वाराणसी में दर्दनाक हादसा: डंपर की चपेट में आने से छात्रा की मौत, चार घंटे चंद्रा-बलुआ मार्ग जाम
वाराणसी में मंगलवार की सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। एक डंपर की चपेट में आकर किशोरी की मौत हो गई। वह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। घटना के बाद परिजनों व ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर मुख्य मार्ग जाम कर दिया।
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वाराणसी में चौबेपुर थाना क्षेत्र के बार्थरा कला (टड़िया) गांव निवासी राजेश कुमार की बेटी रोशनी (16) की मंगलवार सुबह डंपर की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा सरैया विशुनपुरा में पूर्व प्रधान पप्पू मिश्रा के घर के सामने हुआ। आक्रोशित ग्रामीणों ने सुबह नौ बजे चंद्रा-बलुआ मार्ग को चार घंटे तक जाम रखा। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
एसीपी विनय कुमार पांडेय, तहसीलदार प्रीति पांडेय समेत दो थानों की फोर्स पहुंची। लोगों की मांग थी कि एक करोड़ मुआवजा, पांच बीघा जमीन और सरकारी नौकरी परिवार के सदस्य को मिले। अधिकारियों के समझाने और मांग पत्र लेने के बाद चक्काजाम खत्म हुआ। थाना प्रभारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि डंपर को जब्त कर लिया गया है। चालक को हिरासत में लिया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, रोशनी श्री कच्चा बाबा इंटर कॉलेज में कक्षा नौ की छात्रा थी। मंगलवार सुबह सात बजे वह सहेलियों के साथ साइकिल से स्कूल जा रही थी। विशुनपुरा में डंपर से कुचलने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। डंपर गाजीपुर मरदह थाना क्षेत्र के निवासी सेवानिवृत्त फौजी सुशील सिंह का है। जांच में सामने आया कि इनके पास दो डंपर और चार ट्रैक्टर है। गिट्टी बालू आपूर्ति का काम वाराणसी के चंदमारी में रहकर करते है। पुलिस सुशील से पूछताछ करेगी।
उधर, घटना से आक्रोशित परिजन धरने पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया। परिजनों का आरोप था कि हादसे की जानकारी होने के बावजूद विद्यालय का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। एसीपी विनय कुमार द्विवेदी ने बताया कि चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। परिजनों के अनुसार रोशनी चार बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थी।
डंपर बे रोक टोक भरते हैं फर्राटा
पंडापुर गांव के समीप हाईवे, डुबकियां, उमरहां, चौबेपुर बाईपास रोड आदि जगहों पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। वाराणसी गाजीपुर हाईवे पर सैकड़ों डंपर तेज रफ्तार में चलते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, डंपर बाहुबलियों के हैं और बिना रोकटोक के चलते हैं।
छह महीने में दो युवतियों समेत आठ लोगों की मौत
क्षेत्र के पहाड़ियां-बलुआ मार्ग पर छह महीनों में सड़क हादसों में 8 की जान जा चुकी है। छितौनी की छात्रा रागिनी (19), गौरा कला के पूर्व प्रधान अनिल मौर्य (50), शंकरपुर निवासी संगम राजभर (45), अराजी नेवादा निवासी वकील कुमार (30), मुस्तफाबाद निवासी पंचम गुप्ता (28), मिश्रपुरा निवासी रमेश यादव समेत अन्य हैं। सरसौल-बलुआ पुल के निर्माण के बाद अब तक प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों के अनुसार पुल से बड़े वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध है, बावजूद ओवरलोड गिट्टी-बालू लदे डंपर और ट्रक बेरोकटोक आते जाते हैं।