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Sant Kabir Nagar News: सांथा में राजकीय डिग्री कॉलेज नहीं, छात्र परेशान
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सांथा। विकास खंड क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए राजकीय महाविद्यालय न होने से स्थानीय छात्र व अभिभावक परेशान रहते हैं। राजकीय महाविद्यालय न होने से युवा इंटर पास करने के बाद आगे की पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। उन्हें बाहर जाना पड़ता है। हालांकि क्षेत्र में प्राइवेट महाविद्यालय खुले हैं, जिसमें वे प्रवेश लेते हैं, लेकिन छात्रों के लिए तहसील मुख्यालय जाना मजबूरी बन गया है।
विकास खंड क्षेत्र में 71 ग्राम पंचायतें हैं। इसमें लगभग तीन लाख की आबादी निवास करती है। हर घर से लगभग एक छात्र इंटरमीडिएट की पढ़ाई करने के बाद स्नातक की पढ़ाई शुरू करने में सोचने को मजबूर होता है। उसका कारण यह है कि अभी तक विकास खंड क्षेत्र में कोई भी राजकीय डिग्री कॉलेज नहीं है। जबकि क्षेत्र में करीब आधा दर्जन से अधिक सरकारी, गैर-सरकारी इंटर काॅलेज हैं तथा उसके बाद भी स्नातक की डिग्री यहां के विद्यार्थियों की पहुंच से दूर है।
आर्थिक रूप से संपन्न अभिभावक अपनी बच्चों को बाहर भेज कर अध्ययन कराते हैं। वहीं कुछ निजी संस्थानों से शिक्षा दिला रहे हैं। इसके विपरीत गरीब छात्र राजकीय महाविद्यालय न होने के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह रहे हैं। मेधावी होने के बाद भी उनका भविष्य चौपट हो रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए क्षेत्र के लोगों द्वारा सरकारी डिग्री काॅलेज को लेकर जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन उसके बाद भी कोई सुनने वाला नहीं है।
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हर वर्ष पांच सौ से ज्यादा विद्यार्थी इंटर पास करते हैं
इस विकास खंड में औसतन हर वर्ष पांच सौ से अधिक विद्यार्थी इंटर की परीक्षा में सफल होते हैं। राजकीय डिग्री कॉलेज न रहने और आर्थिक तंगी के कारण में कई विद्यार्थी पढ़ाई छोड़ देते हैं। ग्रामीण सोनू चौबे, सिद्धू झा, राजेश प्रताप सिंह, नागेंद्र कुमार चौधरी, रिंकू राय, सतीश मिश्रा आदि ने कहा कि क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय खुल जाए तो छात्रों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने में आसानी रहेगी। साथ ही उच्च शिक्षा के लिए बाहर की तरफ रुख नहीं करना पड़ेगा। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से इस दिशा में पहल करने की अपील की है।
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विकास खंड क्षेत्र में 71 ग्राम पंचायतें हैं। इसमें लगभग तीन लाख की आबादी निवास करती है। हर घर से लगभग एक छात्र इंटरमीडिएट की पढ़ाई करने के बाद स्नातक की पढ़ाई शुरू करने में सोचने को मजबूर होता है। उसका कारण यह है कि अभी तक विकास खंड क्षेत्र में कोई भी राजकीय डिग्री कॉलेज नहीं है। जबकि क्षेत्र में करीब आधा दर्जन से अधिक सरकारी, गैर-सरकारी इंटर काॅलेज हैं तथा उसके बाद भी स्नातक की डिग्री यहां के विद्यार्थियों की पहुंच से दूर है।
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आर्थिक रूप से संपन्न अभिभावक अपनी बच्चों को बाहर भेज कर अध्ययन कराते हैं। वहीं कुछ निजी संस्थानों से शिक्षा दिला रहे हैं। इसके विपरीत गरीब छात्र राजकीय महाविद्यालय न होने के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह रहे हैं। मेधावी होने के बाद भी उनका भविष्य चौपट हो रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए क्षेत्र के लोगों द्वारा सरकारी डिग्री काॅलेज को लेकर जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन उसके बाद भी कोई सुनने वाला नहीं है।
हर वर्ष पांच सौ से ज्यादा विद्यार्थी इंटर पास करते हैं
इस विकास खंड में औसतन हर वर्ष पांच सौ से अधिक विद्यार्थी इंटर की परीक्षा में सफल होते हैं। राजकीय डिग्री कॉलेज न रहने और आर्थिक तंगी के कारण में कई विद्यार्थी पढ़ाई छोड़ देते हैं। ग्रामीण सोनू चौबे, सिद्धू झा, राजेश प्रताप सिंह, नागेंद्र कुमार चौधरी, रिंकू राय, सतीश मिश्रा आदि ने कहा कि क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय खुल जाए तो छात्रों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने में आसानी रहेगी। साथ ही उच्च शिक्षा के लिए बाहर की तरफ रुख नहीं करना पड़ेगा। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से इस दिशा में पहल करने की अपील की है।
