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कोयला संकट : लैंको में लोड कम करने की नौबत तो अनपरा परियोजना की हालत खस्ता

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 17 May 2022 10:54 PM IST
Coal crisis: Anpara project is in poor condition while load is reduced in Lanco
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प्रदेश को सबसे सस्ते दर पर बिजली मुहैया कराने वाली निजी क्षेत्र की लैंको व निगम की अनपरा परियोजना में कोयले का अभूतपूर्व संकट उत्पन्न हो गया है। आलम यह है कि लैंको परियोजना में जहां कोयले के अभाव में इकाइयों का लोड कम करने की नौबत आ गई है। वहीं दिन-प्रतिदिन निगम की सबसे बड़ी अनपरा परियोजना की हालत खस्ता होती जा रही है।

पिछले दो माह से बिजली घरों में व्याप्त कोयले की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही। रेल रैक के अभाव में खदानों के मुहाने पर स्थित बिजली घरों को सिर्फ एमजीआर मेरी गो राउंड रैक से ही कोयले की आपूर्ति हो पा रही है। ऐसी स्थिति में परियोजनाओं को उनकी दैनिक आवश्यकता से आधे से भी कम कोयला मिल पा रहा है। परिणामस्वरूप कम होते-होते लैंको में जहां आधे दिन का भी कोयले का स्टॉक नहीं रह गया है। वहीं अनपरा परियोजना में दो दिन से भी कम का स्टॉक बचा है। प्रदेश में बिजली की मांग में वृद्धि के कारण इकाइयों के लगातार फुल लोड पर संचालित किए जाने से अनपरा परियोजना का स्टॉक भी लगातार कम हो रहा है। यह वह परियोजनाएं हैं जो निगम को सबसे सस्ती बिजली देती हैं। अनपरा की इकाइयों से निगम को सवा दो से सवा तीन रुपये प्रति यूनिट बिजली मिलती है। वहीं अन्य इकाइयों में बिजली यूनिट की दर पांच से आठ रुपये है। मौजूदा समय में बिजली की मांग बढ़ने के कारण सुचारु आपूर्ति के लिए पावर कार्पोरेशन को एनर्जी एक्सचेंज से 10 से 15 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदनी पड़ रही है।

अनपरा को 40 तो लैंको को 18 हजार एमटी कोयले की जरूरत
निगम की 2630 मेगावाट की अनपरा परियोजना में सभी इकाइयों के लोड पर रहने की स्थिति में प्रतिदिन 40 हजार एमटी कोयले की आवश्यकता पड़ती है। प्रबंधन के अनुसार इस समय परियोजना में 80 हजार एमटी से भी कम कोयले का स्टाक बचा है। सीएम ऑफिस व ऊर्जा मंत्री के सीधे हस्तक्षेप के बाद भी परियोजना को प्रतिदिन महज एक रेल रैक ही मिल पा रहा है। दूसरी तरफ 1200 मेगावाट की लैंको परियोजना की इकाइयों के फुल लोड पर संचालन की स्थिति में प्रतिदिन औसतन 18 हजार एमटी कोयले की आवश्यकता होती है जबकि परियोजना के पास महज 6 हजार एमटी कोयले का स्टॉक शेष रह गया है। परियोजना को फिलहाल एमजीआर से महज दो रैक 4 हजार एमटी ही कोयला मिल पा रहा है। परियोजना के यूनिट हेड संदीप गोस्वामी ने बताया कि यही स्थिति रही तो इकाइयों का लोड कम किया जा सकता है।
अनपरा परियोजना व लैंको के बिजली दर की स्थिति::
अनपरा ए 2.80 रु प्रति यूनिट
अनपरा बी 2.22 रु प्रति यूनिट
अनपरा डी 3.13 रु प्रति यूनिट
अनपरा सी लैंको 2.97 रु प्रति यूनिट
प्रदेश सरकार व निगम प्रबंधन के निर्देशन में कोयले की आपूर्ति बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है। कोशिश है कि भीषण गर्मी के दौर में बिजली की बढ़ी मांग के बीच किसी भी इकाई को बंद करने की नौबत न आए। - इं.आरसी श्रीवास्तव, सीजीएम, अनपरा परियोजना।

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