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Pratapgarh News: बरसंडा में चोरी कर तीन गोवंश काटने से आक्रोश
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देल्हूपुर थाना क्षेत्र के बरसंडा में शुक्रवार की रात पशुशालाओं से चार गोवंश चुराकर तीन को काटकर उनके अवशेष बकुलाही नदी किनारे फेंक दिए। शनिवार की लोगों अवशेष देखे तो आक्रोश फैल गया। बवाल की आशंका पर एएसपी पूर्वी शैलेंद्र लाल, रानीगंज सीओ विनय प्रभाकर साहनी पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे। अवशेषों को पॉलीथिन में भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
चोरी बरसंडा के रहने वाले जगदीश सिंह व आकाश की पशुशाला से हुई। हालांकि, आहट पाकर लोगों ने जागकर खोजबीन की लेकिन कुछ पता नहीं चला। जगदीश के अनुसार भोर में एक गोवंश भागकर उनके घर पहुंचा। इसके बाद वह गोवशों की तलाश करते हुए बकुलाही नदी की ओर पहुंचे। वहां खून व गोवंश के अवशेष मिले।
सूचना मिलने पर देल्हूपुर थानाध्यक्ष राधे बाबू भी पहुंच गए। इसी दौरान गांव के लोगों ने नदी में घुसकर काटे गए गोवंश के अवशेष निकाले। कुछ दूरी पर वाहन के निशान भी मिले। आक्रोशित ग्रामीण कार्रवाई की मांग को लेकर थाने का घेराव करने पहुंच गए। पुलिस पर भी आरोप लगाए। थानाध्यक्ष से तीखी बहस हुई।
बाद में पशुपालक जगदीश सिंह की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली। इस बीच गुस्साए लोगों की भीड़ थाने से लेकर हाईवे तक जमा रही। घटना के बाद पुलिस अपने-अपने क्षेत्रों के पशु तस्करों की खोजबीन में जुट गई। उनकी लोकेशन खंगाली जाने लगी।
घटना को अंजाम देने वालों को पकड़ने के लिए पुलिस की छह टीमें लगाई गई हैं। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है।
-शैलेंद्र लाल, एएसपी पूर्वी
पूर्व विधायक ने दी चेतावनी
घटना की जानकारी मिलने पर रानीगंज के पूर्व विधायक अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से बातचीत के बाद समर्थकों संग थाने पहुंचकर थानाध्यक्ष से बातचीत की। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ 24 घंटे के भीतर कार्रवाई न होने पर वह हाईवे जाम करेंगे।
एक साल पहले मिले थे अवशेष
बरसंडा से गुजरी बकुलाही नदी के तट पर साल भर पहले उसी स्थान पर छह गोवंश काटे गए थे, जहां शनिवार को घटना हुई। तब पुलिस ने गोवंश के अवशेषों को दफनवा दिया था। उस समय भी बड़ा बवाल होने से बच गया था।
20 दिन पहले भी चोरी हुए हैं दो गोवंश
बरसंडा के रहने वाले नन्हें सिंह ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि 20 दिन पहले पशुशाला से उसके दो गोवंश चोरी हो गए, जिनका पता नहीं चल सका।
संभ्रांत ग्रामीणों ने संभाली स्थिति
विश्वनाथगंज। बरसंडा में गोवंश को काटकर फेंके जाने की घटना को लेकर आसपास के गांवों में तनाव फैल गया। यहां तक कि सीमावर्ती प्रयागराज जनपद से भी बहुत से लोग पहुंच गए। आक्रोशित लोगों के तेवर देख क्षेत्र का माहौल बिगड़ने से बचाने के लिए संभ्रांत ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय दिया। हालांकि, लोगों का आरोप रहा कि रात में सूचना के बाद डायल 112 के पुलिसकर्मी पहुंचे। खोजबीन में मदद के बजाय सुबह थाने पर आकर सूचना देने की बात कही थी। संवाद
कई सालों से तैनात पुलिसकर्मियों से नाराजगी
आक्रोशित लोगों का कहना था कि कई सालों से थाने पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तस्करी से जुड़े लोगों से संबंध बना रखे हैं। उनके वाहन का इस्तेमाल करते हैं। ओम प्रकाश पांडेय, कांग्रेस जिलाध्यक्ष नीरज त्रिपाठी ने ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
झाड़ी में मिला मोबाइल व डायरी
घटना की जानकारी के बाद पहुंचे पुलिसकर्मी खोजबीन कर रहे थे। तभी झाड़ी में एक मोबाइल फोन बजता हुआ मिला। करीब में डायरी पड़ी थी। लोग आशंका जताने लगे कि वह गोवंश काटने वालों के हैं लेकिन थानाध्यक्ष ने जांच के बाद बताया कि डायरी वह मोबाइल फोन डायल 112 के पुलिसकर्मियों के हैं।
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चोरी बरसंडा के रहने वाले जगदीश सिंह व आकाश की पशुशाला से हुई। हालांकि, आहट पाकर लोगों ने जागकर खोजबीन की लेकिन कुछ पता नहीं चला। जगदीश के अनुसार भोर में एक गोवंश भागकर उनके घर पहुंचा। इसके बाद वह गोवशों की तलाश करते हुए बकुलाही नदी की ओर पहुंचे। वहां खून व गोवंश के अवशेष मिले।
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सूचना मिलने पर देल्हूपुर थानाध्यक्ष राधे बाबू भी पहुंच गए। इसी दौरान गांव के लोगों ने नदी में घुसकर काटे गए गोवंश के अवशेष निकाले। कुछ दूरी पर वाहन के निशान भी मिले। आक्रोशित ग्रामीण कार्रवाई की मांग को लेकर थाने का घेराव करने पहुंच गए। पुलिस पर भी आरोप लगाए। थानाध्यक्ष से तीखी बहस हुई।
बाद में पशुपालक जगदीश सिंह की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली। इस बीच गुस्साए लोगों की भीड़ थाने से लेकर हाईवे तक जमा रही। घटना के बाद पुलिस अपने-अपने क्षेत्रों के पशु तस्करों की खोजबीन में जुट गई। उनकी लोकेशन खंगाली जाने लगी।
घटना को अंजाम देने वालों को पकड़ने के लिए पुलिस की छह टीमें लगाई गई हैं। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है।
-शैलेंद्र लाल, एएसपी पूर्वी
पूर्व विधायक ने दी चेतावनी
घटना की जानकारी मिलने पर रानीगंज के पूर्व विधायक अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से बातचीत के बाद समर्थकों संग थाने पहुंचकर थानाध्यक्ष से बातचीत की। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ 24 घंटे के भीतर कार्रवाई न होने पर वह हाईवे जाम करेंगे।
एक साल पहले मिले थे अवशेष
बरसंडा से गुजरी बकुलाही नदी के तट पर साल भर पहले उसी स्थान पर छह गोवंश काटे गए थे, जहां शनिवार को घटना हुई। तब पुलिस ने गोवंश के अवशेषों को दफनवा दिया था। उस समय भी बड़ा बवाल होने से बच गया था।
20 दिन पहले भी चोरी हुए हैं दो गोवंश
बरसंडा के रहने वाले नन्हें सिंह ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि 20 दिन पहले पशुशाला से उसके दो गोवंश चोरी हो गए, जिनका पता नहीं चल सका।
संभ्रांत ग्रामीणों ने संभाली स्थिति
विश्वनाथगंज। बरसंडा में गोवंश को काटकर फेंके जाने की घटना को लेकर आसपास के गांवों में तनाव फैल गया। यहां तक कि सीमावर्ती प्रयागराज जनपद से भी बहुत से लोग पहुंच गए। आक्रोशित लोगों के तेवर देख क्षेत्र का माहौल बिगड़ने से बचाने के लिए संभ्रांत ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय दिया। हालांकि, लोगों का आरोप रहा कि रात में सूचना के बाद डायल 112 के पुलिसकर्मी पहुंचे। खोजबीन में मदद के बजाय सुबह थाने पर आकर सूचना देने की बात कही थी। संवाद
कई सालों से तैनात पुलिसकर्मियों से नाराजगी
आक्रोशित लोगों का कहना था कि कई सालों से थाने पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तस्करी से जुड़े लोगों से संबंध बना रखे हैं। उनके वाहन का इस्तेमाल करते हैं। ओम प्रकाश पांडेय, कांग्रेस जिलाध्यक्ष नीरज त्रिपाठी ने ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
झाड़ी में मिला मोबाइल व डायरी
घटना की जानकारी के बाद पहुंचे पुलिसकर्मी खोजबीन कर रहे थे। तभी झाड़ी में एक मोबाइल फोन बजता हुआ मिला। करीब में डायरी पड़ी थी। लोग आशंका जताने लगे कि वह गोवंश काटने वालों के हैं लेकिन थानाध्यक्ष ने जांच के बाद बताया कि डायरी वह मोबाइल फोन डायल 112 के पुलिसकर्मियों के हैं।
