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Siddharthnagar News: बेबस किशोर...15 घंटे बाद हेलिकॉप्टर से आई उम्मीद की डोरा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 04 May 2026 01:40 AM IST
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सिद्धार्थनगर। नगर के कांशीराम आवास कॉलोनी के पास जर्जर पानी की टंकी पर शनिवार दोपहर से फंसे दो किशोरों को 15 घंटे के लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित उतार लिया गया।
रातभर जद्दोजहद और रेस्क्यू की तमाम कोशिशें बेकार रहीं, जिसके बाद सुबह सेना के हेलीकॉप्टर की मदद से पवन (17) और कल्लू (17) को नीचे उतारा गया। शनिवार की दोपहर हुए इस हादसे में सिद्धार्थ (13) की मौत हो गई थी। वहीं, गोलू (14) और सनी (11) गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार दोपहर करीब दो बजे की है। कांशीराम आवास कॉलोनी के पास बनी पानी की टंकी की जर्जर सीढ़ी अचानक भरभराकर गिर गई। इससे टंकी से उतर रहे सिद्धार्थ, गोलू और सनी नीचे गिर गए। इसे देख क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
घायल को स्थानीय लोगों ने तत्काल माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने सिद्धार्थनगर के झूलनीपुर मोहना निवासी सिद्धार्थ (13) पुत्र धर्मेंद्र को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि सदर क्षेत्र के शास्त्री नगर निवासी गोलू (14) पुत्र चंद्रेश और कांशीराम आवास निवासी सनी (11) पुत्र बरसाती का उपचार जारी है।
हादसे के वक्त पवन (17) पुत्र मिथलेश और कल्लू (17) पुत्र जमीरुद्दीन टंकी के ऊपरी हिस्से में फंस गए। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन ने उन्हें नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए। देर शाम गोरखपुर से हाइड्रोलिक सीढ़ी युक्त दमकल की गाड़ी मंगाई गई, लेकिन टंकी के चारों ओर जलभराव और दलदल जैसे हालात होने की वजह से मौके तक वाहन नहीं पहुंच सका।
किशोरों को उतारने के लिए रात करीब एक बजे तक लगातार प्रयास जारी रहे। कच्ची सड़क बनाई गई, गिट्टी डालकर समतल करने की कोशिशें हुईं, लेकिन रेस्क्यू करने पहुंची गाड़ी टंकी के पास तक नहीं पहुंच की, जिसकी वजह से देर रात एक बजे काफी अंधेरा, खराब मौसम और बारिश के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा।
इसके बाद प्रशासन ने राहत आयुक्त से संपर्क कर सेना की मदद मांगी। रविवार सुबह करीब 5:20 बजे सेना का हेलीकॉप्टर मौके पर पहुंचा। जवानों ने जोखिम भरे अभियान में एक-एक कर दोनों किशोरों को सुरक्षित बाहर निकाला और गोरखपुर ले जाकर चिकित्सकीय परीक्षण कराया। बाद में दोनों को परिजनों को सौंप दिया गया। करीब 15 घंटे तक चले इस रेस्क्यू के दौरान टंकी पर फंसे दोनों किशोरों के लिए हर पल भारी रहा, वहीं परिजनों की सांसें अटकी रहीं। सफल रेस्क्यू के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।न
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रातभर जद्दोजहद और रेस्क्यू की तमाम कोशिशें बेकार रहीं, जिसके बाद सुबह सेना के हेलीकॉप्टर की मदद से पवन (17) और कल्लू (17) को नीचे उतारा गया। शनिवार की दोपहर हुए इस हादसे में सिद्धार्थ (13) की मौत हो गई थी। वहीं, गोलू (14) और सनी (11) गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार दोपहर करीब दो बजे की है। कांशीराम आवास कॉलोनी के पास बनी पानी की टंकी की जर्जर सीढ़ी अचानक भरभराकर गिर गई। इससे टंकी से उतर रहे सिद्धार्थ, गोलू और सनी नीचे गिर गए। इसे देख क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
घायल को स्थानीय लोगों ने तत्काल माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने सिद्धार्थनगर के झूलनीपुर मोहना निवासी सिद्धार्थ (13) पुत्र धर्मेंद्र को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि सदर क्षेत्र के शास्त्री नगर निवासी गोलू (14) पुत्र चंद्रेश और कांशीराम आवास निवासी सनी (11) पुत्र बरसाती का उपचार जारी है।
हादसे के वक्त पवन (17) पुत्र मिथलेश और कल्लू (17) पुत्र जमीरुद्दीन टंकी के ऊपरी हिस्से में फंस गए। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन ने उन्हें नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए। देर शाम गोरखपुर से हाइड्रोलिक सीढ़ी युक्त दमकल की गाड़ी मंगाई गई, लेकिन टंकी के चारों ओर जलभराव और दलदल जैसे हालात होने की वजह से मौके तक वाहन नहीं पहुंच सका।
किशोरों को उतारने के लिए रात करीब एक बजे तक लगातार प्रयास जारी रहे। कच्ची सड़क बनाई गई, गिट्टी डालकर समतल करने की कोशिशें हुईं, लेकिन रेस्क्यू करने पहुंची गाड़ी टंकी के पास तक नहीं पहुंच की, जिसकी वजह से देर रात एक बजे काफी अंधेरा, खराब मौसम और बारिश के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा।
इसके बाद प्रशासन ने राहत आयुक्त से संपर्क कर सेना की मदद मांगी। रविवार सुबह करीब 5:20 बजे सेना का हेलीकॉप्टर मौके पर पहुंचा। जवानों ने जोखिम भरे अभियान में एक-एक कर दोनों किशोरों को सुरक्षित बाहर निकाला और गोरखपुर ले जाकर चिकित्सकीय परीक्षण कराया। बाद में दोनों को परिजनों को सौंप दिया गया। करीब 15 घंटे तक चले इस रेस्क्यू के दौरान टंकी पर फंसे दोनों किशोरों के लिए हर पल भारी रहा, वहीं परिजनों की सांसें अटकी रहीं। सफल रेस्क्यू के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।न
