Pilibhit News: एसआईआर प्रक्रिया में फर्जीवाड़े का आरोप, कार्रवाई न होने पर सपा ने दी आंदोलन की चेतावनी
पीलीभीत में सपा नेता यूसुफ कादरी ने एसआईआर प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर कर घर-घर जाकर शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं, जिनके माध्यम से आपत्तियां दाखिल की जा रही हैं।
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पीलीभीत में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व महासचिव यूसुफ कादरी ने रविवार को प्रेस वार्ता में दावा किया कि एसआईआर की तिथि बढ़ाए जाने के बावजूद पहले से भरे गए फार्म और प्रकाशित मतदाता सूची के बाद जिस तरह जानबूझकर गलत आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं, वह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक सुनियोजित योजना के तहत जनपद की चारों विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 50 हजार से अधिक प्रपत्र संख्या-7 वितरित किए गए। प्रत्येक बूथ पर 50 से 100 मतदाताओं के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर कर घर-घर जाकर शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं, जिनके माध्यम से आपत्तियां दाखिल की जा रही हैं। संबंधित बीएलओ पर भी अनावश्यक दबाव बनाए जाने की बात कही गई।
बताया गया कि यह मामला पहले बाकरगंज में सामने आया, इसके बाद मुढ़ालिया गौस, शाही नगर, रफतनगर और मानपुर गांव में भी इसी तरह की शिकायतें मिली हैं। मानपुर गांव में 115 प्रपत्र सामने आए, जिन पर शिकायतकर्ता द्वारा हस्ताक्षर दर्शाए गए थे, जबकि शिकायतकर्ता ने स्वयं एसडीएम कार्यालय पहुंचकर बयान दर्ज कराया कि उसकी ओर से किसी भी मतदाता के संबंध में कोई शिकायत नहीं की गई है और उसके हस्ताक्षर फर्जी हैं।
आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
सपा नेता ने बताया कि इस पूरे मामले की जानकारी सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम स्तर पर दी गई है। अधिकारियों ने भी स्वीकार किया है कि इस प्रकार के प्रपत्र प्रशासन द्वारा जारी नहीं किए जाते। जांच का आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सपा ने जिलाधिकारी के माध्यम से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और प्रपत्र संख्या-7 के तहत फर्जी हस्ताक्षर कर आपत्तियां दर्ज कराने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
कार्रवाई न होने पर आंदोलन करने दी चेतावनी
चेतावनी दी गई कि यदि आगामी छह मार्च को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची के मिलान में अनियमितता पाई गई तो संबंधित बीएलओ और शिकायतकर्ताओं के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह लोकतंत्र को बचाने के लिए प्रत्येक वोट की रक्षा करेगी और यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी आंदोलन के लिए बाध्य होगी।