{"_id":"69f10d67d7dc210a8103ca78","slug":"fifth-grade-student-dies-after-slipping-into-a-10-foot-deep-pond-pratapgarh-news-c-262-1-ptp1005-166502-2026-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pratapgarh News: 10 फीट गहरे तालाब में फिसलने से पांचवीं की छात्रा की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pratapgarh News: 10 फीट गहरे तालाब में फिसलने से पांचवीं की छात्रा की मौत
विज्ञापन
विज्ञापन
संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर सोहाग स्थित तालाब में सोमवार को पांचवीं की छात्रा फिसलकर गिर गई। 10 फीट गहरे तालाब में डूबने से छात्रा की मौत हो गई। शाम को शव को तालाब से निकालकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मंगलवार को आननफानन प्रशासन ने शव का अंतिम संस्कार कराया। परिजनों का आरोप है कि उन्हें अबतक मुआवजा भी नहीं मिला।
कंधई थाना क्षेत्र के साल्हीपुर कंजास के एक परिवार के तीन मासूमों की 20 अप्रैल को तालाब में नहाने के दौरान मौत हो गई थी। घटना के एक सप्ताह बाद फिर से सरकारी तालाब ने बालिका की जिंदगी को निगल लिया।
संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर सोहाग निवासी भोंदू सरोज मजदूरी करते हैं। उनके तीन बेटे और तीन बेटियां हैं। 11 वर्षीय बेबी सबसे छोटी थी और पांचवीं की छात्रा थी। सोमवार की दोपहर करीब तीन बजे शौच के लिए वह पास के तालाब में गई थी।
शौच के दौरान काई पर पैर पड़ते ही वह फिसलकर 10 फीट गहरे तालाब में चली गई। करीब दो घंटे तक बेटी के घर वापस न आने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की। तालाब के किनारे शव उतराया देख परिजनों की चीख निकल गई। वह रोने बिलखने लगे। वहीं, तहसील प्रशासन के आदेश पर लेखपाल उर्मिला सर्वे के लिए पहुंचीं। पीड़ित परिवार को प्रशासन से मुआवजा का इंतजार है।
निष्प्रयोज्य पड़ा घर का शौचालय
पीड़ित परिवार को सरकारी योजना के तहत शौचालय का लाभ मिला है। समय पर मरम्मत न होने के कारण शौचालय निष्प्रयोज्य हो गया। परिवार ने उसमें लकड़ी और उपले रखे थे। रेट्रोफिटिंग की धनराशि न मिलने के कारण शौचालय की मरम्मत नहीं कराई जा सकी।
तालाब के किनारे होता बाड़ तो बच जाती बच्ची की जान
मत्स्य पालन विभाग ने तीन बीघे में विस्तारित तालाब का पट्टा एक समिति को दिया है। गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान तालाब से मिट्टी की खोदाई भी की गई थी। पट्टा आवंटन के बाद समिति ने मछली पालन शुरू किया लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के कोई इंतजाम नहीं किए।
नियम के अनुसार सुरक्षा के लिहाज से पट्टे के तालाब के चारों तरफ करीब 1.1 मीटर ऊंचा तार का बाड़ लगाना आवश्यक है। प्रवेश द्वार के साथ गेट पर ताला होना भी जरूरी है। समय-समय पर झाड़ियों की साफ-सफाई की भी व्यवस्था होनी चाहिए।
निगरानी के लिए चौकीदार की नियुक्ति अनिवार्य की गई है। प्रकाश की व्यवस्था भी तालाब के आसपास नहीं है। चेतावनी बोर्ड के साथ पानी में डूबने से बचाव के लिए लाइफ रिंग तक नहीं है।
वर्जन:-
मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। जल्द ही परिजनों को सहायता राशि मुहैया कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
शिव सहाय अवस्थी, डीएम
Trending Videos
कंधई थाना क्षेत्र के साल्हीपुर कंजास के एक परिवार के तीन मासूमों की 20 अप्रैल को तालाब में नहाने के दौरान मौत हो गई थी। घटना के एक सप्ताह बाद फिर से सरकारी तालाब ने बालिका की जिंदगी को निगल लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर सोहाग निवासी भोंदू सरोज मजदूरी करते हैं। उनके तीन बेटे और तीन बेटियां हैं। 11 वर्षीय बेबी सबसे छोटी थी और पांचवीं की छात्रा थी। सोमवार की दोपहर करीब तीन बजे शौच के लिए वह पास के तालाब में गई थी।
शौच के दौरान काई पर पैर पड़ते ही वह फिसलकर 10 फीट गहरे तालाब में चली गई। करीब दो घंटे तक बेटी के घर वापस न आने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की। तालाब के किनारे शव उतराया देख परिजनों की चीख निकल गई। वह रोने बिलखने लगे। वहीं, तहसील प्रशासन के आदेश पर लेखपाल उर्मिला सर्वे के लिए पहुंचीं। पीड़ित परिवार को प्रशासन से मुआवजा का इंतजार है।
निष्प्रयोज्य पड़ा घर का शौचालय
पीड़ित परिवार को सरकारी योजना के तहत शौचालय का लाभ मिला है। समय पर मरम्मत न होने के कारण शौचालय निष्प्रयोज्य हो गया। परिवार ने उसमें लकड़ी और उपले रखे थे। रेट्रोफिटिंग की धनराशि न मिलने के कारण शौचालय की मरम्मत नहीं कराई जा सकी।
तालाब के किनारे होता बाड़ तो बच जाती बच्ची की जान
मत्स्य पालन विभाग ने तीन बीघे में विस्तारित तालाब का पट्टा एक समिति को दिया है। गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान तालाब से मिट्टी की खोदाई भी की गई थी। पट्टा आवंटन के बाद समिति ने मछली पालन शुरू किया लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के कोई इंतजाम नहीं किए।
नियम के अनुसार सुरक्षा के लिहाज से पट्टे के तालाब के चारों तरफ करीब 1.1 मीटर ऊंचा तार का बाड़ लगाना आवश्यक है। प्रवेश द्वार के साथ गेट पर ताला होना भी जरूरी है। समय-समय पर झाड़ियों की साफ-सफाई की भी व्यवस्था होनी चाहिए।
निगरानी के लिए चौकीदार की नियुक्ति अनिवार्य की गई है। प्रकाश की व्यवस्था भी तालाब के आसपास नहीं है। चेतावनी बोर्ड के साथ पानी में डूबने से बचाव के लिए लाइफ रिंग तक नहीं है।
वर्जन:-
मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। जल्द ही परिजनों को सहायता राशि मुहैया कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
शिव सहाय अवस्थी, डीएम

कमेंट
कमेंट X