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Saharanpur News: सहारनपुर से होगा भाजपा का चुनावी शंखनाद, आएंगे राष्ट्रीय अध्यक्ष
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सहारनपुर। जिले में भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शक्ति केंद्र संयोजकों का बड़ा सम्मेलन करेगी। 20 सितंबर को होने वाले इस सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बतौर मुख्य अतिथि होंगे। शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन महज संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की चुनावी जमीन को परखने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। इसके साथ ही भाजपा का चुनावी शंखनाद भी माना जा रहा है।
दरअसल, भाजपा ने बूथ स्तर के संगठन को मजबूत करने के लिए छह से आठ बूथों को मिलाकर एक शक्ति केंद्र बनाया है। पश्चिमी यूपी में ऐसे करीब 4800 शक्ति केंद्र हैं। प्रत्येक शक्ति केंद्र पर संयोजक की भूमिका अहम है। वह संबंधित बूथों के कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय के साथ पार्टी के कार्यक्रमों, मतदाता संपर्क और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाते हैं। ऐसे में हजारों संयोजकों का एक मंच पर जुटना भाजपा के लिए सीधे बूथ स्तर तक चुनावी तैयारियों की समीक्षा का अवसर होगा। सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय नितिन नवीन बतौर मुख्य अतिथि रहेंगे। हालांकि जिले में यह कार्यक्रम कहां होगा और समय क्या रहेगा इस पर मंथन चल रहा है।
राजनीतिक तौर पर सम्मेलन को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पश्चिमी यूपी में जातीय समीकरण, किसान मुद्दे और स्थानीय स्तर पर गठबंधन की राजनीति चुनावी नतीजों को प्रभावित करती है। भाजपा नेतृत्व शक्ति केंद्र संयोजकों के जरिए इन मुद्दों की जमीनी स्थिति समझने के साथ संगठन की कमजोर कड़ियों की पहचान कर सकता है। सम्मेलन के जरिए भाजपा यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि चुनावी रणनीति केवल शीर्ष नेतृत्व तक सीमित नहीं, बल्कि बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय कर तैयार की जा रही है। सहारनपुर में होने वाला यह सम्मेलन पश्चिमी यूपी में भाजपा के चुनावी नेटवर्क की ताकत और उसकी जमीनी सक्रियता का बड़ा परीक्षण भी माना जा रहा है।
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वर्जन
20 सितंबर को यह सम्मेलन होना है। आगामी एक-दो दिन में इसकी पूरी रूपरेखा तैयार कर ली जाएगी कि कार्यक्रम कहां होगा और किस समय होगा। उच्च पदाधिकारियों से इस पर मंथन चल रहा है।
- अजीत सिंह राणा, जिलाध्यक्ष भाजपा
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दरअसल, भाजपा ने बूथ स्तर के संगठन को मजबूत करने के लिए छह से आठ बूथों को मिलाकर एक शक्ति केंद्र बनाया है। पश्चिमी यूपी में ऐसे करीब 4800 शक्ति केंद्र हैं। प्रत्येक शक्ति केंद्र पर संयोजक की भूमिका अहम है। वह संबंधित बूथों के कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय के साथ पार्टी के कार्यक्रमों, मतदाता संपर्क और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाते हैं। ऐसे में हजारों संयोजकों का एक मंच पर जुटना भाजपा के लिए सीधे बूथ स्तर तक चुनावी तैयारियों की समीक्षा का अवसर होगा। सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय नितिन नवीन बतौर मुख्य अतिथि रहेंगे। हालांकि जिले में यह कार्यक्रम कहां होगा और समय क्या रहेगा इस पर मंथन चल रहा है।
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राजनीतिक तौर पर सम्मेलन को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पश्चिमी यूपी में जातीय समीकरण, किसान मुद्दे और स्थानीय स्तर पर गठबंधन की राजनीति चुनावी नतीजों को प्रभावित करती है। भाजपा नेतृत्व शक्ति केंद्र संयोजकों के जरिए इन मुद्दों की जमीनी स्थिति समझने के साथ संगठन की कमजोर कड़ियों की पहचान कर सकता है। सम्मेलन के जरिए भाजपा यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि चुनावी रणनीति केवल शीर्ष नेतृत्व तक सीमित नहीं, बल्कि बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय कर तैयार की जा रही है। सहारनपुर में होने वाला यह सम्मेलन पश्चिमी यूपी में भाजपा के चुनावी नेटवर्क की ताकत और उसकी जमीनी सक्रियता का बड़ा परीक्षण भी माना जा रहा है।
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20 सितंबर को यह सम्मेलन होना है। आगामी एक-दो दिन में इसकी पूरी रूपरेखा तैयार कर ली जाएगी कि कार्यक्रम कहां होगा और किस समय होगा। उच्च पदाधिकारियों से इस पर मंथन चल रहा है।
- अजीत सिंह राणा, जिलाध्यक्ष भाजपा