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ब्रिटिश मौलाना : पिता के नक्शे कदम पर चला तौसीफ, कुशीनगर के मदरसे से गंवाई नौकरी
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संतकबीरनगर। दुधारा थाना क्षेत्र के देवरियालाल गांव निवासी ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान का बेटा तौसीफ रजा खान भी पिता के नक्शे कदम पर चला था। कुशीनगर के मदरसा मुहम्मदिया फैजे रसूल में सहायक अध्यापक आलिया (वैकल्पिक) के रूप में तैनात था। पिता शमशुल हुदा की तरह वह भी अक्सर मदरसे से गायब रहता था।
सूत्रों के मुताबिक वह भी कई बार विदेश जा चुका है। अपनी लापरवाही कार्यशैली की वजह से ही उसे मदरसे से नौकरी गंवानी पड़ी और प्रबंधन ने उसे बर्खास्त कर दिया। इस आदेश के खिलाफ बहाली के लिए वह कई वर्षों से हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ रहा है, जिसमें उसे अभी तक कोई राहत नहीं मिल पाई है।
मदरसा मुहम्मदिया फैजे रसूल पिपराकनक बोदा टोला, कुशीनगर में तौसीफ रजा खान ने बतौर आलिया शिक्षक 10 अगस्त 2015 को ज्वाइन किया था। दो सितंबर 2020 को उसको प्रबंधक ने निलंबित कर दिया। इसके बाद प्रबंध समिति मदरसा मुहम्मदिया फैजे रसूल के प्रस्ताव पर एक दिसंबर 2020 को मदरसे के सहायक अध्यापक आलिया (वैकल्पिक) तौसीफ रजा को बर्खास्त कर दिया गया। उस पर अनुशासनहीनता, अनधीनता का आरोप तथा प्रबंधक व प्रधानाचार्य एवं रजिष्ट्रार मदरसा बोर्ड के जारी आदेश की अवहेलना का आरोप लगा। वह मदरसे से लगातार अवैध तरीके से अनुपस्थित रहता था। उस पर गंभीर आरोपों की जांच के लिए जांच समिति का गठन किया गया।
प्रबंध समिति के द्वारा गठित जांच समिति की जांच प्रक्रिया में नियमानुसार बचाव का पूरा मौका दिया गया। जांच समिति ने विस्तृत जांच रिपोर्ट 10 नवंबर 2020 को सौंप दी। जांच रिपोर्ट के साथ तौसीफ रजा से स्पष्टीकरण मांगा गया। इस पर तौसीफ रजा ने उक्त जांच रिपोर्ट का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया और न ही प्रबंध समिति के समक्ष अपने बचाव में उपस्थित हुआ, जिसके बाद प्रबंध समिति ने जांच रिपोर्ट के आधार पर सहायक अध्यापक आलिया (वैकल्पिक) तौसीफ रजा की सेवा समाप्त किए जाने का निर्णय लिया।
तौसीफ ने मदरसे में अपनी बहाली के लिए सितंबर 2021 में हाईकोर्ट इलाहाबाद में याचिका दायर की। इस मामले में न्यायालय की ओर से अभी तक कोई फैसला नहीं आया है।
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तौसीफ पर धोखाधड़ी व अन्य धारा में दर्ज है प्राथमिकी
ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के बेटे तौसीफ रजा पर कोतवाली खलीलाबाद में साजिश करके धोखाधड़ी समेत अन्य धारा में सात अप्रैल 2024 को प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसमें मौलाना शमशुल हुदा खान, मौलाना तौसीफ रजा खान, सकलैन खातून व नसरीन जहां आरोपी बनाए गए। बाद में तौसीफ को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह बाहर आया।
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परिवार व मदरसा प्रबंधन के 18 बैंक खातों पर लगी है रोक
फेमा के तहत नवंबर 2025 में ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसके बाद केस की विवेचक ने मौलाना के परिवार के 18 बैंक खातों पर लेनदेन पर रोक लगाते हुए खातों को फ्रीज करा दिया। पुलिस सभी खातों पर विदेश से आई रकम की जांच करने में जुटी है। इन 18 खातों में लगभग 94 लाख रुपये से ज्यादा की रकम पाई गई थी।
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सूत्रों के मुताबिक वह भी कई बार विदेश जा चुका है। अपनी लापरवाही कार्यशैली की वजह से ही उसे मदरसे से नौकरी गंवानी पड़ी और प्रबंधन ने उसे बर्खास्त कर दिया। इस आदेश के खिलाफ बहाली के लिए वह कई वर्षों से हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ रहा है, जिसमें उसे अभी तक कोई राहत नहीं मिल पाई है।
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मदरसा मुहम्मदिया फैजे रसूल पिपराकनक बोदा टोला, कुशीनगर में तौसीफ रजा खान ने बतौर आलिया शिक्षक 10 अगस्त 2015 को ज्वाइन किया था। दो सितंबर 2020 को उसको प्रबंधक ने निलंबित कर दिया। इसके बाद प्रबंध समिति मदरसा मुहम्मदिया फैजे रसूल के प्रस्ताव पर एक दिसंबर 2020 को मदरसे के सहायक अध्यापक आलिया (वैकल्पिक) तौसीफ रजा को बर्खास्त कर दिया गया। उस पर अनुशासनहीनता, अनधीनता का आरोप तथा प्रबंधक व प्रधानाचार्य एवं रजिष्ट्रार मदरसा बोर्ड के जारी आदेश की अवहेलना का आरोप लगा। वह मदरसे से लगातार अवैध तरीके से अनुपस्थित रहता था। उस पर गंभीर आरोपों की जांच के लिए जांच समिति का गठन किया गया।
प्रबंध समिति के द्वारा गठित जांच समिति की जांच प्रक्रिया में नियमानुसार बचाव का पूरा मौका दिया गया। जांच समिति ने विस्तृत जांच रिपोर्ट 10 नवंबर 2020 को सौंप दी। जांच रिपोर्ट के साथ तौसीफ रजा से स्पष्टीकरण मांगा गया। इस पर तौसीफ रजा ने उक्त जांच रिपोर्ट का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया और न ही प्रबंध समिति के समक्ष अपने बचाव में उपस्थित हुआ, जिसके बाद प्रबंध समिति ने जांच रिपोर्ट के आधार पर सहायक अध्यापक आलिया (वैकल्पिक) तौसीफ रजा की सेवा समाप्त किए जाने का निर्णय लिया।
तौसीफ ने मदरसे में अपनी बहाली के लिए सितंबर 2021 में हाईकोर्ट इलाहाबाद में याचिका दायर की। इस मामले में न्यायालय की ओर से अभी तक कोई फैसला नहीं आया है।
तौसीफ पर धोखाधड़ी व अन्य धारा में दर्ज है प्राथमिकी
ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के बेटे तौसीफ रजा पर कोतवाली खलीलाबाद में साजिश करके धोखाधड़ी समेत अन्य धारा में सात अप्रैल 2024 को प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसमें मौलाना शमशुल हुदा खान, मौलाना तौसीफ रजा खान, सकलैन खातून व नसरीन जहां आरोपी बनाए गए। बाद में तौसीफ को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह बाहर आया।
परिवार व मदरसा प्रबंधन के 18 बैंक खातों पर लगी है रोक
फेमा के तहत नवंबर 2025 में ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसके बाद केस की विवेचक ने मौलाना के परिवार के 18 बैंक खातों पर लेनदेन पर रोक लगाते हुए खातों को फ्रीज करा दिया। पुलिस सभी खातों पर विदेश से आई रकम की जांच करने में जुटी है। इन 18 खातों में लगभग 94 लाख रुपये से ज्यादा की रकम पाई गई थी।