{"_id":"69bc4a323b17dd6d56034164","slug":"35-water-tanks-became-showpieces-raebareli-news-c-101-1-slko1032-153430-2026-03-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raebareli News: 35 पानी की टंकियां बनीं शोपीस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raebareli News: 35 पानी की टंकियां बनीं शोपीस
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Fri, 20 Mar 2026 12:40 AM IST
विज्ञापन
बछरावां क्षेत्र के समोधा गांव स्थित पानी की टंकी।
विज्ञापन
बछरावां। ब्लॉक क्षेत्र की करीब 70 हजार आबादी पेयजल संकट से जूझ रही है। जल जीवन मिशन योजना के तहत 53 ग्राम पंचायतों में 40 जगह पर टंकियों का निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें कहीं पाइप लाइन बिछाई गई, तो कहीं पर टोलियां लगा दी गई है, लेकिन ज्यादातर ग्राम पंचायतों में अभी तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है।
पांच पानी की टंकियों से जलापूर्ति हो रही है। इस टंकी से जुड़े लेकिन यहां पर कभी-कभी ही पानी पहुंचता है। समोधा गांव में एक करोड़ रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी का निर्माण कराया गया है। कुछ दिन तक पानी की आपूर्ति हुई, लेकिन इसके बाद पानी की आपूर्ति बंद है। चार साल से पानी की आपूर्ति बंद है। पाइप लाइन जगह-जगह लीकेज होने के कारण जलापूर्ति बंद है। इसी तरह मंदाखेड़ा, जीगों, पश्चिम गांव, सुदौली समेत अन्य ग्राम पंचायतों में जलापूर्ति शुरू नहीं होने से लोगों को दूषित पानी पीना पड़ रहा है।
ग्रामीणों की शिकायतें और टंकी की स्थिति
समोधा गांव के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामसागर ने बताया कि टंकी की सप्लाई लाइन कई जगह से जर्जर है। इसके चलते टंकी में पानी भर जाता है, पर लीकेज से घरों तक नहीं पहुंच पाता। हाल ही में मोटर खराब हुई थी, जिसकी जगह नई मोटर लगाई गई है। पर पानी की सप्लाई अभी भी नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी में लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। इसी तरह अन्य ग्राम पंचायतों में भी लोगों को पेयजल की किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
हैंडपंप या सबमर्सिबल पंप से पीना पड़ रहा पानी
ग्रामीण रामकुमार, श्यामसुंदर, महंत तिवारी, अश्वनी बाजपेयी ने बताया कि गांवों में लगे ज्यादातर हैंडपंप खराब हो गया है। इस वजह से घरों में लगे सबमर्सिबल का पानी पीना पड़ रहा है। जहां हैंडपंप चल रहे हैं, उनका पानी इना दूषित है, कि लोग पीकर बीमार हो रहे हैं। घरों के सामने टोटियां तो लगा दी गईं हैं, लेकिन अब तक पानी नहीं टपका है।
इनसेट
कराया जा रहा टंकियों का निर्माण
बछरावां ब्लॉक क्षेत्र में पाइप लाइन और टोटियां लगाने का काम लगभग पूरा हो गया है। ज्यादातर गांवों में सीधे मोटर से पानी की आपूर्ति हो रही है। कई जगह ओवरहेड टैंक का निर्माण भी पूरा हो गया है। शेष ग्राम पंचायतों में जल्द निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।
सचिन कुमार, अवर अभियंता जल निगम ग्रामीण
Trending Videos
पांच पानी की टंकियों से जलापूर्ति हो रही है। इस टंकी से जुड़े लेकिन यहां पर कभी-कभी ही पानी पहुंचता है। समोधा गांव में एक करोड़ रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी का निर्माण कराया गया है। कुछ दिन तक पानी की आपूर्ति हुई, लेकिन इसके बाद पानी की आपूर्ति बंद है। चार साल से पानी की आपूर्ति बंद है। पाइप लाइन जगह-जगह लीकेज होने के कारण जलापूर्ति बंद है। इसी तरह मंदाखेड़ा, जीगों, पश्चिम गांव, सुदौली समेत अन्य ग्राम पंचायतों में जलापूर्ति शुरू नहीं होने से लोगों को दूषित पानी पीना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों की शिकायतें और टंकी की स्थिति
समोधा गांव के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामसागर ने बताया कि टंकी की सप्लाई लाइन कई जगह से जर्जर है। इसके चलते टंकी में पानी भर जाता है, पर लीकेज से घरों तक नहीं पहुंच पाता। हाल ही में मोटर खराब हुई थी, जिसकी जगह नई मोटर लगाई गई है। पर पानी की सप्लाई अभी भी नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी में लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। इसी तरह अन्य ग्राम पंचायतों में भी लोगों को पेयजल की किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
हैंडपंप या सबमर्सिबल पंप से पीना पड़ रहा पानी
ग्रामीण रामकुमार, श्यामसुंदर, महंत तिवारी, अश्वनी बाजपेयी ने बताया कि गांवों में लगे ज्यादातर हैंडपंप खराब हो गया है। इस वजह से घरों में लगे सबमर्सिबल का पानी पीना पड़ रहा है। जहां हैंडपंप चल रहे हैं, उनका पानी इना दूषित है, कि लोग पीकर बीमार हो रहे हैं। घरों के सामने टोटियां तो लगा दी गईं हैं, लेकिन अब तक पानी नहीं टपका है।
इनसेट
कराया जा रहा टंकियों का निर्माण
बछरावां ब्लॉक क्षेत्र में पाइप लाइन और टोटियां लगाने का काम लगभग पूरा हो गया है। ज्यादातर गांवों में सीधे मोटर से पानी की आपूर्ति हो रही है। कई जगह ओवरहेड टैंक का निर्माण भी पूरा हो गया है। शेष ग्राम पंचायतों में जल्द निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।
सचिन कुमार, अवर अभियंता जल निगम ग्रामीण