Pilibhit: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बोले- दोहरे हिंदू का खेल होगा बंद, गोमाता की सेवा वाली लाएंगे सरकार
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गोरक्षा धर्मयुद्ध यात्रा बुधवार को पीलीभीत पहुंची। उन्होंने गोमाता की हत्या रोकने और गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग की। शंकराचार्य ने कहा कि जो गोसेवा करेगा, वहीं हमारा राजा होगा।
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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि एक हिंदू गोवंश की पूजा कर उसको माता का स्थान देता है, वहीं दूसरा हिंदू खुद को संन्यासी, गोरक्षक बताकर देश में सबसे बड़ा स्लॉटर हाउस प्रदेश में चलवाता है। इस असली-नकली हिंदुओं के फर्क को अब हमें अलग करना होगा। जो गोमाता की सेवा करेगा, वहीं हमारा राजा होगा। उन्होंने कहा कि भगवान से ऊपर स्थान देने वाली गोमाता की हत्या पर रोक लगाने का वह हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने गोमती के उद्गम स्थल होने पर पीलीभीत को गोवंश का स्थल बताया और यहां गोआश्रय खोलने की भी बात कही।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की गोरक्षा धर्मयुद्ध (गविष्ठि) यात्रा बुधवार को पीलीभीत पहुंची। शहर के माधोटांडा क्रॉसिंग से लगे पूर्व चेयरमैन राजीव अग्रवाल के निजी बैंकटलॉन में उनका कार्यक्रम आयोजित किया गया। दोपहर लगभग डेढ़ बजे पहुंची यात्रा से पहले बैंकटलॉन में एकत्र सैकड़ों अनुयायी उनकी एक झलक के लिए बेताब दिखे। वाहन से निकलते ही शंकराचार्य पर पुष्प वर्षा की गई। मंत्रोच्चारणों के जाप के बाद कार्यक्रम शुरू किया गया।
गोमती उद्गम स्थल का जिक्र
अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जहां गाय चारा खाती है व नदी के आसपास पानी पीती हैं, वह स्थल गोमती का स्थल होता है। शास्त्रों में भी पीलीभीत के गोमती उद्गम को गोवंश की सेवा का स्थल बताया है। उन्होंने कहा कि हम सनातन धर्म के रक्षक हैं। हमारे धर्म में गाय को भगवान से ऊपर स्थान मिला है। इसलिए घरों में पहली रोटी माता-पिता को नहीं गाय को खिलाई जाती है।
शंकराचार्य महाराज ने कहा कि सबको अब निर्णय लेना होगा कि गोमाता की हत्या को रुकवाया जाए। उन्होंने कहा वह सरकार को मौका देते है कि वह अपनी गलतियों को सुधारे, वरना देश का असली हिंदू अगर जाग गया तो वह सिर्फ गोसेवा करने वाली सरकार को लाकर रहेगा। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा, जगदेव सिंह जग्गा, आनंद सिंह यादव, सतनाम सिंह, मो. आरिफ, सुधीर तिवारी कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा आदि सहित अन्य नेतागण मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री पर तंज, बोले- संन्यासी होकर चला रहे संस्कारिक पद
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा, किसी भी संप्रदाय से अगर कोई व्यक्ति हिंदू धर्म में संन्यासी हो गया है तो वह संस्कारिक पद छोड़कर सनातन धर्म की रक्षा व धर्मप्रचार-प्रसार का कार्य करता है। जबकि नाथ संप्रदाय के योगी आदित्यनाथ खुद मुख्यमंत्री बने हुए हैं। जो कि अपने ही संप्रदाय के खिलाफ है।
दान से बनेगा गोआश्रय, प्रतिनिधित्व करेंगे पूर्व चेयरमैन
पीलीभीत में गायों की सेवा के लिए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने लोगों से गोसेवा के लिए गोआश्रय बनाने को कहा। उन्होंने सभी के सहयोग से यह काम करने को कहा। उन्होंने पूर्व चेयरमैन को अपने प्रतिनिधित्व में यह कार्य सौंपा।
'गाय को राष्ट्र माता घोषित न करने से हो रहा मोह भंग'
पूरनपुर में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि गाय को राष्ट्र माता घोषित न किए जाने से उनका सरकार से मोहभंग हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुत्व के नाम पर सत्ता में आने के बावजूद केंद्र और प्रदेश सरकारों ने गो संरक्षण के लिए अपेक्षित कदम नहीं उठाए। उनका कहना था कि गाय को पशु की सूची से हटाकर राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाना चाहिए।
नगर के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने लोगों से गौरक्षा के लिए संकल्प लेने और केवल उन्हीं जनप्रतिनिधियों का समर्थन करने की अपील की जो गोमाता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हों। उन्होंने कहा कि शास्त्रों के अनुसार अधर्म को सहना भी अधर्म है और गोमाता पर अत्याचार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने अनिल शास्त्री को गोरक्षा के लिए अपना प्रतिनिधि बनाया।