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Sonebhadra News: प्रधान की बिगड़ी तबीयत, इलाज के लिए जाते समय रास्ते में मौत, एडीओ पंचायत और सेक्रेट्री पर उत्पीड़न का आरोप, हंगामा
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जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाऊस पर मृतक महेंद्र के परिजन।संव
- फोटो : महाराज सिंह इंटर कॉलेज से पुलिस भर्ती परीक्षा देकर बाहर निकलते परीक्षार्थी।
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करमा थाना क्षेत्र के जुड़वरिया गांव के प्रधान महेंद्र (35) की तबीयत सोमवार की रात अचानक बिगड़ गई। मेडिकल कॉलेज लाए जाने पर बीएचयू रेफर कर दिया गया। वहां जाते समय रास्ते में मौत हो गई। पिता जोखन ने एडीओ पंचायत और सेक्रेट्री पर लगातार फर्जी शिकायत कराकर उत्पीड़न करने, रुपये की उगाही और रुपये के लिए बार-बार दबाव देने का आरोप लगाया। पुलिस को तहरीर भी सौंपी। उधर, प्रधानों ने इस पर नाराजगी जताते हुए करमा ब्लाॅक पर घंटों धरना दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम घोरावल आशीष तिवारी ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिया, तब प्रदर्शनकारी शांत हुए। जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनाें को सुपुर्द कर दिया गया।
जुड़वरिया प्रधान (प्रशासक) महेंद्र सोमवार को ब्लॉक से होते हुए बैंक गए थे। शाम को वह घर लौटे। कुछ देर बाद वह बाइक स्टार्ट कर कहीं जाना चाहते थे लेकिन चक्कर महसूस होने पर रुक गए। रात में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद वाराणसी रेफर कर दिया। लेकिन इलाज के लिए जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मंगलवार की सुबह मामले की जानकारी प्रभारी निरीक्षक करमा सूर्यभान को दी गई। उन्होंने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
प्रधान के पिता जोखन ने आरोप लगाया कि एडीओ पंचायत करमा और पंचायत सचिव उन्हें लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे थे। गांव के ही एक व्यक्ति से बार-बार झूठा आरोप लगवाकर आईजीआरएस पर शिकायत कराई जा रही थी। तहरीर में दावा किया गया है कि दो दिन पूर्व इस शिकायत की आड़ में प्रधान से 1.40 लाख की वसूली की गई। सोमवार को उन्हें फिर से करमा ब्लाॅक पर बुलाया गया और 60 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की गई। आरोप है कि लगातार शिकायत, दबाव व रुपये की मांग के कारण वह काफी मानसिक तनाव में थे। इसी के चलते रात में उनकी तबीयत खराब हो गई और फिर मौत हो गई।
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उधर, इस घटना से नाराज दूसरे गांवों के प्रधानों व अन्य लोगों ने करमा ब्लॉक पर धरना दिया और मामले में संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने समझा-बुझाकर मामले को शांत कराने की कोशिश की लेकिन नाराजगी जता रहे लोग एसडीएम-सीओ को मौके पर बुलाने और एडीओ पंचायत के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहे। प्रधान के शव को भी कुछ देर तक अंतिम संस्कार के लिए ले जाने से रोक दिया गया। जानकारी पाकर एसडीएम आशीष तिवारी और सीओ राहुल पांडेय करमा ब्लॉक पहुंचे। दोनों लोगों ने मामले में कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया, तब जाकर धरने पर बैठे लोग शांत हुए और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
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वर्जन--
नाराजगी जता रहे लोगों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया। मामले में जो भी आरोप थे, उसकी शिकायत ले ली गई है। प्रकरण में टीम गठित कर जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। - आशीष तिवारी, एसडीएम घोरावल।
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मामले में एडीओ पंचायत और सेक्रेट्री के खिलाफ कार्रवाई करने, तत्काल उनका ट्रांसफर करने और आईजीआरएस पर बार-बार फर्जी शिकायत करने वाले के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने की मांग की गई है। एसडीएम ने तीन दिन के भीतर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है। कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा। - विकास सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष, प्रधान संघ करमा।
जुड़वरिया प्रधान (प्रशासक) महेंद्र सोमवार को ब्लॉक से होते हुए बैंक गए थे। शाम को वह घर लौटे। कुछ देर बाद वह बाइक स्टार्ट कर कहीं जाना चाहते थे लेकिन चक्कर महसूस होने पर रुक गए। रात में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद वाराणसी रेफर कर दिया। लेकिन इलाज के लिए जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मंगलवार की सुबह मामले की जानकारी प्रभारी निरीक्षक करमा सूर्यभान को दी गई। उन्होंने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
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प्रधान के पिता जोखन ने आरोप लगाया कि एडीओ पंचायत करमा और पंचायत सचिव उन्हें लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे थे। गांव के ही एक व्यक्ति से बार-बार झूठा आरोप लगवाकर आईजीआरएस पर शिकायत कराई जा रही थी। तहरीर में दावा किया गया है कि दो दिन पूर्व इस शिकायत की आड़ में प्रधान से 1.40 लाख की वसूली की गई। सोमवार को उन्हें फिर से करमा ब्लाॅक पर बुलाया गया और 60 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की गई। आरोप है कि लगातार शिकायत, दबाव व रुपये की मांग के कारण वह काफी मानसिक तनाव में थे। इसी के चलते रात में उनकी तबीयत खराब हो गई और फिर मौत हो गई।
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नाराजगी जता रहे लोगों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया। मामले में जो भी आरोप थे, उसकी शिकायत ले ली गई है। प्रकरण में टीम गठित कर जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। - आशीष तिवारी, एसडीएम घोरावल।
मामले में एडीओ पंचायत और सेक्रेट्री के खिलाफ कार्रवाई करने, तत्काल उनका ट्रांसफर करने और आईजीआरएस पर बार-बार फर्जी शिकायत करने वाले के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने की मांग की गई है। एसडीएम ने तीन दिन के भीतर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है। कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा। - विकास सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष, प्रधान संघ करमा।