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Sant Kabir Nagar News: डीएम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध कमिश्नर कोर्ट पहुंचा मदरसा प्रबंधन
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संतकबीरनगर। खलीलाबाद शहर के मोतीनगर स्थित विदेशी फंडिंग और पाकिस्तानी कनेक्शन के आरोपी ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के मदरसा कुल्लियातुल बनातिर रजबिया का प्रबंध तंत्र डीएम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध बस्ती के कमिश्नर कोर्ट पहुंच गया है। डीएम कोर्ट ने मदरसा ध्वस्तीकरण के नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र मगहर खलीलाबाद (एसडीएम) के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील को खारिज कर दिया था।
इसके बाद कुल्लियातुल बनातिर रजबिया एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी के प्रबंधक ने आयुक्त बस्ती मंडल के यहां 11 मार्च को निगरानी दाखिल की है। जिस पर आयुक्त के न्यायालय में 18 मार्च को सुनवाई होने की तिथि तय की गई है।
नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र मगहर खलीलाबाद ने 3 नवंबर 2025 को मदरसा कुल्लियातुल बनातिर रजविया के ध्वस्तीकरण के लिए प्रबंधतंत्र को नोटिस दिया था, जिसके बाद प्रबंधतंत्र ने हाईकोर्ट की शरण ली। वहां से डबल बेंच ने स्थानीय प्राधिकारी के यहां जाने का आदेश दिया। इसके बाद प्रबंधतंत्र नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र मगहर खलीलाबाद एसडीएम कोर्ट पहुंचा। जहां मामले की सुनवाई के बाद एसडीएम न्यायालय ने 13 जनवरी को 15 दिन के भीतर मदरसा ध्वस्तीकरण का नोटिस मदरसे पर चस्पा करने का आदेश दिया।
इस आदेश पर 22 जनवरी को डीएम कोर्ट में प्रबंधतंत्र ने अपील की। साथ ही स्थगन आदेश के लिए प्रार्थनापत्र भी प्रस्तुत किया। इसके बाद एक बार फिर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जहां से स्थगन पर सुनवाई के लिए डीएम को समय दिया गया। डीएम कोर्ट ने विवेचना के दौरान पाया कि 13 जनवरी को एसडीएम कोर्ट के आदेश को स्थगित करने का कोई औचित्य परिलक्षित नहीं होता है।
इसके आधार पर तौसीफ रजा प्रबंधक व मैनेजर कुल्लियतुल वनातिर रजविया एजूकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी रजा नगर मीट मंडी रोड खलीलाबाद द्वारा 22 जनवरी को प्रस्तुत स्थगन प्रार्थनापत्र को निस्तारित कर दिया। साथ ही पक्षकार को अपील पर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया था। अपील की सुनवाई के दौरान डीएम कोर्ट ने पाया कि नियत प्राधिकारी ने अभिलेखों का परीक्षण करते हुए तथा पक्षों को सुनकर गुणदोष के आधार पर 13 जनवरी 2026 को आदेश पारित कर समस्त निर्माण को ध्वस्त कराने का आदेश दिया है। जिसमें किसी भी प्रकार की विधिक त्रुटि परिलक्षित नहीं होती है। इसके बाद मदरसा प्रबंधन ने मामले में आयुक्त बस्ती कोर्ट की शरण लिया है।
बता दें कि मौलाना शमशुल हुदा खान विदेशी फंडिंग और पाकिस्तानी कनेक्शन का भी आरोपी है। इसकी जांच के लिए फरवरी में एनआईए और ईडी की टीम भी जिले में पहुंची थीं। एजेंसियां संपत्ति से जुड़े कई आवश्यक दस्तावेज ले गई हैं।
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इसके बाद कुल्लियातुल बनातिर रजबिया एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी के प्रबंधक ने आयुक्त बस्ती मंडल के यहां 11 मार्च को निगरानी दाखिल की है। जिस पर आयुक्त के न्यायालय में 18 मार्च को सुनवाई होने की तिथि तय की गई है।
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नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र मगहर खलीलाबाद ने 3 नवंबर 2025 को मदरसा कुल्लियातुल बनातिर रजविया के ध्वस्तीकरण के लिए प्रबंधतंत्र को नोटिस दिया था, जिसके बाद प्रबंधतंत्र ने हाईकोर्ट की शरण ली। वहां से डबल बेंच ने स्थानीय प्राधिकारी के यहां जाने का आदेश दिया। इसके बाद प्रबंधतंत्र नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र मगहर खलीलाबाद एसडीएम कोर्ट पहुंचा। जहां मामले की सुनवाई के बाद एसडीएम न्यायालय ने 13 जनवरी को 15 दिन के भीतर मदरसा ध्वस्तीकरण का नोटिस मदरसे पर चस्पा करने का आदेश दिया।
इस आदेश पर 22 जनवरी को डीएम कोर्ट में प्रबंधतंत्र ने अपील की। साथ ही स्थगन आदेश के लिए प्रार्थनापत्र भी प्रस्तुत किया। इसके बाद एक बार फिर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जहां से स्थगन पर सुनवाई के लिए डीएम को समय दिया गया। डीएम कोर्ट ने विवेचना के दौरान पाया कि 13 जनवरी को एसडीएम कोर्ट के आदेश को स्थगित करने का कोई औचित्य परिलक्षित नहीं होता है।
इसके आधार पर तौसीफ रजा प्रबंधक व मैनेजर कुल्लियतुल वनातिर रजविया एजूकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी रजा नगर मीट मंडी रोड खलीलाबाद द्वारा 22 जनवरी को प्रस्तुत स्थगन प्रार्थनापत्र को निस्तारित कर दिया। साथ ही पक्षकार को अपील पर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया था। अपील की सुनवाई के दौरान डीएम कोर्ट ने पाया कि नियत प्राधिकारी ने अभिलेखों का परीक्षण करते हुए तथा पक्षों को सुनकर गुणदोष के आधार पर 13 जनवरी 2026 को आदेश पारित कर समस्त निर्माण को ध्वस्त कराने का आदेश दिया है। जिसमें किसी भी प्रकार की विधिक त्रुटि परिलक्षित नहीं होती है। इसके बाद मदरसा प्रबंधन ने मामले में आयुक्त बस्ती कोर्ट की शरण लिया है।
बता दें कि मौलाना शमशुल हुदा खान विदेशी फंडिंग और पाकिस्तानी कनेक्शन का भी आरोपी है। इसकी जांच के लिए फरवरी में एनआईए और ईडी की टीम भी जिले में पहुंची थीं। एजेंसियां संपत्ति से जुड़े कई आवश्यक दस्तावेज ले गई हैं।