{"_id":"6a7a33660b5fdf1ced0be45a","slug":"shahjahanpur-immersed-in-devotion-to-lord-shiva-chants-of-har-har-mahadev-resounded-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-181398-2026-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: शिवमय हुआ शाहजहांपुर, गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: शिवमय हुआ शाहजहांपुर, गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे
विज्ञापन
जलालाबाद बरेली हाइवे पर खड़े रोके गये भारी वाहन। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहजहांपुर। सावन के दूसरे सोमवार पर जिलेभर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर होते ही शिवालयों के कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं की कतार लग गईं। ओम नम: शिवाय और हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर बेलपत्र, भांग, धतूरा और पुष्प अर्पित किए। मंदिरों में भीड़ को देखते हुए पुलिस तैनात रही और कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था कराई गई।
स्नान के बाद तड़के ही श्रद्धालु शहर के बाबा विश्वनाथ मंदिर पहुंचने लगे। यहां शिवार्चन के लिए लंबी कतार लग गई। व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेजें लगाकर श्रद्धालुओं को कतार में खड़ा कराया गया। बाबा के दर्शन और जल अर्पित करने के लिए श्रद्धालुओं को इंतजार करना पड़ा, लेकिन आस्था के आगे इंतजार छोटा पड़ गया। संकट मोचन और चौकसी नाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। सिंधौली के बाबा त्रिलोकीनाथ धाम में भी दर्शन-पूजन के लिए लंबी लाइन लगी रही।
ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालय भी सुबह से ही श्रद्धालुओं से गुलजार रहे। खुदागंज के प्रसिद्ध महादेवन मंदिर में भोर से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह नौ बजे तक मंदिर परिसर में भीड़ बढ़ गई और लोगों को कतार में लगकर दर्शन करने पड़े। श्रद्धालुओं ने गंगाजल और दूध से भोलेनाथ का अभिषेक कर बेलपत्र चढ़ाए और मनौतियां मानी।
विज्ञापन
उधर, कांवड़ यात्रा मार्गों पर भी सुबह से शाम तक शिवभक्तों का रेला नजर आया। कंधे पर कांवड़ रखे पैदल श्रद्धालुओं और वाहनों से गोला गोकर्णनाथ जाने वाले कांवड़ियों के जयकारों से हाईवे गूंजते रहे। रविवार रात से ही कांवड़ियों की संख्या बढ़ने लगी थी। बड़ी संख्या में डाक कांवड़ के श्रद्धालु भी यात्रा पर निकले।
कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने रूट डायवर्जन सख्ती से लागू किया। बरेली-फर्रुखाबाद और शाहजहांपुर हाईवे पर संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। कोला मोड़ से याकूबपुर तिराहे तक हाईवे का करीब एक किलोमीटर हिस्सा भगवामय नजर आया। रूट डायवर्जन मंगलवार सुबह तक लागू रहेगा।
--
पवित्र गोमती की जलधारा में विराजमान हैं सुनासीरनाथ
देवकली। बंडा-खुटार मार्ग स्थित सुनासीरनाथ धाम की अलग ही मान्यता है। यहां भोलेनाथ पवित्र गोमती नदी की जलधारा के बीच विराजमान हैं। सामान्य दिनों में श्रद्धालु नदी के बीच पहुंचकर शिवलिंग की पूजा करते हैं, लेकिन इस समय जलस्तर बढ़ा होने के कारण तट से ही बेलपत्र और पूजन सामग्री अर्पित कर रहे हैं। पुजारी सर्वेश गिरि के अनुसार किवदंती है कि गौतम ऋषि के शाप से मुक्ति के लिए इंद्रदेव ने गोमती की धारा के बीच शिवलिंग की स्थापना की थी। तभी से इस स्थान को सुनासीरनाथ के नाम से जाना जाता है। संवाद
विज्ञापन
स्नान के बाद तड़के ही श्रद्धालु शहर के बाबा विश्वनाथ मंदिर पहुंचने लगे। यहां शिवार्चन के लिए लंबी कतार लग गई। व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेजें लगाकर श्रद्धालुओं को कतार में खड़ा कराया गया। बाबा के दर्शन और जल अर्पित करने के लिए श्रद्धालुओं को इंतजार करना पड़ा, लेकिन आस्था के आगे इंतजार छोटा पड़ गया। संकट मोचन और चौकसी नाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। सिंधौली के बाबा त्रिलोकीनाथ धाम में भी दर्शन-पूजन के लिए लंबी लाइन लगी रही।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालय भी सुबह से ही श्रद्धालुओं से गुलजार रहे। खुदागंज के प्रसिद्ध महादेवन मंदिर में भोर से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह नौ बजे तक मंदिर परिसर में भीड़ बढ़ गई और लोगों को कतार में लगकर दर्शन करने पड़े। श्रद्धालुओं ने गंगाजल और दूध से भोलेनाथ का अभिषेक कर बेलपत्र चढ़ाए और मनौतियां मानी।
विज्ञापन
उधर, कांवड़ यात्रा मार्गों पर भी सुबह से शाम तक शिवभक्तों का रेला नजर आया। कंधे पर कांवड़ रखे पैदल श्रद्धालुओं और वाहनों से गोला गोकर्णनाथ जाने वाले कांवड़ियों के जयकारों से हाईवे गूंजते रहे। रविवार रात से ही कांवड़ियों की संख्या बढ़ने लगी थी। बड़ी संख्या में डाक कांवड़ के श्रद्धालु भी यात्रा पर निकले।
कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने रूट डायवर्जन सख्ती से लागू किया। बरेली-फर्रुखाबाद और शाहजहांपुर हाईवे पर संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। कोला मोड़ से याकूबपुर तिराहे तक हाईवे का करीब एक किलोमीटर हिस्सा भगवामय नजर आया। रूट डायवर्जन मंगलवार सुबह तक लागू रहेगा।
पवित्र गोमती की जलधारा में विराजमान हैं सुनासीरनाथ
देवकली। बंडा-खुटार मार्ग स्थित सुनासीरनाथ धाम की अलग ही मान्यता है। यहां भोलेनाथ पवित्र गोमती नदी की जलधारा के बीच विराजमान हैं। सामान्य दिनों में श्रद्धालु नदी के बीच पहुंचकर शिवलिंग की पूजा करते हैं, लेकिन इस समय जलस्तर बढ़ा होने के कारण तट से ही बेलपत्र और पूजन सामग्री अर्पित कर रहे हैं। पुजारी सर्वेश गिरि के अनुसार किवदंती है कि गौतम ऋषि के शाप से मुक्ति के लिए इंद्रदेव ने गोमती की धारा के बीच शिवलिंग की स्थापना की थी। तभी से इस स्थान को सुनासीरनाथ के नाम से जाना जाता है। संवाद

जलालाबाद बरेली हाइवे पर खड़े रोके गये भारी वाहन। संवाद

जलालाबाद बरेली हाइवे पर खड़े रोके गये भारी वाहन। संवाद

जलालाबाद बरेली हाइवे पर खड़े रोके गये भारी वाहन। संवाद