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Bageshwar News: मानसून की पहली बारिश से बेहाल हुआ बागेश्वर जिला, 14 सड़कें बंद
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बागेश्वर। जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन और मलबा आने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार की सुबह जिले की 14 मुख्य मोटर सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद रहीं।
बंद सड़कों में कांडा-रावतसेरा-बसपटान, खातीगांव-कपूरी मार्ग, चौंरा-भैरु मार्ग, जैसर-रियूनी लखमार, कठपुड़ियाछीना मार्ग, बघर, सूपी-हरकोट, सीरी मार्ग, खड़लेख-भनार और बूंगा मोटर मार्ग शामिल हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी प्रवीण गोस्वामी ने बताया कि बंद मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी मशीनें और श्रमिक युद्धस्तर पर जुटे हैं। उन्होंने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
सुरक्षा दीवार ढही, ग्रामीणों में दहशत
कपकोट। ग्राम लीली के चुपट्टया तोक में बुधवार को हुई बारिश के बाद भूस्खलन से एक शौचालय के सामने बनी सुरक्षा दीवार ढह गई, जिससे गड्ढा क्षतिग्रस्त हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले वर्ष भी यह स्थान भूस्खलन की चपेट में आया था। तब पटवारी के निरीक्षण के बाद मनरेगा से सुरक्षा दीवार बनाने का आश्वासन मिला था, लेकिन एक साल बीतने के बाद भी प्रशासन ने सुध नहीं ली, जिससे अब पूरे शौचालय के ध्वस्त होने का खतरा मंडरा रहा है।
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कौसानी में लोनिवि के दावों की खुली पोल
कौसानी। प्रसिद्ध पर्यटन नगरी कौसानी में नालियां चोक होने से सड़कों का गंदा पानी लोगों के घरों में घुस गया है। स्थानीय निवासी हिमांशु भट्ट और रमेश जोशी के घरों में पानी घुसने से कीमती सामान और फर्नीचर खराब हो गया। पीड़ित हिमांशु ने बताया कि दो दिन पहले जेई से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस लापरवाही पर जिपं सदस्य बबलू नेगी ने लोनिवि और ठेकेदारों पर करोड़ों के खेल का आरोप लगाते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि गरुड़ से कौसानी तक सड़क सुधार के नाम पर बजट ठिकाने लगाया जा रहा है, लेकिन धरातल पर नालियां तक साफ नहीं हैं। लोनिवि के जेई शैलेश सकलानी ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही टीम को मौके पर भेजकर चोक नालियों को साफ कराने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
गरुड़ में सबसे अधिक 60 मिमी बारिश, गोमती का जलस्तर बढ़ा
जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से बुधवार सुबह आठ बजे जारी बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान गरुड़ तहसील में सर्वाधिक 60.0 मिमी मूसलाधार बारिश हुई है, जबकि कपकोट में 32.0 मिमी और बागेश्वर में 25.0 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। जिले में इस अवधि की औसत वर्षा 39.0 मिमी रही है। बारिश का असर सीधे तौर पर स्थानीय नदी-नालों और जलाशयों के जलस्तर पर देखने को मिल रहा है। जिला मुख्यालय में सरयू नदी का जलस्तर वर्तमान में 865.85 मीटर पर बना हुआ है गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नियंत्रण कक्ष के अनुसार गोमती का जलस्तर 863.60 मीटर तक पहुंच चुका है और इसमें बढ़ोतरी का रुख जारी है। दोनों नदियों के लिए खतरे का स्तर 870.70 मीटर निर्धारित है, जिस पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
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बंद सड़कों में कांडा-रावतसेरा-बसपटान, खातीगांव-कपूरी मार्ग, चौंरा-भैरु मार्ग, जैसर-रियूनी लखमार, कठपुड़ियाछीना मार्ग, बघर, सूपी-हरकोट, सीरी मार्ग, खड़लेख-भनार और बूंगा मोटर मार्ग शामिल हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी प्रवीण गोस्वामी ने बताया कि बंद मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी मशीनें और श्रमिक युद्धस्तर पर जुटे हैं। उन्होंने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
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सुरक्षा दीवार ढही, ग्रामीणों में दहशत
कपकोट। ग्राम लीली के चुपट्टया तोक में बुधवार को हुई बारिश के बाद भूस्खलन से एक शौचालय के सामने बनी सुरक्षा दीवार ढह गई, जिससे गड्ढा क्षतिग्रस्त हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले वर्ष भी यह स्थान भूस्खलन की चपेट में आया था। तब पटवारी के निरीक्षण के बाद मनरेगा से सुरक्षा दीवार बनाने का आश्वासन मिला था, लेकिन एक साल बीतने के बाद भी प्रशासन ने सुध नहीं ली, जिससे अब पूरे शौचालय के ध्वस्त होने का खतरा मंडरा रहा है।
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कौसानी में लोनिवि के दावों की खुली पोल
कौसानी। प्रसिद्ध पर्यटन नगरी कौसानी में नालियां चोक होने से सड़कों का गंदा पानी लोगों के घरों में घुस गया है। स्थानीय निवासी हिमांशु भट्ट और रमेश जोशी के घरों में पानी घुसने से कीमती सामान और फर्नीचर खराब हो गया। पीड़ित हिमांशु ने बताया कि दो दिन पहले जेई से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस लापरवाही पर जिपं सदस्य बबलू नेगी ने लोनिवि और ठेकेदारों पर करोड़ों के खेल का आरोप लगाते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि गरुड़ से कौसानी तक सड़क सुधार के नाम पर बजट ठिकाने लगाया जा रहा है, लेकिन धरातल पर नालियां तक साफ नहीं हैं। लोनिवि के जेई शैलेश सकलानी ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही टीम को मौके पर भेजकर चोक नालियों को साफ कराने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
गरुड़ में सबसे अधिक 60 मिमी बारिश, गोमती का जलस्तर बढ़ा
जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से बुधवार सुबह आठ बजे जारी बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान गरुड़ तहसील में सर्वाधिक 60.0 मिमी मूसलाधार बारिश हुई है, जबकि कपकोट में 32.0 मिमी और बागेश्वर में 25.0 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। जिले में इस अवधि की औसत वर्षा 39.0 मिमी रही है। बारिश का असर सीधे तौर पर स्थानीय नदी-नालों और जलाशयों के जलस्तर पर देखने को मिल रहा है। जिला मुख्यालय में सरयू नदी का जलस्तर वर्तमान में 865.85 मीटर पर बना हुआ है गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नियंत्रण कक्ष के अनुसार गोमती का जलस्तर 863.60 मीटर तक पहुंच चुका है और इसमें बढ़ोतरी का रुख जारी है। दोनों नदियों के लिए खतरे का स्तर 870.70 मीटर निर्धारित है, जिस पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।