निगरानी: काशी सहित पांच मंडल के 100 करोड़ से बड़े प्रोजेक्ट की गुणवत्ता जांचेगा आईआईटी बीएचयू, ये है प्लान
आईआईटी बीएचयू काशी सहित पांच मंडल के 100 करोड़ से बड़े प्रोजेक्ट की गुणवत्ता को जांचेगा। संस्थान को बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी और मिर्जापुर मंडल की जिम्मेदारी दी गई है।
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आईआईटी बीएचयू पांच मंडल के 100 करोड़ रुपये से ज्यादा लागत वाली परियोजनाओं की गुणवत्ता का ऑडिट करेगा। इसमें सड़कें, पुल और सीवरेज से जुड़ीं परियोजनाएं शामिल हैं। प्रदेश सरकार की ओर से बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी और मिर्जापुर की परियोजनाओं की तकनीकी निगरानी की जिम्मेदारी संस्थान को दी गई है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने आईआईटी बीएचयू, आईआईटी कानपुर और आईआईटी रुड़की के साथ समझौता किया है।
तीनों संस्थानों के लिए प्रदेश में जोन तय कर दिए गए हैं। आईआईटी कानपुर को कानपुर, लखनऊ, बांदा, प्रयागराज, अयोध्या, आगरा, झांसी और देवीपाटन जोन और आईआईटी रुड़की को सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, मेरठ और अलीगढ़ समेत पांच डिवीजन की जिम्मेदारी दी गई है।
आईआईटी बीएचयू प्रशासन की ओर से पुष्टि की गई है कि प्रदेश सरकार और संस्थान में समझौता हुआ है। संस्थान को पांच जोन में निर्माण कार्य की तकनीकी मॉनिटरिंग करने का जिम्मा सौंपा गया है। इन मंडलों में निर्माणाधीन परियोजनाओं की तकनीकी कमियों और सुरक्षा से जुड़ी दिक्कतों का पता लगाया जाएगा। मॉनिटरिंग का ये काम निर्माण कार्य के दौरान ही होगा।
इन मानकों पर होगा ऑडिट
प्रोजेक्ट डिजाइन की जांच, निर्माण की तकनीक, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन हो रहा या नहीं और निर्माण की सुरक्षा की जांच होगी।
सड़क परिवहन मंत्रालय के साथ भी सड़क सुरक्षा के लिए समझौता
करीब तीन महीने पहले 15 मई को आईआईटी बीएचयू ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के साथ भी समझौता किया था। इसके तहत स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम, सुरक्षित सड़कों, स्वदेशी नवाचार, ग्रीन हाईवे कॉरिडोर आदि विकसित करने के लिए शोध करने पर सहमति बनी थी।