प्रियांशी सक्सेना, अंकित, कशिश, नीना सहित अन्य विद्यार्थियों ने भी विचार रखे।
डॉ. दुर्गेश धर द्विवेदी ने कहा कि आधी आबादी की उच्च शिक्षा में बढ़ती भागीदारी समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है। प्रभारी प्रोफेसर सत्येंद्र नारायण ने बताया कि महाविद्यालय में लगभग 80 प्रतिशत छात्राएं अध्ययनरत हैं, जो इस बदलाव का प्रमाण है। इस मौके पर प्राचार्य प्रोफेसर दुष्यंत कुमार, डॉ. गोपाल दीक्षित, डॉ. राखी मिश्रा, डॉ. शेफाली सक्सेना, डॉ. जितेंद्र मिश्रा, डॉ. गजेंद्र कुमार, डॉ. कौशल, डॉ. रूद्र, डॉ. अमित सक्सेना आदि मौजूद रहे। संवाद
