सहारनपुर: पुलिस ने रोकी स्वर्ण समाज की पैदल यात्रा, यूजीसी-आरक्षण-एससी-एसटी एक्ट के विरोध में निकले थे लोग
सहारनपुर के बड़गांव में यूजीसी, आरक्षण और एससी-एसटी एक्ट के विरोध में प्रस्तावित स्वर्ण समाज की पैदल यात्रा पुलिस-प्रशासन ने 100 कदम बाद रोक दी। बाद में ज्ञापन देने को लेकर समाज के लोग दो गुटों में बंट गए।
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सहारनपुर के बड़गांव क्षेत्र में यूजीसी के विरोध में प्रस्तावित स्वर्ण समाज की पैदल यात्रा को पुलिस-प्रशासन ने रोक दिया। गांव मोरा के ठाकुर द्वारा मंदिर से रामपुर मनिहारान तहसील तक प्रस्तावित यात्रा शुरू होने के बाद पुलिस ने करीब 100 कदम आगे गंगनहर पुल पर भीड़ को रोक दिया। इस दौरान पुलिस और स्वर्ण समाज के युवाओं के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। बाद में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिए जाने को लेकर समाज के लोग दो गुटों में बंट गए।
अनुमति न होने के कारण रोकी गई यात्रा
मंगलवार को गांव मोरा के ठाकुर द्वारा मंदिर से रामपुर मनिहारान तहसील तक पैदल यात्रा प्रस्तावित थी। सुबह से स्वर्ण समाज के लोग मंदिर में जुटने लगे थे। यात्रा को रोकने के लिए एसडीएम रामपुर मनिहारान योगेश कुमार गौड़, सीओ देवबंद अमित सिंह और बड़गांव, देवबंद, नागल, नानौता व रामपुर मनिहारान पुलिस के साथ पीएसी बल मौके पर पहुंचा।
अधिकारियों ने अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए यात्रा नहीं निकालने की अपील की। इसके बावजूद कुछ युवाओं ने सभा से निकलकर हाथों में बैनर लिए पैदल मार्च शुरू कर दिया।
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‘यूजीसी रोलबैक’ के नारे लगाते हुए निकले युवक
पैदल यात्रा निकाल रहे युवाओं ने ‘यूजीसी रोलबैक’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। पुलिस-प्रशासन ने उन्हें गंगनहर पुल के पास रोक दिया और आगे जाने से मना किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच हल्की कहासुनी और नोकझोंक हुई।
ज्ञापन देने पर दो गुटों में बंटा समाज
इधर, ठाकुर द्वारा मंदिर में मौजूद भारतीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष ठाकुर अजब सिंह ने कुछ ग्रामीणों के साथ राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एसडीएम योगेश कुमार गौड़ को सौंप दिया। ज्ञापन में यूजीसी कानून वापस लेने के साथ एससी-एसटी एक्ट और आरक्षण की समीक्षा की मांग की गई।
हालांकि बिना विचार-विमर्श के ज्ञापन दिए जाने को लेकर समाज के युवाओं में नाराजगी फैल गई। पैदल यात्रा निकालने वाले युवाओं का कहना था कि समाज के कुछ लोगों को ज्ञापन देना था तो उन्हें पहले सभी से बातचीत करनी चाहिए थी।
कहासुनी के बाद घर लौटे युवा
ज्ञापन को लेकर समाज के लोगों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। इसके बाद भीड़ दो गुटों में बंट गई और काफी देर तक कहासुनी होती रही। बाद में पैदल यात्रा निकालने वाले युवा अपने-अपने घर लौट गए। भीड़ के वापस लौटने के बाद मंगलवार दोपहर करीब एक बजे पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली।