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Shahjahanpur News: साइबर अपराध से बचाव के समझे तरीके, साथ ही समझी हेल्पलाइन की उपयोगिता
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अमर उजाला की ओर से महिला थाने में आयोजित दोस्त पुलिस कार्यक्रम में उपस्थित छात्राएं। संवाद
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शाहजहांपुर। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित दोस्त पुलिस कार्यक्रम के तहत बुधवार को गुरुनानक पाठशाला कन्या हाईस्कूल की छात्राओं ने महिला थाने का भ्रमण किया। उन्होंने पुलिस से महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर की जानकारी ली, साथ ही पुलिस के काम करने का तरीका भी जाना। उपनिरीक्षक ने बताया कि जरूरत पड़ने पर डायल 112 पर कॉल करें, तुरंत ही मदद पहुंचेगी। इस दौरान करीब 25 छात्राएं मौजूद रहीं।
दोपहर 12 बजे महिला थाने पहुंचीं छात्राओं को उपनिरीक्षक ओमपाल ने साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का प्रयोग करते समय काफी सावधानी बरतें।
अन्जान व्यक्ति की वीडियोकॉल को रिसीव नहीं करें। उन्होंने किसी से ओटीपी शेयर नहीं करने पर जोर दिया। कहा कि पुलिस कभी भी ऑनलाइन कार्रवाई नहीं करती है। खुद जागरूक होने के साथ दूसरों को भी सावधान करें। इसके बाद छात्राओं को महिला हेल्पडेस्क की जानकारी दी गई।
बताया कि यहां पर पीड़ित महिलाओं के प्रार्थनापत्र लिए जाते हैं। इसके बाद ड्यूटी अधिकारी के पास प्रार्थना पत्र भेजते हैं। दोनों पक्षों को बुलाकर उनके बीच वार्ता कराकर समझौते का प्रयास किया जाता है। अगर समझौता नहीं होता है तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाती है।
ओमपाल ने छात्राओं को कंप्यूटर कक्ष भी दिखाया। वहां पर एफआईआर दर्ज करने का तरीका बताया। इस बीच मिशन शक्ति केंद्र को भी छात्राओं ने देखा। शिक्षिका पूनम सिंह मौजूद रहीं।
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दोपहर 12 बजे महिला थाने पहुंचीं छात्राओं को उपनिरीक्षक ओमपाल ने साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का प्रयोग करते समय काफी सावधानी बरतें।
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अन्जान व्यक्ति की वीडियोकॉल को रिसीव नहीं करें। उन्होंने किसी से ओटीपी शेयर नहीं करने पर जोर दिया। कहा कि पुलिस कभी भी ऑनलाइन कार्रवाई नहीं करती है। खुद जागरूक होने के साथ दूसरों को भी सावधान करें। इसके बाद छात्राओं को महिला हेल्पडेस्क की जानकारी दी गई।
बताया कि यहां पर पीड़ित महिलाओं के प्रार्थनापत्र लिए जाते हैं। इसके बाद ड्यूटी अधिकारी के पास प्रार्थना पत्र भेजते हैं। दोनों पक्षों को बुलाकर उनके बीच वार्ता कराकर समझौते का प्रयास किया जाता है। अगर समझौता नहीं होता है तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाती है।
ओमपाल ने छात्राओं को कंप्यूटर कक्ष भी दिखाया। वहां पर एफआईआर दर्ज करने का तरीका बताया। इस बीच मिशन शक्ति केंद्र को भी छात्राओं ने देखा। शिक्षिका पूनम सिंह मौजूद रहीं।
