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Saharanpur News: मिलावटी शराब बेचने के मामले में महिला समेत पांच को आजीवन कारावास
Wed, 05 Aug 2026 01:49 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 05 Aug 2026 01:49 AM IST
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सहारनपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 15 मिर्जा जीनत की अदालत ने मिलावटी शराब बेचने के मामले में एक महिला समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने जेल चुंगी निवासी दोषी महिला भोली, उसके साथी बादल, सूरज, सचिन, डब्बू जैसवार पर 52-52 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
ये था मामला
वादी मुकदमा उपनिरीक्षक सतेंद्र कुमार शर्मा थाना जनकनगर में तहरीर दी थी। बताया कि मुखबिर ने 13 मई 2021 को सूचना दी कि आशीर्वाद डेरी के पास टिनशेड में कुछ व्यक्ति मिलावटी शराब बनाकर बेच रहे हैं। पुलिस ने वहां पर दबिश दी। इस दौरान एक महिला को पकड़ा गया, जबकि उसके साथी वहां से भाग गए। महिला ने पूछताछ के दौरान अपना नाम भोली निवासी जेल चुंगी बताया। पुलिस ने तलाशी के दौरान मौके से सात पेटी से 315 पव्वे देशी शराब, एक पेटी से तीस पव्वे देशी शराब बरामद की।
शराब के हर पव्वे पर मिस्टर इंडिया लिखा था। टीम ने कुल 445 पव्वे बरामद किए। इसके साथ ही एक बाल्टी, जिसमें तीन लीटर अमिश्रित शराब व एक प्लास्टिक का कीप आदि सामान बरामद किया। इसके बाद पुलिस ने भोली के साथी व पड़ोसी बादल, सूरज, सचिन, डब्बू जैसवार को भी गिरफ्तार किया। सभी जेल चुंगी के रहने वाले हैं और मिलकर मिलावटी शराब बेचने का काम करते थे।
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शराब की तीव्रता बढ़ाने के लिए मिलाते थे यूरिया
जांच में आया था कि भोली को सभी बुआ कहकर बुलाते थे। यह सभी गिरोह की तरह मिलकर देशी शराब के पव्वे से मिलावटी शराब बनाते थे। शराब की तीव्रता बढ़ाने के लिए देशी शराब में यूरिया मिला देते थे। कोरोना काल के दौरान शराब की मांग अधिक थी। ऐसे में यह शराब में मिलावट कर उसकी मात्रा बढ़ाकर लोगों को बेचते थे।
चार साल तीन माह और 15 दिन में फैसला
विवेचना के बाद मामले को अदालत में दाखिल किया। मामला तभी से अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 15 की अदालत में विचाराधीन था। सहायक शासकीय अधिवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि सुनवाई के दौरान आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया, लेकिन अदालत ने सभी गवाहों और साक्ष्यों को देखते हुए दोषी करार दिया और सजा सुनाई। मामले में अदालत ने चार वर्ष तीन माह और 15 दिनों के भीतर निर्णय दिया है।
2017 में आबकारी अधिनियम में हुआ था संशोधन
शासन ने 2017 में आबकारी अधिनियम में संशोधन कर नियमों को और सख्त कर दिया है। मिश्रित शराब बनाने और बेचने पर आबकारी अधिनियम की धाराओं में बदलाव किया गया था। संशोधित नए कानून के तहत अमिश्रित शराब बेचने पर आजीवन कारावास और मृत्यु या स्थायी अपंगता होने पर आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है। थाना जनकपुरी पुलिस द्वारा पकड़े गए दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 272, 273, उत्तर प्रदेश उत्पाद शुल्क/आबकारी अधिनियम की धारा 60(1) के तहत दोषी करार दिया गया है।
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ये था मामला
वादी मुकदमा उपनिरीक्षक सतेंद्र कुमार शर्मा थाना जनकनगर में तहरीर दी थी। बताया कि मुखबिर ने 13 मई 2021 को सूचना दी कि आशीर्वाद डेरी के पास टिनशेड में कुछ व्यक्ति मिलावटी शराब बनाकर बेच रहे हैं। पुलिस ने वहां पर दबिश दी। इस दौरान एक महिला को पकड़ा गया, जबकि उसके साथी वहां से भाग गए। महिला ने पूछताछ के दौरान अपना नाम भोली निवासी जेल चुंगी बताया। पुलिस ने तलाशी के दौरान मौके से सात पेटी से 315 पव्वे देशी शराब, एक पेटी से तीस पव्वे देशी शराब बरामद की।
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शराब के हर पव्वे पर मिस्टर इंडिया लिखा था। टीम ने कुल 445 पव्वे बरामद किए। इसके साथ ही एक बाल्टी, जिसमें तीन लीटर अमिश्रित शराब व एक प्लास्टिक का कीप आदि सामान बरामद किया। इसके बाद पुलिस ने भोली के साथी व पड़ोसी बादल, सूरज, सचिन, डब्बू जैसवार को भी गिरफ्तार किया। सभी जेल चुंगी के रहने वाले हैं और मिलकर मिलावटी शराब बेचने का काम करते थे।
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शराब की तीव्रता बढ़ाने के लिए मिलाते थे यूरिया
जांच में आया था कि भोली को सभी बुआ कहकर बुलाते थे। यह सभी गिरोह की तरह मिलकर देशी शराब के पव्वे से मिलावटी शराब बनाते थे। शराब की तीव्रता बढ़ाने के लिए देशी शराब में यूरिया मिला देते थे। कोरोना काल के दौरान शराब की मांग अधिक थी। ऐसे में यह शराब में मिलावट कर उसकी मात्रा बढ़ाकर लोगों को बेचते थे।
चार साल तीन माह और 15 दिन में फैसला
विवेचना के बाद मामले को अदालत में दाखिल किया। मामला तभी से अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 15 की अदालत में विचाराधीन था। सहायक शासकीय अधिवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि सुनवाई के दौरान आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया, लेकिन अदालत ने सभी गवाहों और साक्ष्यों को देखते हुए दोषी करार दिया और सजा सुनाई। मामले में अदालत ने चार वर्ष तीन माह और 15 दिनों के भीतर निर्णय दिया है।
2017 में आबकारी अधिनियम में हुआ था संशोधन
शासन ने 2017 में आबकारी अधिनियम में संशोधन कर नियमों को और सख्त कर दिया है। मिश्रित शराब बनाने और बेचने पर आबकारी अधिनियम की धाराओं में बदलाव किया गया था। संशोधित नए कानून के तहत अमिश्रित शराब बेचने पर आजीवन कारावास और मृत्यु या स्थायी अपंगता होने पर आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है। थाना जनकपुरी पुलिस द्वारा पकड़े गए दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 272, 273, उत्तर प्रदेश उत्पाद शुल्क/आबकारी अधिनियम की धारा 60(1) के तहत दोषी करार दिया गया है।