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Pratapgarh News: खाद का संकट, समितियाें पर लटका ताला
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जिले में बारिश होने के साथ ही किसान धान की रोपाई में जुट गए हैं। जिला कृषि विभाग के अनुसार, 170 सहकारी समितियों पर यूरिया और डीएपी की उपलब्धता है लेकिन बुधवार को कई समितियों पर ताले लटके मिले। जिस कारण किसानों को बाजार से अधिक दाम पर डीएपी की खरीदारी करनी पड़ रही है।
जिला कृषि अधिकारी के अनुसार इस बार जिले में 1.09 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई का लक्ष्य रखा गया है। करीब साढ़े पांच लाख पंजीकृत किसान हैं। अधिकांश किसानों की नर्सरी तैयार हो चुकी है। धान की रोपाई के लिए किसानों को डीएपी की जरूरत है लेकिन समितियों पर डीएपी की उपलब्धता नहीं है। विभागीय अफसरों का दावा है कि जिले में अभी 28 हजार मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। वहीं, डीएपी की उपलब्धता 72 सौ मीट्रिक टन है।
बंद मिला ताला, यहां किसान निराश
बुधवार को सदर ब्लॉक के चकबन तोड़ स्थित साधन सहकारी समिति पर ताला बंद मिला। साथ ही सुखपाल नगर चौराहा स्थित साधन सहकारी समिति पर भी ताला लटका रहा। रानीगंज अजगरा में खाद की उपलब्धता नहीं थी। बाबा बेलखरनाथ धाम ब्लॉक के खूंझीकला समिति पर महज 40 किसानों को डीएपी व यूरिया दी गई। फार्मर रजिस्ट्री और ईपॉश मशीन नहीं चलने से किसानों को दिक्कत हुई। इसी ब्लॉक की जगदीशगढ़ स्थित समिति पर महज 53 किसानों को खाद वितरित की गई।
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किसानों ने बताई परेशानी
तीन बीघा धान की रोपाई करनी है। पहले तो खाद नहीं मिली। फार्मर रजिस्ट्री कराया तब जाकर तीन बोरी डीएपी मिल सकी।
राम सचिव तिवारी, खूंझीकला
फार्मर रजिस्ट्री कराई है लेकिन अभी तक खाद नहीं मिल पाई। सचिव ने बताया कि जल्द ही खाद मिलेगी। धान की नर्सरी तैयार हो चुकी है।
कृष्ण कांत मिश्र, गहरीचक
सुखपाल नगर और चकबन तोड़ स्थित समिति पर गया लेकिन दोनों समितियों पर ताला लटका रहा। सचिव ने बताया कि खाद आने पर वितरण किया जाएगा। बाजार से खाद खरीदकर धान कर रोपाई कराई।
राहुल कुमार, अमरौना
वर्जन:-
जिले में 72 सौ मीट्रिक टन डीएपी की उपलब्धता है। मांग के अनुसार समितियों पर खाद भेजी जा रही है। जिन समितियों पर खाद नहीं पहुंची है, वहां भी जल्द उपलब्ध कराई जाएगी।
अशोक कुमार, जिला कृषि अधिकारी
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जिला कृषि अधिकारी के अनुसार इस बार जिले में 1.09 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई का लक्ष्य रखा गया है। करीब साढ़े पांच लाख पंजीकृत किसान हैं। अधिकांश किसानों की नर्सरी तैयार हो चुकी है। धान की रोपाई के लिए किसानों को डीएपी की जरूरत है लेकिन समितियों पर डीएपी की उपलब्धता नहीं है। विभागीय अफसरों का दावा है कि जिले में अभी 28 हजार मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। वहीं, डीएपी की उपलब्धता 72 सौ मीट्रिक टन है।
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बंद मिला ताला, यहां किसान निराश
बुधवार को सदर ब्लॉक के चकबन तोड़ स्थित साधन सहकारी समिति पर ताला बंद मिला। साथ ही सुखपाल नगर चौराहा स्थित साधन सहकारी समिति पर भी ताला लटका रहा। रानीगंज अजगरा में खाद की उपलब्धता नहीं थी। बाबा बेलखरनाथ धाम ब्लॉक के खूंझीकला समिति पर महज 40 किसानों को डीएपी व यूरिया दी गई। फार्मर रजिस्ट्री और ईपॉश मशीन नहीं चलने से किसानों को दिक्कत हुई। इसी ब्लॉक की जगदीशगढ़ स्थित समिति पर महज 53 किसानों को खाद वितरित की गई।
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किसानों ने बताई परेशानी
तीन बीघा धान की रोपाई करनी है। पहले तो खाद नहीं मिली। फार्मर रजिस्ट्री कराया तब जाकर तीन बोरी डीएपी मिल सकी।
राम सचिव तिवारी, खूंझीकला
फार्मर रजिस्ट्री कराई है लेकिन अभी तक खाद नहीं मिल पाई। सचिव ने बताया कि जल्द ही खाद मिलेगी। धान की नर्सरी तैयार हो चुकी है।
कृष्ण कांत मिश्र, गहरीचक
सुखपाल नगर और चकबन तोड़ स्थित समिति पर गया लेकिन दोनों समितियों पर ताला लटका रहा। सचिव ने बताया कि खाद आने पर वितरण किया जाएगा। बाजार से खाद खरीदकर धान कर रोपाई कराई।
राहुल कुमार, अमरौना
वर्जन:-
जिले में 72 सौ मीट्रिक टन डीएपी की उपलब्धता है। मांग के अनुसार समितियों पर खाद भेजी जा रही है। जिन समितियों पर खाद नहीं पहुंची है, वहां भी जल्द उपलब्ध कराई जाएगी।
अशोक कुमार, जिला कृषि अधिकारी