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Siddharthnagar News: संवेदनशील स्थल पर होगा पक्का निर्माण, दबाव में नहीं टूटेगी नहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 13 Jun 2026 12:43 AM IST
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चिल्हिया। शोहरतगढ़ क्षेत्र के बानगंगा नहर की केसरा-भावपुर माइनर की मरम्मत और उसे पक्का करने का काम शुरू हुआ। टूटने वाले संवेदनशील स्थानों पर पक्का निर्माण किया जा रहा है, जिससे पानी के दबाव के बाद टूटने से होने वाली फसलों के नुकसान को रोका जा सके।
नगर और उससे निकले माइनर में कई ऐसे स्थान हैं, जहां पर टूटता है और भारी नुकसान होता है। अब इससे काफी राहत मिलने की उम्मीद है। बानगंगा नहर से कई शाखाएं निकलीं हुई हैं और हजारों एकड़ फसल की सिंचाई इसी पर निर्भर है। इसमें मुख्य नहर के अलावा कई माइनर में ऐसी जगह हैं, जहां हमेशा टूटने का खतरा बना हुआ है। इससे इन दिनों तेजी से चल रहा है।
माइनर के किनारों और ढालू दीवारों को मजबूत बनाने के लिए ईंटों की सोलिंग की जा रही है और साथ ही उस पर सीमेंट-कंक्रीट के प्लास्टर का काम भी प्रगति पर है। इस माइनर के पक्का हो जाने से पानी के रिसाव की समस्या दूर होगी, जिससे टेल (अंतिम छोर) पर स्थित खेतों तक भी बिना किसी बाधा के पर्याप्त पानी पहुंच सकेगा।
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स्थानीय ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि पहले भी माइनर को पक्की किया गया था लेकिन जर्जर होने के कारण पानी का बर्बादी अधिक होती थी और अंतिम छोर के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाता था। क्षेत्र के अनिल चौधरी, मंजूर अली, सज्जाद अली, पिंकू ने खुशी जाहिर की।
सिंचाई विभाग के जेई राधेश्याम ने बताया कि माइनर टूटने वाले संवेदनशील स्थल पर काम हो रहा है। यहां पहले भी काम हुआ था। बीच में जगह-जगह लीकेज होने से यह टूट गया था। े
नगर और उससे निकले माइनर में कई ऐसे स्थान हैं, जहां पर टूटता है और भारी नुकसान होता है। अब इससे काफी राहत मिलने की उम्मीद है। बानगंगा नहर से कई शाखाएं निकलीं हुई हैं और हजारों एकड़ फसल की सिंचाई इसी पर निर्भर है। इसमें मुख्य नहर के अलावा कई माइनर में ऐसी जगह हैं, जहां हमेशा टूटने का खतरा बना हुआ है। इससे इन दिनों तेजी से चल रहा है।
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माइनर के किनारों और ढालू दीवारों को मजबूत बनाने के लिए ईंटों की सोलिंग की जा रही है और साथ ही उस पर सीमेंट-कंक्रीट के प्लास्टर का काम भी प्रगति पर है। इस माइनर के पक्का हो जाने से पानी के रिसाव की समस्या दूर होगी, जिससे टेल (अंतिम छोर) पर स्थित खेतों तक भी बिना किसी बाधा के पर्याप्त पानी पहुंच सकेगा।
स्थानीय ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि पहले भी माइनर को पक्की किया गया था लेकिन जर्जर होने के कारण पानी का बर्बादी अधिक होती थी और अंतिम छोर के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाता था। क्षेत्र के अनिल चौधरी, मंजूर अली, सज्जाद अली, पिंकू ने खुशी जाहिर की।
सिंचाई विभाग के जेई राधेश्याम ने बताया कि माइनर टूटने वाले संवेदनशील स्थल पर काम हो रहा है। यहां पहले भी काम हुआ था। बीच में जगह-जगह लीकेज होने से यह टूट गया था। े