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Pratapgarh News: नए साल में मसौली गांव के लोगों को मिलेगा अंडरपास का तोहफा
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डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने मसौली गांव में अंडरपास निर्माण पर अपनी मुहर लगा दी है। सोमवार को लखनऊ स्थित अपने कार्यालय में ग्रामीणों के प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात करने पर उन्होंने बताया कि नौ मीटर लंबे और नौ मीटर चौड़े अंडरपास की मंजूरी प्रदान कर दी गई है। नए वर्ष में निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। छह माह के अंदर अंडरपास बनकर तैयार हो जाएगा।
लखनऊ -वाराणसी रेल खंड स्थित गौरा और सुवंसा रेलवे स्टेशनों के बीच मसौली गांव के पास अंडरपास के लिए आंदोलन कर रहे ग्रामीणों के लिए खुशखबरी है। गांव के लोगों की मेहनत रंग लाई है। सोमवार को ग्राम प्रधान निजाम अली, बी़डीसी सदस्य वीरेंद्र तिवारी, जटा तिवारी, रणजीत बहादुर पटेल और राजेंद्र गौतम लखनऊ में डीआरएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि अंडरपास की मंजूरी प्रदान कर दी गई है। जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा और अधिकतम छह माह में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। डीआरएम का आश्वासन मिलने के बाद प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने गांव के लोगों को फोन करके जानकारी दी और धरना-प्रदर्शन समाप्त करने को कहा। डीआरएम के आश्वासन से ग्रामीणों में खुशी की लहर है। लगभग 20 वर्षों से ग्रामीण अंडरपास निर्माण कराने की मांग कर रहे थे, मगर उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
वर्ष 2024 में हुए संसदीय चुनाव में गांव के लोगों ने मतदान करने का बहिष्कार किया। गांव में डीएम जब मतदाताओं को मनाने के लिए पहुंचे, तो गांव के लोगों ने एक स्वर से कहा कि अंडरपास का निर्माण जब तक नहीं होता है, तब तक वह मतदान नहीं करेंगे। चुनाव खत्म होने के बाद अफसर भी चुप्पी साधकर बैठ गए।
प्रतिनिधि मंडल में शामिल जटा तिवारी ने बताया कि बीस साल से जनप्रतिनिधियों और अफसरों को पत्र लिखकर अंडरपास निर्माण कराने की मांग कर रहे हैं, मगर उनकी बात अनसुना कर दिया गया। सोमवार को डीआरएम से मुलाकात के बाद हमें विश्वास हो गया है कि जल्द ही अंडरपास का निर्माण प्रारंभ हो जाएगा।
लखनऊ से फोन घनघनाते ही प्रारंभ हुआ दोहरीकरण का कार्य
सप्ताह भर से ठप रेल दोहरीकरण का कार्य लखनऊ से फोन घन-घनाने के बाद प्रारंभ हो गया। डीआरएम से मिलने के बाद प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने ग्रामीणों को फोन करके बताया कि अंडरपास की मंजूरी मिल गई है। अब धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दीजिए। इधर डीआरएम ने विभागीय अधिकारियों को कार्य प्रारंभ करने को कहा। इसके बाद ट्रैक्टर से सामान लादकर मजदूर पहुंचे और कार्य प्रारंभ हो गया।
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लखनऊ -वाराणसी रेल खंड स्थित गौरा और सुवंसा रेलवे स्टेशनों के बीच मसौली गांव के पास अंडरपास के लिए आंदोलन कर रहे ग्रामीणों के लिए खुशखबरी है। गांव के लोगों की मेहनत रंग लाई है। सोमवार को ग्राम प्रधान निजाम अली, बी़डीसी सदस्य वीरेंद्र तिवारी, जटा तिवारी, रणजीत बहादुर पटेल और राजेंद्र गौतम लखनऊ में डीआरएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
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डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि अंडरपास की मंजूरी प्रदान कर दी गई है। जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा और अधिकतम छह माह में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। डीआरएम का आश्वासन मिलने के बाद प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने गांव के लोगों को फोन करके जानकारी दी और धरना-प्रदर्शन समाप्त करने को कहा। डीआरएम के आश्वासन से ग्रामीणों में खुशी की लहर है। लगभग 20 वर्षों से ग्रामीण अंडरपास निर्माण कराने की मांग कर रहे थे, मगर उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
वर्ष 2024 में हुए संसदीय चुनाव में गांव के लोगों ने मतदान करने का बहिष्कार किया। गांव में डीएम जब मतदाताओं को मनाने के लिए पहुंचे, तो गांव के लोगों ने एक स्वर से कहा कि अंडरपास का निर्माण जब तक नहीं होता है, तब तक वह मतदान नहीं करेंगे। चुनाव खत्म होने के बाद अफसर भी चुप्पी साधकर बैठ गए।
प्रतिनिधि मंडल में शामिल जटा तिवारी ने बताया कि बीस साल से जनप्रतिनिधियों और अफसरों को पत्र लिखकर अंडरपास निर्माण कराने की मांग कर रहे हैं, मगर उनकी बात अनसुना कर दिया गया। सोमवार को डीआरएम से मुलाकात के बाद हमें विश्वास हो गया है कि जल्द ही अंडरपास का निर्माण प्रारंभ हो जाएगा।
लखनऊ से फोन घनघनाते ही प्रारंभ हुआ दोहरीकरण का कार्य
सप्ताह भर से ठप रेल दोहरीकरण का कार्य लखनऊ से फोन घन-घनाने के बाद प्रारंभ हो गया। डीआरएम से मिलने के बाद प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने ग्रामीणों को फोन करके बताया कि अंडरपास की मंजूरी मिल गई है। अब धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दीजिए। इधर डीआरएम ने विभागीय अधिकारियों को कार्य प्रारंभ करने को कहा। इसके बाद ट्रैक्टर से सामान लादकर मजदूर पहुंचे और कार्य प्रारंभ हो गया।
