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UP: 'तीन माह का बेटा...तीन साल पहले हुई शादी', दिन में कई बार बदला ससुराल जाने का प्लान; मांझे से गला कटकर मौत

अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 24 Oct 2025 03:18 PM IST
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सार

चीनी मांझा लोगों की जान का दुश्मन बना हुआ है। प्रतिबंध के बावजूद मांझे की खुलेआम बिक्री हो रही है। बृहस्पतिवार को चीनी मांझे ने भाईदूज पर ससुराल जा रहे कांट के नगला जाजू गांव निवासी रवि शर्मा की जान ले ली। इससे पहले जनवरी में चीनी मांझा एक पुलिसकर्मी की जान भी ले चुका है। 

man died after his manja got stuck in his neck while going to his in-laws house on Bhai Dooj In Shahjahanpur
भाई दूज पर ससुराल जाते युवक के गले में फंसा मांझा, मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

लखनऊ हाईवे पर हांडा कॉलोनी फ्लाईओवर के नजदीक बृहस्पतिवार दोपहर गले में चाइनीज मांझा फंसने से बाइक चालक कांट थाना क्षेत्र के गांव नगलाजाजू के रवि शर्मा (25) की मौत हो गई। हेलमेट भी मांझे से बचाव नहीं कर पाया और गर्दन रेत दी। रवि भाई दूज पर पत्नी मोनी को लेकर उनके मायके जा रहे थे।
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राजमिस्त्री का काम करने वाले रवि की पत्नी मोनी का मायका लखीमपुर खीरी के थाना मोहम्मदी क्षेत्र के गांव शंकरपुर में है। उनके साथ दूसरी बाइक पर तिलहर के लखुआ गांव निवासी उनके साढ़ू विनोद व बड़ी साली जूली भी वहीं जा रहे थे। 
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रवि की बाइक आगे थी। करीब एक बजे जब वह हांडा कॉलोनी फ्लाईओवर से नीचे उतरे, तभी मांझा उनके गले में अटक गया और गहरा घाव हो गया। खून की तेज धार बहने लगी और वह पत्नी और बाइक समेत हाईवे पर गिर गए और तड़पने लगे।

पीछे आते साढ़ू विनोद रुके और खून से लथपथ रवि और बेहाल हुईं मोनी को संभाला। राहगीरों की सूचना पर पहुंची रोजा थाना पुलिस ने आनन-फानन घायल रवि को एंबुलेंस से राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा। वहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मांझा ले रहा जान ...हर मौत के बाद होती है अभियान चलाने की सिर्फ रस्म अदायगी
चीनी मांझा लोगों की जान का दुश्मन बना हुआ है। प्रतिबंध के बावजूद मांझे की खुलेआम बिक्री हो रही है। बृहस्पतिवार को चीनी मांझे ने भाईदूज पर ससुराल जा रहे कांट के नगला जाजू गांव निवासी रवि शर्मा की जान ले ली। इससे पहले जनवरी में चीनी मांझा एक पुलिसकर्मी की जान भी ले चुका है। प्रशासन कुछ दिन अभियान चलाता है लेकिन बाद में सब ठप पड़ जाता है। इससे लोगों में नाराजगी है।
 

जनवरी में सिपाही शाहरुख की चीनी मांझे से गला कटने से मौत हो गई थी। पुलिस ने चीनी मांझे के खिलाफ अभियान चलाया था। कुछ दिन तक ही पुलिस सक्रिय नजर आई। चीनी मांझा बेचने के आरोपी पकड़े गए थे। बाद में पुलिस का अभियान सुस्त पड़ गया और चीनी मांझा कारोबारी फिर से सक्रिय हो गए। इसके बाद भी कई लोग चीनी मांझे की चपेट में आने से जख्मी हुए। रवि की मौत के बाद उनके नाते-रिश्तेदरों में नाराजगी दिखी।

प्रतिबंध के बावजूद चीनी मांझे की बिक्री, पुलों पर सर्वाधिक हादसे
चीनी मांझा प्रतिबंधित होने के बावजूद धड़ल्ले से बिकता है। मांझे को मजबूत व धारदार बनाने के लिए कांच की बारीक टुकड़ों के साथ अन्य धातुओं को पीसकर लगाया जाता है। इससे वह टूटता नहीं है। ककरा काकरकुंड स्थित मैदान पर आए दिन पतंगबाजों का जमावड़ा लगता है। सबसे ज्यादा हादसे पुल के पास ही होते हैं। पूर्व में नगर निगम ने पुलों पर जाली भी लगवाई थी। हालांकि अब भी अधिकतर पुलों पर जाली नहीं लगी है।
 

जनवरी में हुई थी सिपाही की मौत
11 जनवरी को चौक थाना क्षेत्र के अजीजगंज में अमरोहा जिले के रहने वाले बाइक सवार सिपाही शाहरुख हसन (27 वर्ष) की चीनी मांझे से गर्दन कटने से मौत हो गई थी। वह अभियोजन कार्यालय में तैनात थे। विभागीय कार्य के चलते राजकीय मेडिकल कॉलेज जा रहे थे। 30 मिनट बाद उससे थोड़ी दूरी पर एक और हादसा हो हुआ। बाइक सवार युवक के हेलमेट में चीनी मांझा फंस गया था, लेकिन जान बच गई थी। 
 

चीनी मांझे से पहले भी हादसे हो चुके हैं। दो वर्ष पूर्व एक कंपनी के कर्मचारी की गर्रा फाटक के पास मांझे से गर्दन कट गई थी तो कैंट क्षेत्र में एक युवक की अंगुली कट गई थी। इसके अलावा एसपी के पीआरओ इश्तियाक अहमद भी मांझे की चपेट में आ गए थे। एक एमआर जख्मी हो गया था।
 

दिन में कई बार बदला ससुराल जाने का प्लान
रवि शर्मा का बेटा अभी तीन माह का है, इसलिए भाई दूज पर दिन में कई बार उसका ससुराल जाने का प्लान बना और बदला। 12 बजे रवि ने पत्नी मोनी को ससुराल जाने से मना कर दिया और वह घरेलू कामकाज में लग गया। जब दोपहर करीब साढ़े बारह बजे उसका साढ़ू विनोद व साली आए तो उसका प्लान फिर बदल गया। 
 

वह दुधमुंहे बच्चे को परिवार वालों के पास छोड़कर शाम तक आने की बात कहते हुए पत्नी को लेकर ससुराल के लिए चल दिया। राजकीय मेडिकल कॉलेज में मोनी ने अपनी किस्मत को कोसते हुए सिर जमीन पर मारा तो पास में बैठी एक महिला ने हथेली बढ़ा दी और दूसरी महिला ने उसका सिर पकड़ लिया। इस दृश्य को देख हर कोई रो पड़ा।

मोनी का उजड़ा सुहाग, बेटे के बिखर गए सपने
रवि की शादी मोनी से तीन साल पहले हुई थी। वह तीन माह पूर्व बेटे के जन्म के बाद से काफी खुश था। सफर में बेटे को कोई परेशानी न हो इसलिए रवि बेटे को परिवार वालों के पास छोड़ ससुराल जा रहे थे, लेकिन हादसे ने उनकी जिंदगी छीन ली। परिजनों ने बताया कि रवि परिवार की रीढ़ था। उसकी मौत की खबर सुन परिजनों के अलावा गांव के लोगों की भीड़ पोस्टमॉर्टम हाउस पर पहुंची और परिवार के लोगों को संभाला।

ऊपर हाथ उठाकर बोली मां...मेरे लाल को लौटा दो
राजकीय मेडिकल कॉलेज में बेटे रवि के शव को देख मीरा देवी बिलख पड़ी। बोली- हे भगवान किस जुर्म की सजा दी। मेरे लाल को लौटा दो। गांव की महिलाओं ने मीरा देवी को संभाला। रोते-रोते कई बार बेहोश हुईं रवि की पत्नी मोनी व उनकी मां मीरा देवी को जबरदस्ती कार में बैठाकर परिवार की महिलाओं के साथ घर भेजा। परिजनों ने बताया कि रवि बड़ा था। छोटा भाई संकेत व खिलाड़ी का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
 
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