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Saharanpur News: विश्वविद्यालय में टीम ने की भूमि और वित्तीय अभिलेखों की पड़ताल
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 18 Jun 2026 01:10 AM IST
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गंगोह। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों की जांच के तहत शोभित विश्वविद्यालय गंगोह का विस्तृत निरीक्षण किया गया। मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं वित्तीय व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न अभिलेखों का परीक्षण किया।
जांच के दौरान समिति ने विश्वविद्यालय के एंडोमेंट फंड, भूमि स्वामित्व एवं वैधता संबंधी दस्तावेज, भवन निर्माण अभिलेख, शिक्षकों की नियुक्तियों, बैंकिंग लेनदेन, छात्र प्रवेश प्रक्रिया तथा परीक्षा संबंधी रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने शिक्षकों की संख्या और उनकी नियुक्तियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप परखा तथा वर्ष 2025-26 में स्वीकृत सीटों के सापेक्ष हुए प्रवेशों का विवरण भी मांगा। इसके अलावा पिछले छह माह के बैंकिंग रिकॉर्ड, परीक्षा फार्मों की संख्या, छात्र उपस्थिति से जुड़े दस्तावेज तथा विदेशी विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। समिति ने विश्वविद्यालय परिसर की वास्तविक स्थिति, भूमि उपयोग और नियामकीय मानकों के अनुपालन का भी निरीक्षण किया। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनका परीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने बताया कि जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विश्वविद्यालय निर्धारित नियमों, मानकों और गुणवत्ता संबंधी प्रावधानों के अनुरूप संचालित हो रहे हैं तथा उच्च शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
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जांच के दौरान समिति ने विश्वविद्यालय के एंडोमेंट फंड, भूमि स्वामित्व एवं वैधता संबंधी दस्तावेज, भवन निर्माण अभिलेख, शिक्षकों की नियुक्तियों, बैंकिंग लेनदेन, छात्र प्रवेश प्रक्रिया तथा परीक्षा संबंधी रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने शिक्षकों की संख्या और उनकी नियुक्तियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप परखा तथा वर्ष 2025-26 में स्वीकृत सीटों के सापेक्ष हुए प्रवेशों का विवरण भी मांगा। इसके अलावा पिछले छह माह के बैंकिंग रिकॉर्ड, परीक्षा फार्मों की संख्या, छात्र उपस्थिति से जुड़े दस्तावेज तथा विदेशी विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। समिति ने विश्वविद्यालय परिसर की वास्तविक स्थिति, भूमि उपयोग और नियामकीय मानकों के अनुपालन का भी निरीक्षण किया। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनका परीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
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मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने बताया कि जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विश्वविद्यालय निर्धारित नियमों, मानकों और गुणवत्ता संबंधी प्रावधानों के अनुरूप संचालित हो रहे हैं तथा उच्च शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।