{"_id":"6a7790f5c9b972e9170526fe","slug":"administrations-preparations-remain-incomplete-even-after-the-mahuli-accident-pratapgarh-news-c-262-1-ptp1005-174884-2026-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pratapgarh News: महुली हादसे के बाद भी प्रशासन की तैयारी अधूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pratapgarh News: महुली हादसे के बाद भी प्रशासन की तैयारी अधूरी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में जर्जर आवासों को चिह्नित करने में प्रशासन और नगर निकायों की लापरवाही सामने आई है। शासन ने मानसून शुरू होने से पहले यह कार्य पूरा करने का निर्देश दिया था। इस अनदेखी के कारण महुली हादसे के बाद लालगंज में भी एक बुजुर्ग की जान चली गई।
प्रशासन की अधूरी तैयारी के कारण बुधवार देर रात महुली में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने बताया कि 17 जून को मृतक प्रमोद श्रीवास्तव को जर्जर आवास के लिए नोटिस भेजी गई थी। घटना के 72 घंटे बाद नगर निकाय से लेकर तहसील और ब्लॉक के अफसर चिह्नांकन का काम पूरा कर सके हैं।
समय पर कार्य पूरा न होने से शनिवार सुबह करीब 10 बजे लालगंज तहसील के मोठिन खास में 70 वर्षीय नासिर की मलबे में दबकर मौत हो गई। उनका कच्चा आवास भरभराकर गिर गया था। यह इस साल की दूसरी जनहानि नहीं है। मई माह में बाघराय थाना क्षेत्र में शांति देवी (46) और शिवभूषण पांडेय भी मलबे में दबकर जान गंवा चुके हैं।
विज्ञापन
जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने जर्जर आवासों को चिह्नित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि अभी तक 450 जर्जर आवासों को चिह्नित किया जा चुका है। लोगों को सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाना उनकी पहली प्राथमिकता है।
विज्ञापन
प्रशासन की अधूरी तैयारी के कारण बुधवार देर रात महुली में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने बताया कि 17 जून को मृतक प्रमोद श्रीवास्तव को जर्जर आवास के लिए नोटिस भेजी गई थी। घटना के 72 घंटे बाद नगर निकाय से लेकर तहसील और ब्लॉक के अफसर चिह्नांकन का काम पूरा कर सके हैं।
विज्ञापन
समय पर कार्य पूरा न होने से शनिवार सुबह करीब 10 बजे लालगंज तहसील के मोठिन खास में 70 वर्षीय नासिर की मलबे में दबकर मौत हो गई। उनका कच्चा आवास भरभराकर गिर गया था। यह इस साल की दूसरी जनहानि नहीं है। मई माह में बाघराय थाना क्षेत्र में शांति देवी (46) और शिवभूषण पांडेय भी मलबे में दबकर जान गंवा चुके हैं।
विज्ञापन
जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने जर्जर आवासों को चिह्नित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि अभी तक 450 जर्जर आवासों को चिह्नित किया जा चुका है। लोगों को सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाना उनकी पहली प्राथमिकता है।