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Shahjahanpur News: कुत्तों की नसबंदी तक सीमित नगर निगम... शेल्टर होम के लिए जगह नहीं तलाश सके

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 25 May 2026 01:32 AM IST
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Municipal Corporation Limited to Dog Sterilization... Unable to Locate Space for Shelter Homes
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शाहजहांपुर। सार्वजनिक स्थानों से कुत्तों को हटाने के सुप्रीमकोर्ट के सख्त आदेशों के बावजूद अब तक धरातल पर असर नजर नहीं आया है। नगर निगम की कार्रवाई केवल कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी तक सीमित है। शेल्टर होम के लिए तीन महीने में जगह नहीं तलाशी जा सकी है। इस वजह से सार्वजनिक स्थानों पर कुत्ते खतरा बने हुए हैं।

नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी ने बताया कि शेल्टर होम के लिए जगह तलाश की जा रही है। कुछ स्थान देखे गए हैं लेकिन वहां तकनीकी दिक्कत के कारण फाइनल नहीं किया जा सका है। जल्द ही शेल्टर होम के लिए जगह तलाश ली जाएगी।
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शासन के निर्देशों के अनुसार कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में एबीसी सेंटर में कुत्तों की नसबंदी का कार्य किया जा रहा है।शेल्टर होम बनने के बाद कुत्तों को पकड़कर वहां रखा जाएगा।
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- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम

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बढ़ती गर्मी के साथ बदल रहा कुत्तों का व्यवहार...आक्रामकता हो रही हावी

शाहजहांपुर। भीषण गर्मी और खाने-पीने का संकट कुत्तों को आक्रामक बना रहा है। पशु चिकित्सक बताते हैं कि कैंट, बरेली मोड़ और ककरा इलाके के कुत्तों में रैबीज फैले होने जैसा संदेह हैं। सियार या अन्य जंगली जानवर के काटने पर लावारिस कुत्तों में रैबीज फैलता है। निगोही के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके सिंह बताते हैं कि कुत्ते आमतौर पर झुंड में होने पर हमला करते हैं। वैक्सीनेशन नहीं होने पर यह फैलता जाता है। संवाद
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दो तरह के होते हैं रैबीज से ग्रस्त कुत्ते



रैबीज से ग्रस्त कुत्ते दो तरह के होते हैं। पहली स्थिति में कुत्ता आक्रामक हो जाता है। दूसरे में वह शांत रहता है। मुंह से कुछ चबा नहीं पाता है और स्लाइवा अधिक गिरता है। गर्मी के असर से भी कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं।



- डॉ.अर्पण, पशु चिकित्सक



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सभी कुत्ते आक्रामक नहीं होते हैं। कुछ कुत्तों के व्यवहार में बदलाव होने के कारण वह खूंखार हो जाते हैं। झुंड में होने पर भी कुत्ते हमला कर देते हैं।
- डॉ.राजेंद्र गंगवार, सीवीओ
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मेडिकल कॉलेज में एआरवी लगती नहीं...पीएचसी में स्टॉक खत्म, भटक रहे लोग

शाहजहांपुर। भीषण गर्मी में आक्रामक हुए कुत्ते-बंदरों के काटने के बाद शहर के लोगों को एआरवी (एंटी रैबीज वैक्सीन) लगवाने के लिए भटकना पड़ रहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में एआरवी लगाने का इंतजाम नहीं है। वहीं, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्टॉक खत्म होने से मरीजों को लौटाया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण इलाकों में सीएचसी-पीएचसी और शहर में पुराना जिला अस्पताल स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलीकोठी में एआरवी लगवाने के लिए व्यवस्था की है। शहर के लोग पीएचसी जलीकोठी में आते हैं। पिछले 15 दिन से यहां पर एआरवी का स्टाक खत्म हो गया है। एसीएमओ डॉ. पीपी श्रीवास्तव ने बताया कि सीएचसी और पीएचसी पर एआरवी व एंटी रैबीज सीरम उपलब्ध है। शहरी स्वास्थ्य केंद्र का बजट खत्म होने के चलते यहां लगना बंद हो गई थी। दूसरी सीएचसी से मंगाकर यहां व्यवस्था कराई गई है।
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गर्मी में शहरी क्षेत्र के कुत्तों से ज्यादा सावधानी जरूरी
शाहजहांपुर। डॉग लवर पंकज बाथम बताते हैं कि सर्दी के मुकाबले गर्मी में कुत्तों से विशेष तौर पर सावधान रहने की जरूरत होती है। शहरी क्षेत्र में कुत्तों को ठंडक वाला माहौल नहीं मिलता लेकिन गांव में तालाब, खेत या बाग में उन्हें ठंडक मिलती है। उन्होंने बताया कि शनिवार को ही खिरनीबाग में महिला व उसकी बच्ची को कुत्ते ने कई जगह पर काट लिया था। उन्होंने अपने साथियों के साथ किसी तरह मां-बेटी को बचाया। संवाद
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बरेली मोड़, कैंट और ककरा के कुत्ते खूंखार



शाहजहांपुर। गर्मी बढ़ने के साथ ही कुत्ते आक्रामक होने लगे हैं। बरेली मोड़, कैंट और ककरा इलाके के कुत्ते सबसे ज्यादा खूंखार हो गए हैं। ये बच्चों से लेकर बड़ों तक को निशाना बना रहे हैं।



नगर के बहादुरगंज, सब्जी मंडी, खिरनीबाग, शहीद पार्क, बिजलीपुरा, लोधीपुर, जलालनगर, चमकनी करबला समेत तमाम स्थानों पर कुत्तों के झुंड लोगों के लिए मुसीबत बन रहे हैं। सबसे ज्यादा समस्या उन इलाकों में है जहां आसपास पोल्ट्री फार्म है या मीट की दुकानें हैं। शहर के बहादुरगंज में मीट की दुकानों के आसपास के कुत्ते भी लोगों पर झपट पड़ते हैं। संवाद



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मंत्री ने अधिकारियों को किया निर्देशित

शाहजहांपुर। बालिका की मौत होने के बाद वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने नगर निगम के अधिकारियों को खतरनाक कुत्तों को पकड़ने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि खूंखार कुत्तों को अस्थायी शेल्टर होम में रखा जाए। इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। अभियान चलाकर कुत्ते पकड़े जाएं। संवाद
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प्रमुख घटनाएं

चार जनवरी 2026 : मीरानपुर कटरा के भोजपुर निवासी सात वर्षीय गौतम को घर के बाहर खेलते समय कुत्तों के झुंड ने कई जगह काटकर घायल कर दिया। परिजनों ने कुत्तों को भगाया।

पांच मार्च 2026 : मीरानपुर कटरा के सालपुर नवदिया गांव के राजवीर सिंह के पुत्र देव को कुत्ते ने काटकर घायल कर दिया।

आठ मई 2026 : खुदागंज के अकबरी गांव में मुनासिब के सात वर्षीय बेटे हैदर अली को कुत्तों के झुंड ने काटकर घायल कर दिया।

तीन अप्रैल 2025 : पुवायां क्षेत्र के चटियापुर गांव के सुरजीत के चार वर्षीय बेटे को कुत्ते ने कई जगह काट लिया। उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

आठ जनवरी 2025 : निगोही के गांव रतूली में कुत्ते ने छह लोगों को काटकर घायल कर दिया।

16 अप्रैल 2022 : शहर के मोहल्ला महमंद जलालनगर निवासी सर्वेंद्र प्रताप सिंह की बेटी को पड़ोसी के कुत्ते ने काट लिया। इससे पहले वह उनके एक वर्षीय बेटे को भी काट चुका था।
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