प्रतापगढ़ : हॉस्टल के लॉन में मिला एमबीबीएस छात्र का शव, मेडिकल कॉलेज में मची सनसनी
मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के 22 वर्षीय छात्र का शव मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मौत की वजह पता लगाने में जुटी है।
विस्तार
डॉ. सोनेलाल पटेल स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के हॉस्टल परिसर में रविवार सुबह एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र मिथिलेश कुमार (22) का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। शव हॉस्टल के लॉन में मिलने की सूचना से परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
बलिया के मझौआ सिद्दी निवासी मिथिलेश ने वर्ष 2024 में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) उत्तीर्ण करने के बाद मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया था। वह बॉयज हॉस्टल की दूसरी मंजिल पर तीन अन्य छात्रों के साथ रहता था।
सूचना मिलने पर एएसपी पूर्वी आलोक कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हॉस्टल के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और छात्रों से पूछताछ की। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाने के साथ ही डीवीआर कब्जे में ले लिया है।
छात्र की मौत की जानकारी मिलने पर उसकी बहन प्रियंका और बहनोई मेडिकल कॉलेज पहुंचे। मिथिलेश के पिता राम विलास पश्चिम बंगाल की कोयला खदान में नौकरी करते हैं। पुलिस के अनुसार, पिता के पहुंचने के बाद सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
सीनियर छात्र के साथ रात में लौटा था मिथिलेश
एमबीबीएस छात्र मिथिलेश शनिवार रात करीब 11 बजे सीनियर छात्र के साथ हॉस्टल के अंदर आते सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ। हॉस्टल में प्रवेश के बाद दूसरे मंजिल के अपने कमरे में जाने के बजाय मिथिलेश अपने सीनियर छात्र के साथ सीधे छत पर चला गया। छठी मंजिल की छत पर मृतक का मोबाइल और चश्मा मिला।
पुलिस कैमरों को खंगाल रही है। वहीं, महाविद्यालय प्रशासन और वार्डन की लापरवाही पर भी सवाल उठ रहे हैं। डॉ. सोनेलाल पटेल स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 2021 में हुई थी। स्थापना के बाद से वर्तमान में पांचवें सेमेस्टर की पढ़ाई महाविद्यालय में चल रही है।
दाखिले के लिए 100 सीटें आवंटित की गई हैं। स्थापना के बाद से महाविद्यालय प्रशासन की लापरवाही सामने आती रही है। करीब एक साल पहले एमबीबीएस की छात्रा ने हॉस्टल के कमरे में खुद को कैद कर नशीली दवा खा ली थी। तबीयत बिगड़ने पर छात्रा को कमरे से बाहर निकालकर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया।
एक साल बाद फिर से महाविद्यालय की लापरवाही उजागर हो गई। हॉस्टल के लॉन में मिले छात्र के शव मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सीसीटीवी कैमरे में रात करीब 11 बजे मिथिलेश अपने सीनियर छात्र के साथ हॉस्टल में प्रवेश करते देखा गया है।
दो माह पहले घर से लौटा था मिथिलेश
करीब दो माह पहले मिथिलेश घर से लौटा था। हॉस्टल के छात्रों के साथ मिलजुलकर रहता था। मेडिकल कॉलेज के सूत्रों के मुताबिक, वह प्रथम वर्ष में ही अनुत्तीर्ण हो गया था। इसकी वजह से भी वह तनाव में था। शिक्षक उसे लगातार बेहतर प्रयास करने की सलाह दे रहे थे।
चार सदस्यीय टीम गठित
प्राचार्य देवजीत शर्मा ने बताया कि घटना की जांच के लिए सीएमएस की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम गठित की गई है। रात नौ बजे के बाद छात्रों के हॉस्टल के बाहर निकलने पर रोक लगा दी गई है। वार्डन को रात में चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। हॉस्टल से बाहर जाने वाले छात्र को लिखित प्रार्थना पत्र देना होगा।
फॉरेंसिक टीम ने डीवीआर कब्जे में लिया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। डीवीआर के जरिये लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। - दीपक भूकर, एसपी